America Exits WHO : 2380 करोड़ बकाया नहीं चुकाएगा, वैश्विक स्वास्थ्य संकट की आशंका बढ़ी
America Exits WHO : अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन से नाता तोड़ लिया है। WHO का ₹2,380 करोड़ बकाया भुगतान भी नहीं किया जाएगा। विशेषज्ञों ने इसे अमेरिकी कानून के खिलाफ बताया और वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर असर की चेतावनी दी है।
America Exits WHO : अमेरिका आधिकारिक रूप से WHO से बाहर
अमेरिका ने आज आधिकारिक तौर पर वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) से बाहर होने की घोषणा कर दी है। अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारियों ने साफ कहा है कि अमेरिका की WHO में दोबारा शामिल होने की कोई योजना नहीं है। इस फैसले के साथ ही अमेरिका ने WHO के प्रति अपने सभी वित्तीय और संस्थागत दायित्वों से खुद को अलग कर लिया है।
अमेरिकी प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि WHO का करीब ₹2,380 करोड़ से ज्यादा का बकाया भुगतान भी नहीं किया जाएगा। ट्रम्प प्रशासन का कहना है कि अमेरिका पहले ही संगठन को जरूरत से ज्यादा फंड दे चुका है।
America Exits WHO : अब WHO के बजाय देशों से सीधे संपर्क करेगा अमेरिका

अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, अमेरिका अब WHO के माध्यम से नहीं बल्कि सीधे देशों के साथ संपर्क कर रोग निगरानी, महामारी नियंत्रण और स्वास्थ्य प्राथमिकताओं पर काम करेगा।
अमेरिका का तर्क है कि WHO बीमारियों को रोकने, उन्हें संभालने और जरूरी जानकारी साझा करने में असफल रहा है। इसी वजह से संगठन से बाहर निकलने का फैसला लिया गया।
America Exits WHO : ट्रम्प ने पहले ही दिन लिया था WHO छोड़ने का फैसला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 2025 में राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के पहले ही दिन WHO से बाहर होने का फैसला किया था। गुरुवार को अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने इसकी आधिकारिक पुष्टि करते हुए कहा कि अब यह फैसला पूरी तरह लागू हो गया है।
विदेश विभाग के अधिकारी ने WHO पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संगठन वैश्विक स्वास्थ्य संकटों के दौरान प्रभावी नेतृत्व देने में नाकाम रहा।
क्या अमेरिका ने कानून का उल्लंघन किया?

अमेरिकी कानून के अनुसार किसी भी अंतरराष्ट्रीय संगठन से बाहर होने के लिए
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एक साल पहले नोटिस देना
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सभी बकाया भुगतान करना
जरूरी होता है।
हालांकि अमेरिकी विदेश विभाग ने इस दावे को खारिज किया है। अधिकारी का कहना है कि कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि संगठन छोड़ने से पहले भुगतान करना अनिवार्य हो।
इसके उलट, कई अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ इसे अमेरिकी कानून का उल्लंघन मान रहे हैं।
America Exits WHO : WHO को दी जाने वाली अमेरिकी मदद पर पूरी तरह रोक
अमेरिकी प्रशासन ने यह भी ऐलान किया है कि भविष्य में WHO को किसी भी तरह की
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सरकारी फंडिंग
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तकनीकी सहायता
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संसाधन
नहीं दिए जाएंगे।
अधिकारी ने कहा कि अमेरिकी नागरिकों ने पहले ही WHO को बहुत अधिक आर्थिक सहयोग दिया है और अब आगे किसी तरह की मदद का कोई औचित्य नहीं है।
WHO ने पुष्टि की- 2024 और 2025 की फीस नहीं मिली
WHO ने जानकारी दी है कि अमेरिका ने 2024 और 2025 की सदस्यता फीस अब तक जमा नहीं की है। फरवरी में होने वाली WHO की कार्यकारी बोर्ड बैठक में अमेरिका के बाहर जाने और उसके प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
WHO का कहना है कि अमेरिका के बाहर जाने से संगठन की कार्यक्षमता और वैश्विक स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर बड़ा असर पड़ेगा।
एक्सपर्ट्स ने बताया गंभीर खतरा
जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के स्वास्थ्य कानून विशेषज्ञ लॉरेंस गोस्टिन ने कहा कि यह फैसला स्पष्ट रूप से अमेरिकी कानून का उल्लंघन है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प कानूनी चुनौतियों से बच निकल सकते हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से
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महामारी की निगरानी
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वैश्विक हेल्थ डेटा शेयरिंग
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वैक्सीनेशन कार्यक्रम
पर गंभीर असर पड़ेगा।
बिल गेट्स बोले- दुनिया को WHO की जरूरत
दावोस में रॉयटर्स से बातचीत में गेट्स फाउंडेशन के प्रमुख बिल गेट्स ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि अमेरिका जल्दी WHO में लौटेगा।
उन्होंने कहा,
“मैं इस फैसले के खिलाफ अपनी आवाज उठाता रहूंगा, क्योंकि दुनिया को WHO की जरूरत है। अमेरिका का बाहर जाना अमेरिका और पूरी दुनिया के लिए नुकसानदेह है।”
WHO पर बढ़ा आर्थिक दबाव
अमेरिका WHO का सबसे बड़ा दानदाता रहा है और संगठन के कुल बजट का करीब 18% योगदान देता था। अमेरिका के बाहर जाने से WHO को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।
WHO ने बताया कि
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मैनेजमेंट टीम आधी कर दी गई है
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कई कार्यक्रमों में कटौती की गई है
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इस साल के मध्य तक करीब 25% कर्मचारियों की छंटनी हो सकती है
वैश्विक स्वास्थ्य के लिए बढ़ा खतरा
ब्लूमबर्ग फिलांथ्रपीज की हेल्थ एक्सपर्ट केली हेनिंग ने कहा कि अमेरिका के बाहर जाने से उन व्यवस्थाओं को नुकसान पहुंचेगा, जिन पर दुनिया बीमारियों की पहचान, रोकथाम और इलाज के लिए भरोसा करती है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे न केवल WHO बल्कि अमेरिका और पूरी दुनिया के लिए स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकते हैं।
निष्कर्ष
अमेरिका का WHO से बाहर होना सिर्फ एक राजनीतिक फैसला नहीं बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। आर्थिक संकट, कानूनी विवाद और महामारी नियंत्रण पर इसके दूरगामी असर पड़ सकते हैं।

