सोना 11 दिन में 11 हजार रुपए सस्ता, चांदी की कीमत में तेजी; निवेशकों की बढ़ी नजर
नई दिल्ली। सोने की कीमतों में लगातार गिरावट का दौर जारी है। बुधवार, 11 जून को भी सोने के दाम में बड़ी कमी दर्ज की गई। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोने की कीमत में 1,562 रुपए प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई है। इसके बाद 10 ग्राम शुद्ध सोने का भाव घटकर करीब 1.45 लाख रुपए पर पहुंच गया है। बीते कुछ दिनों में सोने की कीमतों में आई यह गिरावट निवेशकों और खरीददारों दोनों के लिए चर्चा का विषय बनी हुई है।

आंकड़ों पर नजर डालें तो 31 मई को 24 कैरेट सोने की कीमत लगभग 1.56 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। इसके मुकाबले अब सोना करीब 11 हजार रुपए सस्ता हो चुका है। यानी महज 11 दिनों के भीतर सोने के दाम में लगभग 11 हजार रुपए की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव, डॉलर की मजबूती और वैश्विक आर्थिक संकेतों का असर घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
सोने की कीमतों में आई इस गिरावट ने उन लोगों को राहत दी है जो शादी-विवाह या अन्य जरूरतों के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं। आमतौर पर सोने की कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट कम समय में देखने को नहीं मिलती। ऐसे में बाजार विशेषज्ञ इसे खरीदारी के लिए अच्छा अवसर भी मान रहे हैं। हालांकि, वे निवेशकों को बाजार की स्थिति पर नजर बनाए रखने की सलाह भी दे रहे हैं।
दूसरी ओर, चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। IBJA के अनुसार, बुधवार को चांदी के दाम में 257 रुपए प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई। इसके बाद एक किलो चांदी का भाव बढ़कर 2.33 लाख रुपए पर पहुंच गया है। हाल के महीनों में चांदी ने भी निवेशकों को बेहतर रिटर्न दिया है और औद्योगिक मांग बढ़ने के कारण इसकी कीमतों में मजबूती बनी हुई है।
बाजार जानकारों का कहना है कि सोने और चांदी की कीमतों में अलग-अलग रुझान देखने को मिल रहे हैं। जहां सोना सुरक्षित निवेश के तौर पर जाना जाता है, वहीं चांदी की कीमतें औद्योगिक मांग और वैश्विक उत्पादन गतिविधियों से भी प्रभावित होती हैं। यही कारण है कि कई बार दोनों धातुओं के दाम अलग दिशा में चलते दिखाई देते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां, वैश्विक ब्याज दरें, डॉलर इंडेक्स और भू-राजनीतिक परिस्थितियां सोने की कीमतों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं। हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा है। वहीं, चांदी को इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर एनर्जी और अन्य उद्योगों में बढ़ती मांग का फायदा मिल रहा है।
ज्वेलरी कारोबारियों का कहना है कि सोने की कीमतों में गिरावट आने के बाद बाजार में ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ी है। कई शहरों में आभूषणों की खरीदारी में तेजी देखने को मिली है। खासतौर पर आगामी शादी सीजन को देखते हुए ग्राहक इस अवसर का लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।
हालांकि, विशेषज्ञ निवेशकों को सलाह देते हैं कि वे केवल कीमतों में गिरावट देखकर जल्दबाजी में निवेश का फैसला न लें। निवेश से पहले बाजार के रुझानों और अपनी वित्तीय जरूरतों का आकलन करना जरूरी है। फिलहाल सोने की कीमतों में आई गिरावट और चांदी में जारी तेजी ने सर्राफा बाजार को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

