मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने दुर्गापुरा कृषि अनुसंधान संस्थान का अवलोकन, शोध कार्यों की समीक्षा
राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने दुर्गापुरा स्थित राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने फसल अनुसंधान, बीज उत्पादन, आईसीएआर परियोजनाओं, माल्ट जौ अनुसंधान और कृषि स्टार्टअप्स की प्रगति की समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने दुर्गापुरा कृषि अनुसंधान संस्थान का किया अवलोकन
राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बुधवार को जयपुर के दुर्गापुरा स्थित राजस्थान कृषि अनुसंधान संस्थान (RARI) का अवलोकन किया। यह संस्थान श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर की अधीनस्थ इकाई है। इस अवसर पर मुख्य सचिव ने संस्थान में संचालित विभिन्न कृषि अनुसंधान, बीज उत्पादन एवं नवाचार आधारित कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और वैज्ञानिकों से सीधे संवाद किया।
दौरे का उद्देश्य राज्य में कृषि अनुसंधान की दिशा, प्रगति और किसानों तक इसके लाभ पहुँचाने की प्रक्रिया को समझना रहा।
विश्वविद्यालय स्तर पर चल रहे अनुसंधान की दी गई जानकारी
अवलोकन के दौरान श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर के कुलगुरु डॉ. पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने मुख्य सचिव को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, अनुसंधान एवं प्रसार गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा प्रदेश की जलवायु एवं मृदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न फसलों की उन्नत किस्मों पर निरंतर अनुसंधान किया जा रहा है।
डॉ. चौहान ने कहा कि विश्वविद्यालय का प्रयास है कि अनुसंधान कार्य सीधे किसानों की जरूरतों से जुड़ा हो और उनके खेतों तक इसका प्रभावी लाभ पहुँचे।
फसल परीक्षण एवं बीज उत्पादन कार्यक्रमों की समीक्षा
मुख्य सचिव को संस्थान में उन्नत फसल किस्मों के परीक्षण, अनुसंधान प्रयोगों, दलहनी एवं तिलहनी फसलों के बीज उत्पादन कार्यक्रमों तथा रबी एवं खरीफ फसलों पर चल रहे शोध कार्यों की प्रगति से अवगत कराया गया।
संस्थान द्वारा किए जा रहे अनुसंधान का मुख्य उद्देश्य उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ किसानों की लागत कम करना और फसल जोखिम को घटाना है। वैज्ञानिकों ने बताया कि अनुसंधान के माध्यम से ऐसी किस्में विकसित की जा रही हैं जो कम पानी, अधिक तापमान और कीट-रोग प्रतिरोधी हों।
ICAR की अखिल भारतीय परियोजनाओं का अवलोकन
दौरे के दौरान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजनाओं का भी अवलोकन किया गया। इनमें प्रमुख रूप से सब्जी, गेहूं, जौ और चना फसलों से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं।
इन परियोजनाओं के अंतर्गत नई किस्मों का परीक्षण, उत्पादन क्षमता बढ़ाने, गुणवत्ता सुधार और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने के लिए शोध किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने इन परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए इनके परिणाम किसानों तक शीघ्र पहुँचाने पर जोर दिया।
सब्जी फसलों पर विशेष अनुसंधान
संस्थान के निदेशक डॉ. हरफूल सिंह ने संस्थान में संचालित विभिन्न अनुसंधान परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सब्जी फसलों पर किए जा रहे अनुसंधान को विशेष रूप से प्रस्तुत किया।
उन्होंने बताया कि बैंगन की बाजार-आधारित उन्नत एवं देसी किस्मों के साथ-साथ सफेद बैंगन पर भी शोध किया जा रहा है, जिसके मधुमेह (डायबिटीज) में संभावित लाभों को लेकर अध्ययन जारी है। यह अनुसंधान स्वास्थ्य एवं पोषण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
माल्ट जौ अनुसंधान की सराहना
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने माल्ट जौ (Malt Barley) पर किए जा रहे अनुसंधान कार्यों की विशेष रूप से सराहना की। उन्होंने कहा कि माल्ट जौ जैसे विशेष फसलों पर अनुसंधान से किसानों को बेहतर बाजार मूल्य और उद्योग से जुड़ने के अवसर मिल सकते हैं।
उन्होंने वैज्ञानिकों से कहा कि ऐसे अनुसंधान को उद्योगों के साथ जोड़कर किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित की जाए।
प्रगतिशील किसानों और स्टार्टअप्स से संवाद
दौरे के दौरान मुख्य सचिव ने प्रगतिशील किसानों से संवाद किया और उनके अनुभवों को सुना। उन्होंने किसानों द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक तकनीकों और नवाचारों की सराहना की।
इसके साथ ही उन्होंने कृषि स्टार्टअप्स की पहल को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि नवाचार आधारित स्टार्टअप्स कृषि क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा कर रहे हैं। उन्होंने कृषि में मशीनीकरण को और अधिक बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
कृषि अनुसंधान को किसानों से जोड़ने पर जोर
मुख्य सचिव ने वैज्ञानिकों एवं कर्मचारियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि कृषि अनुसंधान को किसानों की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अनुसंधान का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब उसके निष्कर्ष सीधे खेतों तक पहुँचें और किसानों की आय व उत्पादकता में वृद्धि करें।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि अनुसंधान परिणामों का प्रभावी प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिक से अधिक किसान इन तकनीकों को अपनाकर लाभान्वित हो सकें।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस अवसर पर कृषि सचिव मंजू राजपाल, कृषि आयुक्त चिन्मयी गोपाल एवं उद्यानिकी आयुक्त भी उपस्थित रहीं। उन्होंने किसान संवाद कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई और विभागीय योजनाओं की जानकारी साझा की।
इसके अलावा विश्वविद्यालय एवं संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और कर्मचारीगण भी अवलोकन के दौरान मौजूद रहे।
कृषि अनुसंधान से समृद्ध राजस्थान की दिशा
मुख्य सचिव के इस दौरे को राजस्थान में कृषि अनुसंधान को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि वैज्ञानिक शोध, आधुनिक तकनीक और किसानों की भागीदारी से प्रदेश की कृषि को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सकता है।



