DGCA ने इंडिगो पर ₹22.20 करोड़ का जुर्माना लगाया, 2500 फ्लाइट कैंसिल होने का मामला
DGCA ने दिसंबर में 2507 फ्लाइट कैंसिल और 1852 में देरी के मामले में इंडिगो पर ₹22.20 करोड़ का जुर्माना लगाया है। जांच कमेटी ने FDTL नियमों के उल्लंघन और ऑपरेशनल चूक को जिम्मेदार ठहराया है।
DGCA ने इंडिगो पर ₹22.20 करोड़ का फाइन लगाया
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो (InterGlobe Aviation) को दिसंबर 2025 में बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी के मामले में भारी जुर्माना झेलना पड़ा है। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने इंडिगो पर ₹22.20 करोड़ का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई 3 से 5 दिसंबर 2025 के बीच 2507 उड़ानों के रद्द होने और 1852 फ्लाइट्स में देरी के बाद की गई है, जिससे 3 लाख से ज्यादा यात्रियों को परेशानी हुई थी।
एयरक्राफ्ट रूल्स के तहत लगाया गया जुर्माना
DGCA ने यह जुर्माना एयरक्राफ्ट रूल्स, 1937 के रूल 133A के तहत लगाया है।
इस नियम के तहत:
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बेस जुर्माना: ₹1.80 करोड़
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फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों का 68 दिनों तक पालन न करने पर
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प्रतिदिन ₹30 लाख
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कुल अतिरिक्त जुर्माना: ₹20.40 करोड़
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इस तरह कुल जुर्माना ₹22.20 करोड़ हुआ।
इंडिगो का बयान: आदेशों का पालन करेंगे

इंडिगो ने DGCA की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह DGCA के सभी निर्देशों का पूरी तरह पालन करेगी।
एयरलाइन के अनुसार:
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जरूरी सुधार समय पर लागू किए जाएंगे
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कंपनी के बोर्ड और सीनियर मैनेजमेंट ने
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ऑपरेशन
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सिस्टम
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और वर्किंग प्रोसेस
को मजबूत करने के लिए अंदरूनी जांच और समीक्षा शुरू कर दी है।
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DGCA ने बनाई 4 सदस्यीय जांच कमेटी

नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) के निर्देश पर DGCA ने इस पूरे मामले की जांच के लिए 4 सदस्यीय कमेटी गठित की थी।
जांच में शामिल प्रमुख बिंदु:
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नेटवर्क प्लानिंग
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क्रू रोस्टरिंग सिस्टम
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एयरलाइन द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे सॉफ्टवेयर
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ऑपरेशनल निर्णय प्रक्रिया
कमेटी ने इंडिगो के सीनियर अधिकारियों के बयान भी दर्ज किए।
जांच कमेटी ने बताईं 4 बड़ी गड़बड़ियां
जांच रिपोर्ट में इंडिगो की ऑपरेशनल विफलता की चार प्रमुख वजहें सामने आईं:
आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी की कमी
कमेटी के मुताबिक, इंडिगो मैनेजमेंट ने ऑपरेशनल देरी या आपात हालात से निपटने के लिए पर्याप्त बैकअप प्लानिंग नहीं की थी।
बदले हुए FDTL नियमों का गलत क्रियान्वयन
फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के नए नियमों को
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सही तरीके से लागू नहीं किया गया
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क्रू की ड्यूटी और आराम के समय में संतुलन नहीं रखा गया
इसी कारण बड़े पैमाने पर फ्लाइट रद्द करनी पड़ीं।
संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर जरूरत से ज्यादा जोर
जांच में सामने आया कि एयरलाइन ने:
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क्रू
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विमान
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नेटवर्क संसाधनों
के अत्यधिक उपयोग पर फोकस किया, जिससे ऑपरेशन में लचीलापन खत्म हो गया।
क्रू रोस्टरिंग में गुंजाइश की कमी
कमेटी के अनुसार:
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डेड-हेडिंग
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टेल स्वैप
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लंबी ड्यूटी
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कम रेस्ट पीरियड
जैसी व्यवस्थाओं ने फ्लाइट ऑपरेशन को कमजोर बना दिया।
DGCA की सख्त कार्रवाई, सीनियर अधिकारियों पर गिरी गाज
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DGCA ने सिर्फ जुर्माना ही नहीं लगाया, बल्कि इंडिगो के कई सीनियर अधिकारियों पर भी कार्रवाई की है।
अधिकारियों पर की गई कार्रवाई:
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CEO
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फ्लाइट ऑपरेशन और क्राइसिस मैनेजमेंट में कमी के लिए Caution
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Accountable Manager (COO)
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विंटर शेड्यूल 2025 और संशोधित FDTL नियमों के प्रभाव का सही आकलन न करने पर Warning
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Senior Vice President
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ऑपरेशनल जिम्मेदारियों से हटाने के निर्देश
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भविष्य में किसी भी अकाउंटेबल पद पर नियुक्ति पर रोक
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Deputy Head – Flight Operations
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AVP – Crew Resource Planning
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Director – Flight Operations
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ऑपरेशनल और मैनपावर प्लानिंग में चूक के लिए चेतावनी
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DGCA ने मांगी स्टेटस रिपोर्ट
DGCA ने इंडिगो को निर्देश दिया है कि:
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आंतरिक जांच में पहचाने गए अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए
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स्टेटस रिपोर्ट जल्द से जल्द DGCA को सौंपी जाए
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर कोई समझौता नहीं
DGCA ने साफ शब्दों में कहा है कि:
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यात्रियों की सुरक्षा
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समयबद्ध सेवा
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और सुविधा
से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एयरलाइंस को:
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व्यावहारिक और यथार्थवादी उड़ान संचालन
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नियमों के पालन की पूरी तैयारी
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और जिम्मेदार प्रबंधन ढांचा
तैयार करना होगा।
निष्कर्ष: इंडिगो के लिए बड़ा सबक
यह मामला इंडिगो जैसी बड़ी एयरलाइन के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत माना जा रहा है। DGCA की यह कार्रवाई न सिर्फ इंडिगो बल्कि सभी एयरलाइंस के लिए संदेश है कि ऑपरेशनल अनुशासन और यात्रियों की सुविधा से कोई समझौता नहीं चलेगा।

