विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026 में राजस्थान ने हासिल की राष्ट्रीय स्तर उपलब्धि

विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 2026 में राजस्थान ने 83% कार्य पूरा कर देश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। 6000 से अधिक बूथों पर 100% कार्य संपन्न हुआ। उत्कृष्ट कार्य के लिए 26 ईआरओ और 2500 बीएलओ को सम्मानित किया जा रहा है। डिजिटाइज्ड प्रपत्र वेरिफिकेशन और अनमैपिंग सुविधा भी शुरू हुई।
विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 में राजस्थान की ऐतिहासिक उपलब्धि :

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशन में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) 2026 में राजस्थान ने एक बार फिर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल किया है।
4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक चल रहे इस अभियान में राजस्थान ने अब तक 83% कार्य पूरा कर देश के 10 बड़े राज्यों में पहला स्थान प्राप्त किया है।
6000 से अधिक बूथों पर 100% कार्य पूरा :
मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्री नवीन महाजन के नेतृत्व में राजस्थान ने पुनरीक्षण कार्य में तेजी और पारदर्शिता का नया मानक स्थापित किया है।
प्रदेश में—
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कुल प्रपत्र: 5,46,56,215
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अपलोड किए गए प्रपत्र: 4 करोड़ 55 लाख से अधिक
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शेष अवधि: 8 दिन
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कार्य निष्पादन: 83% पूरा
अब तक 6000 से अधिक बूथों पर बीएलओ ने 100 प्रतिशत कार्य पूरा कर लिया है। यह आँकड़ा पूरे देश में राजस्थान की कार्यकुशलता का प्रमाण देता है।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले बीएलओ और ईआरओ का सम्मान :
राजस्थान में पुनरीक्षण प्रक्रिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कार्मिकों को राज्य एवं जिला स्तर पर सम्मानित किया जा रहा है।
सम्मानित किए गए अधिकारी और कर्मचारी:
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516 बूथ लेवल अधिकारी (राज्य स्तर पर) मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा सम्मानित
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लगभग 2,000 बीएलओ (जिला स्तर पर) जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा सम्मानित
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26 निर्वाचन रजिस्ट्रेशन अधिकारी (ईआरओ) को गुरुवार को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इसे टीमवर्क, अनुशासन और गहन मॉनिटरिंग का परिणाम बताया।
जिलेवार प्रदर्शन: बाड़मेर पहले स्थान पर
पुनरीक्षण कार्य में बाड़मेर ने सबसे तेज और कुशल काम करते हुए अन्य जिलों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
100% कार्य पूरा करने वाले जिले:
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बाड़मेर – 574 पोलिंग स्टेशन
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बालोतरा – 357 पोलिंग स्टेशन
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चूरू – 285 पोलिंग स्टेशन
विधानसभा क्षेत्रवार उपलब्धियां:
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गुढ़ामालानी – 207 बूथ
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बायतु – 191 बूथ
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बाड़ी – 157 बूथ
इन विधानसभा क्षेत्रों ने समय से पूर्व उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण किया।
पुनरीक्षण कार्य की गति बढ़ाने में डिजिटल मॉनिटरिंग की बड़ी भूमिका
राजस्थान में SIR कार्य की गति बढ़ाने में डिजिटल साधनों का विशेष योगदान रहा।
ईसीआई-नेट पर कार्य की रीयल-टाइम अपलोडिंग, प्रपत्रों की ऑनलाइन ट्रैकिंग, और जिला स्तर पर सतत समीक्षा मीटिंग्स ने इस अभियान को अत्यधिक प्रभावी बनाया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार—
“राजस्थान ने समन्वित प्रयास, तकनीकी दक्षता और सतत संवाद के माध्यम से पुनरीक्षण की गति को रिकॉर्ड स्तर तक पहुँचाया।”
डिजिटाइज्ड प्रपत्रों के वेरिफिकेशन एवं अनमैपिंग की सुविधा शुरू
भारत निर्वाचन आयोग ने इस अभियान को और सुचारु बनाने के लिए BLO App में नई सुविधाएँ उपलब्ध कराई हैं।
नई सुविधाएँ:
डिजिटल प्रपत्रों का वेरिफिकेशन
अब बीएलओ डिजिटाइज्ड फॉर्म्स का तुरंत वेरिफिकेशन कर सकते हैं।
Unmap the Elector फीचर
यदि किसी मतदाता की जानकारी पूर्व SIR में मौजूद है, तो—
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बीएलओ उसे Unmap कर
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सही mapping विकल्प पर स्थानांतरित कर सकते हैं।
पहले कई मतदाताओं ने गलत मैपिंग के साथ या बिना मैपिंग के फॉर्म भर दिए थे, जिससे सुधार के लिए दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता पड़ती थी। अब Search by Name फीचर ने यह समस्या लगभग समाप्त कर दी है।
लाभ:
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मतदाताओं को बार-बार दस्तावेज नहीं देने पड़ेंगे।
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डेटा की शुद्धता बढ़ेगी।
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बीएलओ का कार्य सरल और तेज होगा।
समन्वित प्रयासों से बनी राजस्थान की ‘नंबर वन’ स्थिति
राजस्थान का यह प्रदर्शन साबित करता है कि—
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सतत मॉनिटरिंग
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नियमित संवाद
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स्पष्ट दिशा-निर्देश
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तकनीकी पारदर्शिता
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और फील्ड अधिकारियों की प्रतिबद्धता
इस तरह के बड़े अभियानों को सफल बनाती है।
निष्कर्ष :
विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 में राजस्थान की उपलब्धि केवल प्रशासनिक सफलता नहीं बल्कि लोकतांत्रिक मजबूती की दिशा में बड़ा कदम है।
मतदाता सूची की शुद्धता और समयबद्ध पुनरीक्षण से आने वाले चुनाव अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और सुव्यवस्थित बनेंगे।
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