Alwar से दुनिया को संदेश: टाइगर संरक्षण, फिट इंडिया और पर्यटन को जोड़ती इंटरनेशनल हाफ मैराथन
Alwar में 8 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाली अलवर टाइगर इंटरनेशनल हाफ मैराथन फिट इंडिया, बाघ संरक्षण और जिम्मेदार पर्यटन का संदेश देगी। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के अनुसार यह आयोजन स्वस्थ नागरिक, सुरक्षित पर्यावरण और सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
Alwar से दुनिया को पर्यावरण संरक्षण और फिटनेस का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में चल रहे फिट इंडिया मूवमेंट और पर्यावरण संरक्षण की राष्ट्रीय सोच को ज़मीनी स्तर पर मजबूती देने के उद्देश्य से अलवर टाइगर इंटरनेशनल हाफ मैराथन (ATM-2026) के दूसरे संस्करण का आयोजन 8 फरवरी 2026 को अलवर में किया जाएगा। यह आयोजन न केवल एक खेल प्रतियोगिता है, बल्कि बाघ संरक्षण, वन सुरक्षा, जनस्वास्थ्य और जिम्मेदारीपूर्ण पर्यटन से जुड़ा एक व्यापक जन-आंदोलन बनने जा रहा है।
अरावली और सरिस्का की गोद में अनोखा आयोजन

अरावली की पहाड़ियों और सरिस्का टाइगर रिज़र्व के प्रवेश द्वार पर आयोजित होने वाली यह मैराथन प्राकृतिक विरासत और खेल भावना का अनूठा संगम प्रस्तुत करेगी। यहां दौड़ते हुए धावक सिर्फ अपनी फिटनेस नहीं परखेंगे, बल्कि यह संदेश भी देंगे कि यदि बाघ बचेगा, जंगल बचेगा, तो पर्यटन और स्थानीय आजीविका भी फले-फूलेगी।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने बताया आयोजन का उद्देश्य
इस आयोजन को लेकर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि अलवर टाइगर इंटरनेशनल हाफ मैराथन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विज़न को आगे बढ़ाती है, जिसमें स्वस्थ नागरिक, सुरक्षित पर्यावरण और सतत विकास को एक-दूसरे का पूरक माना गया है। उन्होंने कहा कि इस मैराथन का उद्देश्य व्यक्तिगत फिटनेस को सामूहिक पर्यावरणीय जिम्मेदारी से जोड़ते हुए समाज में सकारात्मक सोच और जागरूकता को बढ़ावा देना है।

बाघ संरक्षण को केंद्र में रखेगी मैराथन
हाफ मैराथन का मूल फोकस बाघ और वन पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण पर केंद्रित रहेगा। आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि बाघ वन्यजीव संरक्षण का शीर्ष संकेतक है। बाघ की सुरक्षा का सीधा अर्थ जंगलों, जल स्रोतों और जैव विविधता की रक्षा से है। यदि जंगल सुरक्षित रहेंगे, तो पर्यावरण संतुलन के साथ-साथ मानव जीवन भी सुरक्षित रहेगा।
युवाओं और नागरिकों में जागरूकता का प्रयास
मैराथन के जरिए युवाओं, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को मानव–वन्यजीव सह-अस्तित्व, जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण एवं पर्यटन के प्रति जिम्मेदार व्यवहार के लिए प्रेरित किया जाएगा। यह आयोजन पर्यावरणीय शिक्षा और जनभागीदारी का एक सशक्त मंच बनेगा।
Alwar को इको और वाइल्डलाइफ टूरिज्म हब बनाने की पहल
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के अनुसार यह आयोजन अलवर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इको-टूरिज्म, वाइल्डलाइफ टूरिज्म और स्पोर्ट्स टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरिस्का टाइगर रिज़र्व, अरावली की प्राकृतिक विरासत और अलवर की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को इस मैराथन के माध्यम से वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।
स्थानीय अर्थव्यवस्था और आजीविका को मिलेगा लाभ
इस आयोजन से स्थानीय पर्यटन उद्योग, होटल व्यवसाय, गाइड सेवाओं, परिवहन और अन्य संबद्ध गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय लोगों की आजीविका को भी मजबूती मिलेगी। अलवर क्षेत्र के लिए यह आयोजन आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिट इंडिया विज़न के अनुरूप बहुस्तरीय दौड़
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फिट इंडिया विज़न के अनुरूप इस मैराथन में विभिन्न वर्गों के लिए अलग-अलग दौड़ आयोजित की जाएंगी। इनमें 21 किलोमीटर हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर रन, 5 किलोमीटर शक्ति रन और 2 किलोमीटर पैरा रन शामिल हैं। युवा, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांगजन सभी इस आयोजन में समान रूप से भाग ले सकेंगे।
अंतरराष्ट्रीय धावकों की भागीदारी से वैश्विक पहचान
Alwar टाइगर इंटरनेशनल हाफ मैराथन को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में विदेशी धावकों की सहभागिता अहम भूमिका निभाएगी। इस मैराथन में केन्या, दक्षिण अफ्रीका, मोरक्को, बहरीन, तंज़ानिया और इथियोपिया सहित विभिन्न देशों से आए कुल 42 अंतरराष्ट्रीय धावक भाग लेंगे। इनके साथ देश के विभिन्न राज्यों से हजारों धावक भी शामिल होंगे।
दुनिया तक पहुंचेगा बाघ संरक्षण का संदेश
Alwar की सड़कों पर दौड़ते ये धावक बाघ संरक्षण, वन सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन का संदेश न केवल देश बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाएंगे। यह आयोजन अलवर को वैश्विक मानचित्र पर एक पर्यावरण-संवेदनशील पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करेगा।
सस्टेनेबल आयोजन पर विशेष जोर
मैराथन के आयोजन में प्लास्टिक-फ्री व्यवस्था, जिम्मेदार कचरा प्रबंधन और पर्यावरण-अनुकूल संचालन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। आयोजन को पूरी तरह सस्टेनेबल बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि पर्यावरण पर किसी भी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव न पड़े।
विभागीय समन्वय से होगा आयोजन सफल
इस आयोजन को सफल बनाने के लिए राजस्थान सरकार, जिला प्रशासन Alwar, वन एवं वन्यजीव विभाग, पर्यटन विभाग, खेल विभाग, स्थानीय निकाय, पुलिस एवं सुरक्षा एजेंसियां, स्वास्थ्य एवं आपातकालीन सेवाएं, सिविल सोसाइटी संगठन, एनजीओ, स्थानीय समुदाय और स्वयंसेवकों की सक्रिय सहभागिता रहेगी।

