International News : चीन कनाडा को एक साल में खा जाएगा, गोल्डन डोम पर विरोध से ट्रम्प नाराज
International News : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा पर चीन से नजदीकियां बढ़ाने का आरोप लगाया। गोल्डन डोम मिसाइल प्रोजेक्ट का विरोध करने पर ट्रम्प ने कहा कि चीन एक साल में कनाडा को बर्बाद कर देगा। ट्रम्प-कार्नी टकराव अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बना।
International News : ट्रम्प का बड़ा बयान, “चीन एक साल में कनाडा को खा जाएगा”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को एक विवादित और तीखा बयान देते हुए कहा कि चीन एक साल के भीतर कनाडा को खा जाएगा। ट्रम्प का यह बयान ऐसे समय आया है, जब कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी अमेरिका के महत्वाकांक्षी ‘गोल्डन डोम’ मिसाइल डिफेंस प्रोजेक्ट का खुलकर विरोध कर रहे हैं। ट्रम्प इस विरोध से खासे नाराज नजर आए।
International News : चीन से बढ़ती नजदीकियों पर ट्रम्प की आपत्ति
ट्रम्प ने आरोप लगाया कि कनाडा अमेरिका के बजाय चीन से अपने व्यापारिक और रणनीतिक रिश्ते मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि यही नीति कनाडा को कमजोर बना देगी। ट्रम्प के अनुसार, चीन कनाडा की अर्थव्यवस्था और संप्रभुता दोनों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
उन्होंने यहां तक कह दिया कि कनाडा उत्तर अमेरिका की सुरक्षा के लिए खतरा बनता जा रहा है, क्योंकि वह चीन जैसे देश के साथ समझौते कर रहा है।
International News : कनाडा-चीन व्यापार समझौते से भड़के ट्रम्प
दरअसल, कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने 13 से 17 जनवरी के बीच चीन की यात्रा की थी। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई अहम व्यापारिक समझौते हुए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यही दौरा ट्रम्प की नाराजगी की सबसे बड़ी वजह बना।
एक साल पहले तक कार्नी खुद चीन को कनाडा के लिए “सबसे बड़ा सुरक्षा खतरा” बता चुके थे, लेकिन हालिया चीन दौरे में रुख बदला हुआ नजर आया।
International News : EV टैरिफ पर बड़ा फैसला
नए समझौते के तहत कनाडा ने चीन की इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) पर लगाए गए भारी टैरिफ को घटाने का फैसला किया है।
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पहले: 100% टैरिफ
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अब: 6.1% टैरिफ
यह छूट हर साल 49 हजार इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर लागू होगी, जिसे अगले 5 साल में बढ़ाकर 70 हजार किया जा सकता है।
इसके बदले में चीन ने कनाडा के कृषि उत्पादों पर लगाए गए जवाबी टैरिफ को 84% से घटाकर 15% कर दिया है, जिसे साल के अंत तक शून्य किया जा सकता है।
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में कार्नी का भाषण
ट्रम्प की नाराजगी की दूसरी बड़ी वजह वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (दावोस) में दिया गया कार्नी का भाषण रहा। ‘नए वर्ल्ड ऑर्डर’ पर दिए गए इस भाषण को अंतरराष्ट्रीय मंच पर काफी सराहा गया।
कार्नी ने कहा कि आज की दुनिया बड़ी शक्तियों के दबदबे में है और नियम आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था कमजोर हो चुकी है। ताकतवर देश अपने फायदे के लिए नियम बदल लेते हैं, जबकि छोटे देशों को मजबूरी में उन्हें स्वीकार करना पड़ता है।
“महाशक्तियों के पास विकल्प होते हैं, कमजोर देशों के पास नहीं”
कार्नी ने कहा कि बड़े देशों के पास विशाल बाजार, मजबूत सेना और शर्तें तय करने की ताकत होती है, जबकि छोटे देश ऐसी स्थिति में कमजोर पड़ जाते हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून और व्यापार नियमों में दोहरे मापदंडों पर भी सवाल उठाए।
ट्रम्प का पलटवार: “कनाडा को हमें थैंक यू कहना चाहिए”
दावोस भाषण के अगले ही दिन ट्रम्प ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका कनाडा को कई मुफ्त सुरक्षा और आर्थिक सुविधाएं देता है, लेकिन कनाडा इसके लिए आभार नहीं जताता।
ट्रम्प ने यहां तक कह दिया कि कनाडा का अस्तित्व अमेरिका की वजह से है, और प्रधानमंत्री कार्नी को बयान देते समय यह बात याद रखनी चाहिए।
कार्नी का जवाब: “कनाडा किसी की वजह से नहीं, अपने दम पर आगे बढ़ रहा”

22 जनवरी को क्यूबेक सिटी में देश को संबोधित करते हुए कार्नी ने ट्रम्प के बयान का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कनाडा और अमेरिका के रिश्ते मजबूत रहे हैं, लेकिन कनाडा अमेरिका की वजह से जिंदा नहीं है।
कार्नी ने कहा कि कनाडा अपने लोगों की मेहनत, लोकतांत्रिक मूल्यों और स्वतंत्र सोच के दम पर आगे बढ़ रहा है।
गाजा बोर्ड ऑफ पीस से न्योता वापस
कार्नी के बयान के बाद ट्रम्प और नाराज हो गए। उन्होंने कनाडा से गाजा बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का न्योता भी वापस ले लिया, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा गया।
पहले भी टकरा चुके हैं ट्रम्प और कार्नी
यह पहली बार नहीं है जब ट्रम्प और कार्नी आमने-सामने आए हों। हाल ही में ग्रीनलैंड को लेकर भी दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी हुई थी। कार्नी ने साफ कहा था कि ग्रीनलैंड के भविष्य का फैसला अमेरिका नहीं कर सकता।
कनाडा को 51वां राज्य बनाने की ट्रम्प की इच्छा
ट्रम्प कई बार सार्वजनिक मंचों से कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बनाने की इच्छा जता चुके हैं। इस पर कार्नी ने दो टूक कहा था—
“कनाडा बिकाऊ नहीं है।”
क्या है गोल्डन डोम मिसाइल प्रोजेक्ट
गोल्डन डोम अमेरिका का महत्वाकांक्षी मिसाइल डिफेंस सिस्टम है, जो इजराइल के आयरन डोम से प्रेरित है।
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लागत: 175 अरब डॉलर
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1200+ सैटेलाइट्स
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200 इंटरसेप्टर सैटेलाइट्स
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लक्ष्य: चीन और रूस जैसे देशों से सुरक्षा
ट्रम्प के अनुसार यह सिस्टम 2029 तक पूरी तरह काम करने लगेगा।
निष्कर्ष
ट्रम्प और कार्नी के बीच बढ़ता तनाव केवल व्यक्तिगत बयानबाजी नहीं, बल्कि वैश्विक राजनीति और शक्ति संतुलन का संकेत है। चीन, अमेरिका और कनाडा के रिश्ते आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय कर सकते हैं।

