Ujjain News Updates : विक्रमोत्सव व्यापार मेले में टैक्स छूट प्रक्रिया अटकी, डीलर-ग्राहक परेशान
नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) का पोर्टल अपडेट न होने से टैक्स छूट की प्रक्रिया अटक गई है। नतीजतन, तीन दिनों में बिके एक हजार से अधिक वाहन बिना टैक्स जमा हुए ही सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
एनआईसी पोर्टल अपडेट नहीं, टैक्स जमा अटका
डीलरों के अनुसार मेले में वाहनों की बिक्री अच्छी हो रही है, लेकिन टैक्स एंट्री नहीं हो पाने से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया रुकी हुई है। बीमा तो करा दिया गया है, लेकिन टैक्स जमा न होने से पेनाल्टी का खतरा बना हुआ है।
इंदौर के मारुति डीलर अमन पटेल ने बताया कि एनआईसी पोर्टल फिलहाल उज्जैन मेले के लिए एक्टिव नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि एक राज्य में एक समय पर दो व्यापार मेलों के लिए सिस्टम अपडेट संभव नहीं है।
ग्वालियर मेले के कारण अटका सिस्टम
जानकारी के मुताबिक 25 दिसंबर 2025 से 25 फरवरी 2026 तक ग्वालियर में भी व्यापार मेला आयोजित हो रहा है। नियमों के तहत एक समय में एक ही मेले को टैक्स छूट के लिए पोर्टल पर सक्रिय किया जा सकता है।
इसी कारण उज्जैन मेले को अभी तक सिस्टम पर अपडेट नहीं किया गया है। अधिकारियों ने एक-दो दिन में समस्या समाधान का भरोसा दिया है, लेकिन फिलहाल अनिश्चितता बनी हुई है।
ग्राहकों को नहीं मिल पा रहा छूट का लाभ
इंदौर ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन के सह सचिव विशाल पमनानी ने बताया कि उज्जैन मेले में पहली बार ऐसी तकनीकी समस्या सामने आई है।
एक डीलर ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि यदि देरी बढ़ी तो पेनाल्टी का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि प्रशासन की ओर से तीन दिन का अतिरिक्त समय देने की चर्चा है।
तीन दिनों में करीब हजार वाहन बिके
मेले के पहले तीन दिनों में करीब एक हजार वाहन बिक चुके हैं। इन सभी का बीमा कराया जा चुका है, लेकिन टैक्स एंट्री और रजिस्ट्रेशन लंबित है।
ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार स्टॉल्स पर ग्राहकों की भीड़ बनी हुई है। इंदौर, देवास और आसपास के जिलों से लोग मेले में वाहन खरीदने पहुंचे हैं। लेकिन टैक्स प्रक्रिया रुकी होने से कई ग्राहक असमंजस में हैं।
बिक्री में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, लेकिन तकनीकी बाधा
उज्जैन व्यापार मेले में पिछले वर्षों में वाहन बिक्री में लगातार बढ़ोतरी हुई है।
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वर्ष 2024 में 23,705 वाहन बिके
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वर्ष 2025 में 36,223 वाहन बिके
इस वर्ष इससे भी अधिक बिक्री की उम्मीद है। लेकिन यदि तकनीकी अड़चन जल्द दूर नहीं हुई तो बिक्री प्रभावित हो सकती है।
ट्रांसपोर्ट विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मेलों में टैक्स छूट बड़ी आकर्षण होती है। यदि सिस्टम समय पर अपडेट न हो तो ग्राहकों का विश्वास कम हो सकता है और राजस्व पर भी असर पड़ सकता है।
प्रशासन ने दिया समाधान का आश्वासन
प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा है कि समस्या अस्थायी है और जल्द ही पोर्टल अपडेट कर दिया जाएगा।
उज्जैन का विक्रमोत्सव मेला पर्यटन और व्यापार दोनों को बढ़ावा देता है। ऐसे में यह जरूरी है कि तकनीकी व्यवस्थाएं समय पर दुरुस्त रहें, ताकि न केवल ग्राहकों को लाभ मिले बल्कि राज्य सरकार को भी राजस्व प्राप्त हो सके।
फिलहाल डीलर और ग्राहक दोनों की नजर एनआईसी पोर्टल के अपडेट पर टिकी है। आने वाले एक-दो दिन इस मेले की दिशा तय करेंगे।