Voter List से नाम हटाने का आरोप, पूर्व पार्षद की लालकोठी थाने में शिकायत दर्ज
राजस्थान में SIR प्रक्रिया के दौरान Voter List से नाम कटवाने का मामला सामने आया है। आदर्श नगर के पूर्व पार्षद अकबरद्दीन ने लालकोठी थाने में रिपोर्ट दर्ज कर भाजपा BLA के भाई पर फर्जी फॉर्म-7 और झूठी घोषणा देने का आरोप लगाया है।
Voter List से नाम हटाने की कथित साजिश का मामला
राजस्थान में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां मतदाता सूची से नाम हटाने की कथित साजिश को लेकर पूर्व निर्वाचित पार्षद ने पुलिस की शरण ली है। वार्ड संख्या 89 से पूर्व पार्षद अकबरद्दीन ने जयपुर पूर्व के लालकोठी थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि उनके मताधिकार को समाप्त करने के उद्देश्य से फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।
फर्जी फॉर्म-7 भरकर नाम हटाने का आरोप

पूर्व पार्षद अकबरद्दीन ने शिकायत में बताया कि उनका नाम आदर्श नगर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 89 में बूथ संख्या 107 (सांगानेरी गेट) की मतदाता सूची में विधिवत दर्ज है। मतदाता सूची में उनका क्रम संख्या 692 है और EPIC नंबर MCM 3202645 है।
उन्होंने बताया कि SIR प्रक्रिया के तहत बीएलओ द्वारा दिया गया परिगणना प्रपत्र उन्होंने नियमों के अनुसार भरकर समय पर जमा करवा दिया था। इसके बावजूद उनके नाम को वोटर लिस्ट से हटाने का प्रयास किया गया।
BLO से मिली फर्जी फॉर्म की जानकारी
अकबरद्दीन के अनुसार 15 जनवरी को जब वे वार्डवासियों के साथ अपने बूथ पर पहुंचे, तो उन्हें जानकारी मिली कि सभी बीएलओ महात्मा गांधी स्कूल, गोल चक्कर, आदर्श नगर में बैठक में हैं। वहां पहुंचने पर बीएलओ पुष्पा ने उन्हें बताया कि अशोक नामक व्यक्ति ने उनके नाम से फॉर्म-7 जमा कराया है।
बताया गया कि फॉर्म-7 में अकबरद्दीन का नाम, मकान नंबर और EPIC नंबर दर्ज कर यह घोषणा की गई कि वे इस पते से अनुपस्थित हैं या स्थायी रूप से अन्यत्र स्थानांतरित हो चुके हैं।
50 वर्षों से उसी पते पर निवास
पूर्व पार्षद ने शिकायत में स्पष्ट किया है कि वे जन्म से ही उसी पते पर अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। मकान संख्या 188 उनके पिता द्वारा करीब 50 वर्ष पहले खरीदा गया था।
उन्होंने बताया कि वर्षों तक इसी पते पर उनका पार्षद कार्यालय संचालित रहा, जहां वार्ड के नागरिक नियमित रूप से आते-जाते रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें मतदाता सूची से हटाने की साजिश रची गई।
भाजपा BLA के भाई पर साजिश का आरोप
शिकायत में गंभीर आरोप लगाते हुए अकबरद्दीन ने कहा है कि फॉर्म-7 भरने वाला अशोक, भाजपा के बूथ लेवल एजेंट (BLA) सुनील का भाई है। आरोप है कि दोनों ने मिलकर आपराधिक षड्यंत्र के तहत यह कृत्य किया।
पूर्व पार्षद का दावा है कि बूथ संख्या 107 पर इस तरह के दर्जनों फर्जी और कूटरचित फॉर्म-7 जमा कराए गए हैं, जिससे कई मतदाताओं के नाम हटाने का प्रयास किया गया।
लोक सेवक को दी गई मिथ्या सूचना
अकबरद्दीन ने अपनी शिकायत में कहा है कि आरोपियों ने जानबूझकर बीएलओ जैसे लोक सेवक को मिथ्या सूचना और झूठे साक्ष्य उपलब्ध कराए। यह कृत्य लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है।
इसके साथ ही उन्होंने भारतीय न्याय संहिता की धारा 212, 216, 227, 229, 318(3) और 61 के तहत भी अपराध बनता बताया है।
पुलिस से कठोर कार्रवाई की मांग

पूर्व पार्षद अकबरद्दीन ने लालकोठी थाना पुलिस से मांग की है कि मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कर दोषियों को गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाना लोकतंत्र की जड़ों पर हमला है और इस तरह के अपराध में सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने यह भी मांग की कि भविष्य में किसी भी मतदाता के साथ इस प्रकार की धोखाधड़ी न हो, इसके लिए प्रशासन को कड़े कदम उठाने चाहिए।
SIR प्रक्रिया पर उठे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद SIR प्रक्रिया की पारदर्शिता और निगरानी को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
फिलहाल लालकोठी थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि फर्जी फॉर्म-7 के पीछे कौन लोग शामिल थे और कितने मतदाताओं को प्रभावित करने का प्रयास किया गया।
निष्कर्ष
मतदाता सूची से नाम हटाने जैसे गंभीर आरोप ने प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में हलचल पैदा कर दी है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। अब सभी की नजरें पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

