बरेली पुलिस ने फिरौती के लिए अपहृत 15 वर्षीय बालिका को सकुशल बरामद किया
बरेली पुलिस ने सोशल मीडिया से फंसाई गई 15 वर्षीय बालिका को सकुशल बरामद किया। तीन अभियुक्त गिरफ्तार। तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हुई कार्रवाई। बालिका सुरक्षित, परिजनों को सौंपा। पुलिस की तत्परता और कार्यकुशलता से अपराध निरोध में सफलता।
बरेली पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 15 वर्षीय बालिका फिरौती से सकुशल बचाई गई
बरेली: जनपद बरेली पुलिस ने एक गंभीर अपहरण और फिरौती मामले में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए 15 वर्षीय बालिका को सकुशल बरामद किया। इस मामले में पुलिस ने तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। यह कार्रवाई थाना नवाबगंज पुलिस द्वारा की गई, जिसे पुलिस की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
अपहरण की जानकारी और शुरुआती कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, बालिका के अपहरण की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में विशेष जांच टीम का गठन किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सर्विलांस टीम, साइबर टीम और स्थानीय पुलिस को संयुक्त रूप से लगाया गया।
जांच के दौरान पता चला कि बालिका का संपर्क मुख्य अभियुक्त अर्जुन से लगभग छह माह पहले इंस्टाग्राम के माध्यम से हुआ। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और अभियुक्त ने भरोसा जीतकर बालिका को अपने जाल में फंसा लिया।
अभियुक्तों की योजना और मानसिकता
पूछताछ में अर्जुन ने स्वीकार किया कि वह दिल्ली के कृष्णा नगर स्थित मन्नत होटल में हाउसकीपिंग का काम करता है। ऑनलाइन गेम में 50–60 हजार रुपये हारने के बाद आर्थिक तंगी और लालच के चलते उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर अपहरण की योजना बनाई।
अभियुक्तों ने पहले बालिका को बरेली बुलाया और बाद में दिल्ली ले जाकर एक गुप्त स्थान पर रखा। इसके बाद उन्होंने बालिका के मोबाइल और व्हाट्सएप का दुरुपयोग कर उसके परिजनों को फिरौती से जुड़े संदेश भेजे। डर और दबाव बनाने के लिए बालिका से जबरन वॉइस रिकॉर्डिंग भी कराई गई।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और बरामदगी
पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अभियुक्तों की गतिविधियों पर नजर रखी। सूचना मिली कि अभियुक्त फिरौती लेने और बालिका को छोड़ने के लिए बरेली लौट रहा है। पुलिस के अनुसार, बालिका के अपहरण की सूचना मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में एक विशेष टीम का गठन किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सर्विलांस, साइबर टीम और स्थानीय पुलिस को संयुक्त रूप से लगाया गया। जांच के दौरान सामने आया कि बालिका का संपर्क मुख्य अभियुक्त अर्जुन से करीब छह माह पूर्व सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के माध्यम से हुआ था।
पुलिस ने सैटेलाइट बस अड्डे पर घेराबंदी कर मुख्य अभियुक्त अर्जुन को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर अन्य दो अभियुक्तों को भी पकड़ा गया। बालिका को सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द किया गया।
बालिका की सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई
बरामदगी के बाद बालिका को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेजा गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बालिका पूरी तरह सुरक्षित है। अभियुक्तों के खिलाफ अपहरण, फिरौती, आईटी एक्ट सहित अन्य सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली ने थाना नवाबगंज पुलिस टीम की सराहना की और कहा कि बच्चों एवं महिलाओं की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आमजन से अपील की कि सोशल मीडिया में सतर्क रहें और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
सोशल मीडिया पर अपराध बढ़ने की चेतावनी
यह घटना साफ करती है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से बढ़ती नजदीकियां गंभीर अपराधों का कारण बन सकती हैं। बरेली पुलिस की तत्परता और सूझबूझ से एक नाबालिग बालिका की जान सुरक्षित रही, जो पुलिस की प्रतिबद्धता और कार्यकुशलता का प्रमाण है।
निष्कर्ष
बरेली पुलिस ने इस मामले में तकनीकी, साइबर और पारंपरिक जांच का संयोजन कर अपराधियों को काबू किया। बालिका सुरक्षित है और अभियुक्तों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो चुकी है। यह घटना नागरिकों के लिए चेतावनी भी है कि सोशल मीडिया पर सतर्कता और सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है।



