Bareilly Updates : 25 अपराधी हिस्ट्रीशीटर घोषित, हर महीने थाने में हाजिरी अनिवार्य, पुलिस सख्त कार्रवाई

Bareilly Updates : बरेली पुलिस ने 25 अपराधियों को हिस्ट्रीशीटर घोषित कर सख्त निगरानी शुरू की है। अब सभी को हर महीने थाने में हाजिरी देनी होगी। पुलिस इनके नेटवर्क, गतिविधियों और सहयोगियों पर नजर रख रही है। यह कार्रवाई जिले में अपराध पर नियंत्रण के लिए अहम कदम मानी जा रही है।
Bareilly Updates : 25 अपराधी हिस्ट्रीशीटर घोषित, पुलिस ने कसी निगरानी
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 अपराधियों को हिस्ट्रीशीटर घोषित कर दिया है। इस कार्रवाई के बाद अब इन सभी अपराधियों को हर महीने संबंधित थाने में उपस्थित होकर अपनी हाजिरी देनी होगी। पुलिस की इस सख्ती को जिले में बढ़ते अपराध पर नियंत्रण के लिए अहम कदम माना जा रहा है।
एसएसपी के निर्देश पर हुई बड़ी कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई अनुराग आर्य के निर्देश पर की गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों की हिस्ट्रीशीट खोलते हुए उन्हें एक विशेष कोड जारी किया है। इसके साथ ही संबंधित थानों में उनके नाम से हाजिरी रजिस्टर तैयार किया गया है।
अब इन अपराधियों की गतिविधियों पर पुलिस की लगातार नजर रहेगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
हर महीने थाने में देनी होगी हाजिरी
हिस्ट्रीशीटर घोषित किए गए सभी अपराधियों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे हर महीने थाने में जाकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं। यदि कोई व्यक्ति ऐसा करने में असफल रहता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
यह कदम पुलिस की निगरानी प्रणाली को मजबूत करने के लिए उठाया गया है, जिससे आदतन अपराधियों की गतिविधियों पर नियंत्रण रखा जा सके।

कई बड़े नाम भी शामिल
इस कार्रवाई में कई चर्चित अपराधियों के नाम भी शामिल हैं। इनमें पूर्व माफिया विधायक अशरफ के करीबी फरहद खां उर्फ गुड्डू, सपा नेता व पूर्व पार्षद अकील उर्फ गुड्डू और प्रॉपर्टी माफिया सुमित सक्सेना शामिल हैं।
फरहद खां का आपराधिक रिकॉर्ड
फरहद खां पहले भी चर्चा में रहा है। उस पर हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप हैं। वह तब सुर्खियों में आया था जब उसने जेल में बंद माफिया अतीक अहमद और अशरफ से अवैध मुलाकात की थी।
अकील उर्फ गुड्डू के खिलाफ कई केस
पूर्व पार्षद अकील उर्फ गुड्डू के खिलाफ जानलेवा हमला और बलवा समेत 11 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
सुमित सक्सेना भी पुलिस रडार पर
प्रॉपर्टी माफिया सुमित सक्सेना के खिलाफ भी अलग-अलग थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसे हाल ही में जिला बदर भी किया गया था।
पुलिस रखेगी कड़ी नजर
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सभी हिस्ट्रीशीटरों को ‘बी कैटेगरी’ में रखा गया है, जो आदतन अपराधी माने जाते हैं। अब पुलिस इन अपराधियों के:
- मूवमेंट
- संपर्क
- आर्थिक गतिविधियां
पर लगातार निगरानी रखेगी।
इसके अलावा, इनके सहयोगियों और संरक्षण देने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अन्य अपराधियों पर भी कार्रवाई
केवल 25 अपराधियों तक ही यह कार्रवाई सीमित नहीं है। कई अन्य संदिग्ध व्यक्तियों को भी अलग-अलग थानों की निगरानी सूची में शामिल किया गया है। इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट, गोकशी और अन्य गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं।
हिस्ट्रीशीट क्या होती है?
हिस्ट्रीशीट पुलिस द्वारा उन अपराधियों के लिए तैयार की जाती है, जो बार-बार अपराध करते हैं या जिनका आपराधिक रिकॉर्ड लंबा होता है। इसमें उनके अपराध, गतिविधियां और संपर्कों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाता है।
जीवनभर खुली रहती है हिस्ट्रीशीट
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, एक बार किसी व्यक्ति की हिस्ट्रीशीट खुल जाने के बाद वह जीवनभर खुली रहती है। इसका मतलब है कि व्यक्ति को लगातार पुलिस निगरानी में रहना पड़ता है और समय-समय पर थाने में हाजिरी देना अनिवार्य होता है।
अपराध पर नियंत्रण की दिशा में बड़ा कदम
पुलिस की यह कार्रवाई जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे न केवल अपराधियों में डर पैदा होगा, बल्कि आम जनता को भी सुरक्षा का एहसास मिलेगा।
पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि अपराध पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सके।

