सोचेंगे तुम्हे प्यार करें के नहीं…राज कपूर के बेटे की जिस फिल्म ने दिलाई शाहरुख को पहचान, उसी ने छीन ली नई-नवेली हीरोइन की जान

1992 में आई फिल्म ‘दीवाना’ का गाना ‘सोचेंगे तुम्हे प्यार करें के नहीं’ आज भी 90 के दशक के सबसे रोमांटिक गानों में शुमार है। लेकिन क्या आप जानते हैं इस गाने से जुड़ी कहानी कितनी दिलचस्प और भावुक करने वाली है?
सोचेंगे तुम्हे प्यार
साल 1992 में ऋषि कपूर, दिव्या भारती और शाहरुख खान की फिल्म ‘दीवाना’ रिलीज हुई थी। यह फिल्म कई मायनों में खास थी, क्योंकि इसी फिल्म से शाहरुख खान ने बॉलीवुड में अपना डेब्यू किया था। फिल्म की कहानी कजल (दिव्या भारती) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो अपने पति रवि (ऋषि कपूर) के गायब हो जाने के बाद विधवा जैसी जिंदगी जीने को मजबूर हो जाती है, और फिर राजा (शाहरुख खान) का जुनूनी प्यार उसकी जिंदगी में एक नया मोड़ लाता है। फिल्म की कहानी के साथ इसका संगीत भी उतना ही मशहूर हुआ, और इसी एल्बम का एक गाना था ‘सोचेंगे तुम्हे प्यार करें के नहीं’, जिसे कुमार सानू ने अपनी आवाज दी थी।
किसने लिखा यह गाना
‘दीवाना’ के तमाम गानों को संगीत से सजाने का जिम्मा उस दौर की मशहूर संगीतकार जोड़ी नदीम-श्रवण ने संभाला था। लेकिन इन गानों के बोल किसने लिखे, यह जानना भी दिलचस्प है। फिल्म के गीत गीतकार समीर ने लिखे थे। समीर, जिनका असली नाम शीतला पांडे है, खुद एक मशहूर गीतकार अंजान के बेटे हैं। अंजान अपने दौर में ‘खाइके पान बनारस वाला’ जैसे सुपरहिट गानों के लिए जाने जाते थे। समीर ने अपने करियर की शुरुआत 1983 में की थी, लेकिन उन्हें असली पहचान 1990 में फिल्म ‘दिल’ और ‘आशिकी’ के गानों से मिली। दिलचस्प बात यह है कि ‘दीवाना’ के गाने ‘तेरी उम्मीद तेरा इंतजार’ के लिए समीर को साल 1993 में फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था।
फिल्म ने शाहरुख को दिलाई नई पहचान
‘दीवाना’ सिर्फ एक रोमांटिक फिल्म नहीं थी, बल्कि यह उस साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक थी। फिल्म को 38वें फिल्मफेयर अवॉर्ड्स में 9 नॉमिनेशन मिले, जिनमें से इसने 5 अवॉर्ड अपने नाम किए। इनमें शाहरुख खान को बेस्ट मेल डेब्यू और दिव्या भारती को बेस्ट फीमेल डेब्यू का अवॉर्ड मिला। हालांकि फिल्म में ऋषि कपूर मुख्य भूमिका में थे, लेकिन शाहरुख खान के दीवाने अंदाज ने ऑडियंस का दिल जीत लिया और उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर भी सुपरहिट साबित हुई और सिनेमाघरों में करीब 50 हफ्तों तक चली।
दिव्या भारती की दुखद कहानी
‘दीवाना’ की कहानी जितनी रोमांटिक थी, उससे जुड़ी एक कड़ी उतनी ही दुखद है। इस फिल्म से बॉलीवुड में अपनी जगह मजबूत करने वाली दिव्या भारती की जिंदगी बहुत ज्यादा लंबी नहीं रही। फिल्म रिलीज होने के करीब एक साल बाद, 5 अप्रैल 1993 को, महज 19 साल की उम्र में मुंबई के अपने फ्लैट की पांचवीं मंजिल की बालकनी से गिरने के कारण उनकी मौत हो गई। उनकी मौत के पीछे कई सवाल उठे और कई तरह की अटकलें भी लगाई गईं, लेकिन आधिकारिक तौर पर इसे एक हादसा ही करार दिया गया। दिव्या भारती के निधन ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को झकझोर दिया था, क्योंकि उस वक्त वह अपने करियर की सबसे बुलंदी पर थीं।
आज भी दिलों में जिंदा है यह गाना
आज तीन दशक से ज्यादा वक्त बीत जाने के बाद भी ‘सोचेंगे तुम्हे प्यार करें के नहीं’ गाना अपने सुनने वालों के दिलों में उतनी ही ताजगी बनाए हुए है। कुमार सानू की आवाज, नदीम-श्रवण का संगीत और समीर के लिखे भावुक बोल, इन तीनों के मेल ने इस गाने को 90 के दशक के सबसे यादगार रोमांटिक गीतों में शामिल कर दिया। यह गाना न सिर्फ अपने संगीत के लिए, बल्कि इससे जुड़ी फिल्म और उसके किरदारों की कहानी के लिए भी हमेशा याद किया जाता रहेगा।

