Next Target Cuba : ट्रम्प बोले- अगला नंबर क्यूबा का, सैन्य विकल्प पर विचार; आर्थिक संकट गहरा रहा है
Next Target Cuba :अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मियामी में कहा कि क्यूबा अगला फोकस है। जरूरत पड़ी तो सैन्य विकल्प इस्तेमाल हो सकता है। क्यूबा गहरे आर्थिक संकट में है, तेल सप्लाई कट गई और ब्लैकआउट की स्थिति है। अमेरिका निवेश और राजनीतिक नियंत्रण के लिए सक्रिय है।
Next Target Cuba :ट्रम्प का बड़ा बयान- अगला नंबर क्यूबा का
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को मियामी में बिजनेस समिट में क्यूबा को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अब अगला नंबर क्यूबा का है। ट्रम्प ने यह भी संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर अमेरिकी सेना का इस्तेमाल किया जा सकता है।
उन्होंने कहा, “मैंने अमेरिकी सेना को बहुत मजबूत बनाया है। कभी-कभी इसका इस्तेमाल करना पड़ सकता है। वैसे, क्यूबा का अगला नंबर है।” हालांकि तुरंत बाद उन्होंने कहा कि इसे ऐसे समझो कि मैंने यह कहा ही नहीं।
क्यूबा में आर्थिक संकट गहरा
ट्रम्प का बयान ऐसे समय आया है जब क्यूबा गहरे आर्थिक संकट से जूझ रहा है। वेनेजुएला से तेल सप्लाई बंद होने के कारण ईंधन की कमी बढ़ गई है।
अमेरिका की कार्रवाई के बाद वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को हटाया गया, जिससे क्यूबा की ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हुई। ट्रम्प पहले ही कह चुके थे कि क्यूबा की सरकार गिरने के करीब है और उन्होंने ‘फ्रेंडली टेकओवर’ का संकेत भी दिया था।
ट्रम्प का रणनीतिक नजरिया

ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से कहा कि वे क्यूबा को आजाद कर सकते हैं या अपने नियंत्रण में ले सकते हैं। इसके बावजूद अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि क्यूबा से बातचीत के रास्ते अभी भी खुले हैं।
क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनल ने भी स्वीकार किया कि अमेरिका से बातचीत जारी है और टकराव से बचना चाहते हैं।
तेल सप्लाई पर रोक और ब्लैक मार्केट
अमेरिका ने जनवरी से क्यूबा को तेल सप्लाई रोक दी और अन्य देशों को भी चेतावनी दी। अमेरिकी कोस्ट गार्ड ने कोलंबिया से क्यूबा जा रहे तेल टैंकर को रोका।
क्यूबा में हालात खराब हो गए हैं। पेट्रोल ब्लैक मार्केट में $35 प्रति गैलन तक पहुंच गया है। रोजाना बिजली कट रही है, अस्पतालों में सर्जरी टल रही हैं और खाने-पीने की कमी है।
क्यूबा में निवेश और व्यापारिक दृष्टिकोण

ट्रम्प क्यूबा को राजनीतिक ही नहीं, बल्कि कारोबारी दृष्टिकोण से भी देख रहे हैं। 1998 और 2011-12 में उनकी कंपनी ने क्यूबा में निवेश के अवसर देखे। 2016 में भी उन्होंने इसे निवेश के लिए संभावित जगह बताया।
उन्होंने कहा, “वे हमसे बात कर रहे हैं। यह असफल देश है, उनके पास न पैसा है, न तेल, कुछ भी नहीं है।”
ऐतिहासिक संदर्भ
1898 में स्पेन-अमेरिका युद्ध के बाद क्यूबा अमेरिका के प्रभाव में आया। 1959 में फिदेल कास्त्रो ने तानाशाह बतिस्ता को हटाया। कास्त्रो ने देश में कम्युनिस्ट नीति अपनाई और अमेरिकी कंपनियों की संपत्ति जब्त की।
इसके बाद अमेरिका ने क्यूबा पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए। क्यूबा सोवियत संघ के करीब चला गया। 55 साल तक कोई अमेरिकी राष्ट्रपति क्यूबा नहीं गया, यह सिलसिला 2015 में बराक ओबामा के दौर में खत्म हुआ।
फिदेल कास्त्रो पर अमेरिका की 600 कोशिशें
रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका ने 60 साल में फिदेल कास्त्रो को मारने के लिए 600 से ज्यादा कोशिशें कीं। जहरीले सिगार, जहरीले पेन और अन्य उपाय अपनाए, लेकिन कोई भी सफल नहीं हुआ।
25 नवंबर 2016 को 90 वर्ष की उम्र में फिदेल कास्त्रो का हवाना में निधन हुआ।

