Uttarakhand Updates: देहरादून नेटवर्किंग कंपनी पर गंभीर आरोप: करणी सेना ने उठाई आवाज
देहरादून में एक नेटवर्किंग कंपनी द्वारा युवतियों को बंधक बनाने के संदेह पर करणी सेना ने मोर्चा खोला है। आरोप है कि कंपनी नौकरी का लालच देकर लड़कियों को फंसा रही है। मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया है और कार्रवाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

हल्द्वानी प्रदेश में संचालित एक नेटवर्किंग कंपनी पर गंभीर आरोप लगने के बाद हड़कंप मच गया है। नौकरी और आकर्षक वेतन के नाम पर गांव की भोली-भाली लड़कियों को बहला-फुसलाकर गलत गतिविधियों में धकेलने, बंधक बनाने और मानसिक प्रताड़ना देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
चोरगलिया निवासी नीलम ने सामने आकर आपबीती बताई है, जिसके बाद करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष सूरज चौधरी ने भी मामले को उठाते हुए सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि राज्य के कई जिलों—हल्द्वानी, रामनगर, नैनीताल, अल्मोड़ा, रानीखेत आदि में ऐसी नेटवर्किंग कंपनियों के एजेंट सक्रिय हैं, जो भोली लड़कियों को शिकार बना रहे हैं।
करणी सेना ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजकर इस पूरे नेटवर्क की जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा।
पूर्व राज्यपाल से लगाई न्याय की गुहार
नीलम की छोटी बहन सिमरन ने किसी तरह अपनी बहन को इस जाल से निकालकर पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की और पूरे मामले में हस्तक्षेप की मांग की। सिमरन का आरोप है कि लड़कियों को पहले 20,000 रुपये महीने की नौकरी और सुविधाओं का लालच देकर देहरादून बुलाया जाता है। फिर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर घर से पैसे मंगवाने का दबाव बनाया जाता है।
गांवों में फैली चिंता
इस मामले के सामने आने के बाद गांवों में चिंता का माहौल है। परिजनों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की लड़कियां जो पढ़ाई के लिए घर से दूर रहती हैं, वे आसानी से इस तरह के झांसे में आ जाती हैं।
भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दिलीप सिंह बोहरा, विरेंद्र सिंह, फिरोज अहमद, मनीष तिवारी, और गजेंद्र सिंह सहित कई लोगों ने प्रशासन से तत्काल जांच कर दोषियों को बेनकाब करने की मांग की है।

