पटना एक्सीडेंट के बाद बवाल: युवक की मौत से भड़की भीड़, 10 गाड़ियों में लगाई आग
पटना एक्सीडेंट में युवक की मौत के बाद गुस्साई भीड़ ने जमकर हंगामा किया। करीब 10 वाहनों को आग के हवाले किया गया, ट्रैफिक पुलिस पोस्ट जलाई और हाईवे जाम कर दिया गया।
पटना एक्सीडेंट के बाद बिगड़े हालात
पटना एक्सीडेंट के बाद शुक्रवार सुबह अगमकुआं थाना क्षेत्र के जीरो माइल के पास हालात तनावपूर्ण हो गए। तेज रफ्तार बस की चपेट में आने से एक युवक की मौत के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। हादसे के बाद बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया।
बताया जा रहा है कि सड़क हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे। युवक की मौत से नाराज लोगों ने दुर्घटना में शामिल बस में आग लगा दी। कुछ ही देर में स्थिति इतनी बिगड़ गई कि इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

फायर ब्रिगेड को भीड़ ने रोका
आग लगने की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, प्रदर्शन कर रही भीड़ ने फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को आगे बढ़ने से रोक दिया। इसके कारण आग बुझाने में परेशानी हुई और स्थिति और गंभीर होती चली गई।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने भीड़ को नियंत्रित करने की कोशिश की, लेकिन लोगों का आक्रोश कम नहीं हुआ। देखते ही देखते प्रदर्शन हिंसक हो गया और कई वाहनों को निशाना बनाया गया।
करीब 10 वाहनों में लगाई आग
हंगामे के दौरान गुस्साई भीड़ ने बस और अन्य वाहनों के अलावा पुलिस की गाड़ियों को भी आग के हवाले कर दिया। जानकारी के मुताबिक, पुलिस वाहनों, बसों और बाइक समेत करीब 10 वाहनों में आग लगाए जाने की बात सामने आई है।
उपद्रव के दौरान इलाके में स्थित ट्रैफिक पुलिस पोस्ट को भी आग लगा दी गई। घटना के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। आसपास के इलाकों से अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया।

नेशनल हाईवे-30 पर लगा जाम
हंगामे के चलते नेशनल हाईवे-30 पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर जाम लगा दिया, जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सड़क पर आगजनी और प्रदर्शन के कारण आम लोगों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थिति को देखते हुए पुलिस ने इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून हाथ में नहीं लेने की अपील की।
9 थानों की पुलिस मौके पर तैनात
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आसपास के 9 थानों से पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद रहे और हालात को सामान्य करने की कोशिश की गई।
पुलिस ने आगजनी और तोड़फोड़ करने वालों की पहचान करने के लिए घटनास्थल पर मौजूद वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच शुरू की है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।
पत्रकारों से मारपीट का भी आरोप
हंगामे के दौरान मौके पर कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों के साथ मारपीट किए जाने की बात भी सामने आई है। घटना के कारण इलाके में काफी देर तक तनाव का माहौल बना रहा।
पुलिस प्रशासन के सामने फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती यातायात व्यवस्था बहाल करने और इलाके में शांति कायम करने की है। साथ ही, आगजनी और तोड़फोड़ में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
हादसे के बाद हिंसा पर उठे सवाल
सड़क हादसे में किसी की जान जाना बेहद दुखद है, लेकिन इसके बाद सार्वजनिक और पुलिस संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा वाहनों में आग लगाने की घटनाओं ने स्थिति को और गंभीर बना दिया। प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि किसी भी घटना के विरोध में कानून अपने हाथ में न लें।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। हादसे के कारणों, बस चालक की भूमिका और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान को लेकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। प्रशासन का प्रयास है कि इलाके में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल की जाए।
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