उद्धव ठाकरे का BJP और शिंदे गुट पर बड़ा हमला, 6 सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा राजनीतिक हमला बोला है। मराठवाड़ा दौरे के दौरान उन्होंने पार्टी छोड़कर मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हुए छह सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि यदि देश में वास्तव में कानून का शासन है तो इन सांसदों को अयोग्य घोषित किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नेताओं ने जनता और पार्टी के साथ विश्वासघात किया है तथा वे विकास के लिए नहीं बल्कि अपने निजी स्वार्थ और राजनीतिक लाभ के लिए दूसरी पार्टी में गए हैं।
रविवार को परभणी और धाराशिव में आयोजित जनसभाओं को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि जनता ने इन सांसदों को शिवसेना के चुनाव चिन्ह और विचारधारा के आधार पर चुना था। ऐसे में पार्टी छोड़कर दूसरी विचारधारा के साथ जाना मतदाताओं के जनादेश का अपमान है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और संबंधित सांसदों की सदस्यता समाप्त की जानी चाहिए।

उद्धव ठाकरे ने अपने भाषण में भारतीय जनता पार्टी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे का जिक्र करते हुए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बाबर ने राम मंदिर को तोड़ा था, जबकि आज भाजपा पर मंदिर को लूटने के आरोप लग रहे हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने भाजपा को ‘बाबर जनता पार्टी’ कहकर संबोधित किया और सवाल उठाया कि यदि मंदिर से जुड़े मामलों में पारदर्शिता नहीं होगी तो दोनों में क्या अंतर रह जाएगा।
उन्होंने कहा कि भगवान राम करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं और राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं का प्रतीक है। ऐसे में यदि मंदिर से जुड़े किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या अनियमितता के आरोप सामने आते हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
मराठवाड़ा दौरे के दौरान उद्धव ठाकरे लगातार उन संसदीय क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं जहां शिवसेना छोड़कर शिंदे गुट में शामिल हुए सांसदों का प्रभाव है। वे जनसभाओं के माध्यम से जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं और लोगों से अपील कर रहे हैं कि वे आगामी चुनावों में उन नेताओं को जवाब दें जिन्होंने पार्टी और जनता का विश्वास तोड़ा है। उन्होंने कहा कि शिवसेना की मूल विचारधारा और बालासाहेब ठाकरे के सिद्धांतों से समझौता नहीं किया जाएगा।
उद्धव ठाकरे ने कार्यकर्ताओं से संगठन को और मजबूत करने का आह्वान करते हुए कहा कि कठिन समय में पार्टी के साथ खड़े रहने वाले कार्यकर्ता ही शिवसेना की असली ताकत हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि जनता सच्चाई को समझ रही है और आने वाले समय में लोकतांत्रिक तरीके से अपना फैसला सुनाएगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मराठवाड़ा दौरे के जरिए उद्धव ठाकरे अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। वे लगातार उन क्षेत्रों में सभाएं कर रहे हैं जहां पार्टी में टूट के बाद राजनीतिक समीकरण बदले हैं। उनके भाषणों में पार्टी छोड़ने वाले नेताओं के साथ-साथ भाजपा पर भी लगातार तीखे हमले देखने को मिल रहे हैं।
फिलहाल उद्धव ठाकरे के इन बयानों से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। छह सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग और भाजपा पर लगाए गए आरोपों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। अब इस पर शिंदे गुट और भाजपा की प्रतिक्रिया का भी इंतजार किया जा रहा है, क्योंकि आने वाले समय में यह मुद्दा राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण बहस का विषय बन सकता है।

