ट्रम्प का बड़ा फैसला: पाकिस्तान-बांग्लादेश समेत 75 देशों की वीजा सर्विस रोकेगा अमेरिका
अमेरिका 21 जनवरी से पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत 75 देशों के लिए वीजा प्रोसेस रोकने जा रहा है। ट्रम्प प्रशासन का मकसद अमेरिका आने वाले विदेशियों की संख्या घटाना और इमिग्रेशन सिस्टम के दुरुपयोग को रोकना है। इस फैसले में भारत के 6 पड़ोसी देश भी शामिल हैं।
ट्रम्प का बड़ा फैसला: पाकिस्तान-बांग्लादेश समेत 75 देशों की वीजा सर्विस रोकेगा अमेरिका
अमेरिका ने इमिग्रेशन को लेकर एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व में अमेरिकी प्रशासन ने 21 जनवरी से 75 देशों के लिए वीजा जारी करने की पूरी प्रक्रिया रोकने का निर्णय किया है। इस सूची में पाकिस्तान और बांग्लादेश समेत भारत के 6 पड़ोसी देश भी शामिल हैं।
इस फैसले का मुख्य मकसद अमेरिका आने वाले विदेशियों की संख्या कम करना और इमिग्रेशन सिस्टम के कथित दुरुपयोग को रोकना बताया गया है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मेमो के आधार पर फैसला
फॉक्स न्यूज के मुताबिक, यह निर्णय अमेरिकी विदेश मंत्रालय के एक आंतरिक मेमो के आधार पर लिया गया है। इस मेमो में अमेरिकी दूतावासों और कांसुलर अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन देशों से आने वाले इमिग्रेंट वीजा आवेदनों को फिलहाल खारिज करें।
वीजा प्रक्रिया तब तक रोकी जाएगी, जब तक जांच और सत्यापन प्रक्रिया की दोबारा समीक्षा नहीं हो जाती। हालांकि, यह रोक कितने समय तक लागू रहेगी, इसकी कोई आधिकारिक समयसीमा तय नहीं की गई है।
सरकारी मदद पर निर्भर लोगों को रोकना मकसद
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अब वह अपनी कानूनी शक्तियों का इस्तेमाल करेगा। इसके तहत ऐसे लोगों को वीजा देने से रोका जाएगा, जिनके बारे में आशंका हो कि वे अमेरिका पहुंचकर:
-
सरकारी वेलफेयर योजनाओं पर निर्भर हो सकते हैं
-
सार्वजनिक लाभ (Public Benefits) का बोझ बन सकते हैं
विदेश मंत्रालय का मानना है कि इससे अमेरिकी टैक्सपेयर्स के पैसों की सुरक्षा की जा सकेगी।
इमिग्रेशन सिस्टम के गलत इस्तेमाल पर ट्रम्प सख्त
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि ट्रम्प प्रशासन अमेरिका की इमिग्रेशन व्यवस्था के गलत इस्तेमाल को खत्म करना चाहता है।
उन्होंने कहा,
“हम उन लोगों को रोकना चाहते हैं जो अमेरिकी जनता के पैसे का अनुचित लाभ उठाने आते हैं।”
इसी वजह से 75 देशों के लिए इमिग्रेंट वीजा प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोका जा रहा है।
किन वीजा पर नहीं पड़ेगा असर?
इस फैसले का असर:
-
टूरिस्ट वीजा
-
बिजनेस वीजा
-
अन्य अस्थायी (नॉन-इमिग्रेंट) वीजा
पर नहीं पड़ेगा।
इसमें इस साल अमेरिका में होने वाले फुटबॉल वर्ल्ड कप को देखने आने वाले दर्शक भी शामिल हैं। हालांकि ट्रम्प प्रशासन ने यह साफ किया है कि सभी वीजा आवेदकों के सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच की जाएगी।
75 देशों की पूरी सूची जारी
🔹 एशिया के देश
अफगानिस्तान, आर्मेनिया, अजरबैजान, बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, कंबोडिया, ईरान, इराक, जॉर्डन, कजाकिस्तान, कुवैत, किर्गिस्तान, लाओस, लेबनान, मंगोलिया, नेपाल, पाकिस्तान, सीरिया, थाईलैंड, उज्बेकिस्तान और यमन।
🔹 अफ्रीका के देश
अल्जीरिया, कैमरून, मिस्र, इथियोपिया, घाना, लीबिया, मोरक्को, नाइजीरिया, रवांडा, सेनेगल, सोमालिया, सूडान, ट्यूनीशिया, युगांडा समेत कुल 30 से ज्यादा देश।
🔹 यूरोप के देश
रूस, अल्बानिया, बेलारूस, बोस्निया, जॉर्जिया, कोसोवो, नॉर्थ मैसेडोनिया, मोल्दोवा और मोंटेनेग्रो।
🔹 कैरिबियन और उत्तर अमेरिका
बहामास, क्यूबा, हैती, जमैका, डोमिनिका, सेंट लुसिया समेत 12 देश।
🔹 दक्षिण और मध्य अमेरिका
ब्राजील, कोलंबिया, उरुग्वे, ग्वाटेमाला और निकारागुआ।
गैर-यूरोपीय इमिग्रेशन कम करना चाहते हैं ट्रम्प
मॉस्को टाइम्स के अनुसार, ट्रम्प कई बार साफ कर चुके हैं कि वे गैर-यूरोपीय देशों से इमिग्रेशन कम करना चाहते हैं।
उन्होंने पहले:
-
सोमालिया के नागरिकों पर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं
-
स्कैंडिनेवियाई देशों (नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क) को बेहतर बताया
ट्रम्प की वापसी के बाद रिकॉर्ड वीजा रद्द
विदेश मंत्रालय के मुताबिक:
-
ट्रम्प की वापसी के बाद अब तक 1 लाख से ज्यादा वीजा रद्द
-
यह एक साल में सबसे ज्यादा रद्द किए गए वीजा हैं
वहीं, अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग के अनुसार:
-
पिछले महीने 6.05 लाख लोगों को डिपोर्ट किया गया
-
25 लाख लोग खुद ही अमेरिका छोड़कर चले गए
गोलीबारी की घटना के बाद और सख्ती
नवंबर में व्हाइट हाउस के पास हुई गोलीबारी की घटना के बाद ट्रम्प ने थर्ड वर्ल्ड देशों से इमिग्रेशन रोकने की बात कही थी। इस घटना में एक अफगान नागरिक शामिल था।
इसके अलावा, ट्रम्प प्रशासन ने सोमालिया के नागरिकों को डिपोर्टेशन से मिली सुरक्षा खत्म करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
निष्कर्ष
पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत 75 देशों के लिए वीजा प्रक्रिया रोकने का फैसला ट्रम्प की सख्त इमिग्रेशन नीति का हिस्सा है। इससे अमेरिका आने वाले इमिग्रेंट्स की संख्या पर बड़ा असर पड़ सकता है, खासकर एशिया और अफ्रीका के देशों से।
आने वाले दिनों में यह फैसला अंतरराष्ट्रीय राजनीति और प्रवासी समुदायों के लिए बड़ा मुद्दा बन सकता है।

