जयपुर नगर निगम की बड़ी कार्रवाई, विवेक विहार मेट्रो स्टेशन के पास अवैध निर्माण सीज
नोटिस और चेतावनी के बावजूद जारी था निर्माण कार्य, निगम ने अपनाया सख्त रुख
जयपुर। राजधानी जयपुर में अवैध निर्माणों के खिलाफ नगर निगम का अभियान लगातार जारी है। शहर में नियमों के विरुद्ध हो रहे निर्माण कार्यों पर अंकुश लगाने के लिए निगम प्रशासन सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को जयपुर नगर निगम के सिविल लाइंस जोन की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए विवेक विहार मेट्रो स्टेशन के पास स्थित एक अवैध निर्माण को सीज कर दिया। निगम अधिकारियों के अनुसार संबंधित भूखंड पर स्वीकृत मानकों और भवन निर्माण नियमों की अनदेखी करते हुए बेसमेंट सहित तीन मंजिला भवन का निर्माण किया जा रहा था।

नगर निगम द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध निर्माण करने वालों में हड़कंप मच गया है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
सिविल लाइंस जोन के उपायुक्त सुनील कुमार बैरवा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह निर्माण कार्य विवेक विहार मेट्रो स्टेशन के पिलर नंबर-87 के सामने स्थित गोवर्धन कॉलोनी के भूखंड संख्या एफ-6 पर किया जा रहा था। जांच के दौरान पाया गया कि भवन निर्माण स्वीकृत नक्शे और निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं था। निर्माण में कई प्रकार की अनियमितताएं सामने आईं, जिसके चलते निगम को कार्रवाई करनी पड़ी।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार संबंधित भूखंड स्वामी को पहले भी कई बार नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस के माध्यम से निर्माण कार्य रोकने तथा निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद निर्माणकर्ता द्वारा निगम के आदेशों की अनदेखी करते हुए निर्माण कार्य लगातार जारी रखा गया। अधिकारियों का कहना है कि बार-बार चेतावनी देने के बाद भी जब कोई सुधार नहीं हुआ तो भवन को सीज करने का निर्णय लिया गया।
मंगलवार को निगम की टीम पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंची और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए निर्माणाधीन भवन को सीज कर दिया। कार्रवाई के दौरान भवन के प्रवेश द्वारों को बंद कर सील लगाया गया, ताकि आगे किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जा सके। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति सील तोड़ने या निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने की स्थिति में और भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जयपुर नगर निगम पिछले कुछ समय से अवैध निर्माणों के खिलाफ विशेष अभियान चला रहा है। शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नियमों के विरुद्ध निर्मित भवनों, अवैध व्यावसायिक परिसरों और बिना स्वीकृति के किए जा रहे निर्माण कार्यों की लगातार जांच की जा रही है। निगम प्रशासन का मानना है कि अनियंत्रित और अवैध निर्माण न केवल शहरी विकास योजनाओं को प्रभावित करते हैं, बल्कि भविष्य में सुरक्षा और यातायात संबंधी समस्याएं भी पैदा करते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि भवन निर्माण नियमों का पालन करना प्रत्येक भूखंड स्वामी की जिम्मेदारी है। स्वीकृत नक्शे से अलग निर्माण करने पर न केवल कानूनी कार्रवाई हो सकती है, बल्कि भवन को ध्वस्त करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है। इसी कारण निर्माण शुरू करने से पहले सभी आवश्यक अनुमतियां और स्वीकृतियां प्राप्त करना अनिवार्य होता है।
नगर निगम अधिकारियों ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित विभाग से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त करें और सभी नियमों का पालन करें। साथ ही यदि किसी क्षेत्र में अवैध निर्माण की जानकारी मिले तो उसकी सूचना निगम प्रशासन को दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।
फिलहाल निगम की इस कार्रवाई को अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि शहर में नियोजित विकास और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसे अभियानों को आगे भी जारी रखा जाएगा तथा नियमों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।

