तोशी-शारिब साबरी ने जयपुर में लॉन्च किया सूफी एल्बम रूहानियत, 10 रूहानी गीतों का संगम
प्रसिद्ध कंपोजर-सिंगर जोड़ी तोशी-शारिब साबरी ने जयपुर में अपना ड्रीम सूफी म्यूजिक एल्बम ‘रूहानियत’ लॉन्च किया। ओपल म्यूजिक के इस एल्बम में 10 रूहानी गीत हैं, जिनमें मीका सिंह, राहुल वैद्य समेत कई बॉलीवुड सिंगर्स की आवाज शामिल है।
जयपुर में तोशी-शारिब साबरी ने लॉन्च किया सूफी म्यूजिक एल्बम ‘रूहानियत’
जयपुर:
बॉलीवुड को माही, समझावां जैसे सुपरहिट गाने देने वाली मशहूर कंपोजर-सिंगर जोड़ी तोशी साबरी और शारिब साबरी ने जयपुर में अपने ड्रीम सूफी म्यूजिक एल्बम ‘रूहानियत’ को बेहद अनोखे और आध्यात्मिक अंदाज में लॉन्च किया। यह आयोजन सिर्फ एक म्यूजिक लॉन्च नहीं, बल्कि संगीत, साधना और आत्मिक अनुभूति का संगम बनकर सामने आया।
सूफी संगीत और आध्यात्मिक अनुभूति का अनूठा संगम
एल्बम ‘रूहानियत’ का लॉन्च कार्यक्रम जयपुर की सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप आयोजित किया गया। पूरे माहौल में सूफी संगीत की गहराई और रूहानी एहसास साफ झलक रहा था। यह कार्यक्रम उन चुनिंदा म्यूजिक इवेंट्स में शामिल रहा, जहां संगीत के साथ आत्मिक शांति और साधना का अनुभव भी देखने को मिला।
कार्यक्रम में ये विशेष अतिथि रहे मौजूद
एल्बम लॉन्च के अवसर पर कई प्रतिष्ठित हस्तियां मौजूद रहीं:
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विनीत जैन – फाउंडर, विनीत जैन क्रिएशंस
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पवन गोयल – सोशल एक्टिविस्ट एवं डायरेक्टर, सफारी ग्रुप
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राघव गोयल
इन सभी ने एल्बम की संकल्पना और उसके आध्यात्मिक पक्ष की सराहना की।
विनीत जैन बोले – ‘रूहानियत’ आत्मा से संवाद की यात्रा
विनीत जैन ने अपने संबोधन में कहा—
“रूहानियत सिर्फ एक म्यूजिक एल्बम नहीं है, बल्कि आत्मा से संवाद करने वाली एक आध्यात्मिक यात्रा है। तोशी-शारिब साबरी ने सूफी परंपरा को आधुनिक भावनाओं और रूहानी एहसास के साथ बेहद खूबसूरती से पिरोया है। जयपुर जैसी सांस्कृतिक नगरी में इसका लॉन्च होना हमारे लिए गर्व की बात है।”
ओपल म्यूजिक का बड़ा सूफी प्रोजेक्ट
ओपल म्यूजिक के बैनर तले प्रस्तुत यह एल्बम भारत के सबसे बड़े सूफी म्यूजिक प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है।
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कुल 10 सोलफुल सूफी गीत
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आध्यात्मिक, प्रेम और आत्मिक भावनाओं का मिश्रण
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संगीत के साथ साधना का अनुभव
‘रूहानियत’ को एक कम्प्लीट रूहानी अनुभव के रूप में तैयार किया गया है, जो श्रोताओं को भीतर तक छूने की क्षमता रखता है।
लॉन्च पर गानों की झलकियों ने किया भावविभोर
एल्बम लॉन्च के दौरान जब चुनिंदा ट्रैक्स की झलकियां पेश की गईं, तो पूरा सभागार भावविभोर हो उठा। हर गीत ने सूफी संगीत के अलग-अलग रंग दर्शाए।
‘तुमसे प्यार करते हैं’ से हुई एल्बम की शुरुआत
एल्बम की शुरुआत हुई गीत ‘तुमसे प्यार करते हैं’ से, जिसमें
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शारिब साबरी,
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तोशी साबरी,
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अक्षिता चौहान
की मधुर और सोलफुल आवाज सुनाई दी। इस गीत ने एल्बम के रूहानी सफर की मजबूत नींव रखी।
मीका सिंह की आवाज में ‘पास आ गए हैं’
गीत ‘पास आ गए हैं’ में
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तोशी-शारिब साबरी के साथ
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मीका सिंह की दमदार आवाज
सुनाई दी। यह गाना सूफी और मॉडर्न फील का बेहतरीन मेल साबित हुआ।
‘मुरशिद’ में राहुल वैद्य ने बांधा समां
गीत ‘मुरशिद’ में
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राहुल वैद्य की आवाज
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साबरी ब्रदर्स के संगीत के साथ
एक अलग ही आध्यात्मिक माहौल रचती नजर आई। इस गीत ने गुरु-शिष्य और रूहानी मार्गदर्शन की भावना को गहराई से पेश किया।
‘इश्क दा हासिल’ में नक्श अजीज की रूहानी आवाज
गीत ‘इश्क दा हासिल’ को
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नक्श अजीज ने अपनी आवाज दी
इस गीत में इश्क-ए-हकीकी का गहरा एहसास देखने को मिला, जिसने सूफी प्रेम की सच्ची परिभाषा को उजागर किया।
तोशी-शारिब की आवाज में ये गीत भी शामिल
एल्बम में तोशी-शारिब साबरी की सादगी भरी आवाज में कई खास गीत शामिल हैं:
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अली अली
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धोखेबाज़ी
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बदनाम परिंदे
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तू ना जा
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ऐसा बनना संवरना
इन गीतों ने श्रोताओं को आत्मिक शांति और रूहानी अनुभूति का अनुभव कराया।
सूफी परंपरा और आधुनिक संगीत का संतुलन
‘रूहानियत’ की खासियत यह है कि इसमें
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पारंपरिक सूफी संगीत
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आधुनिक भावनाएं
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आज के श्रोताओं की संवेदनाएं
तीनों का संतुलन देखने को मिलता है। यही वजह है कि यह एल्बम युवा और पारंपरिक दोनों वर्गों को जोड़ता है।
जयपुर में लॉन्च होना बना खास पहचान
राजस्थान की राजधानी जयपुर, जो अपनी कला, संस्कृति और संगीत परंपरा के लिए जानी जाती है, वहां इस एल्बम का लॉन्च होना इसे और भी खास बनाता है। आयोजकों के अनुसार, जयपुर की रूहानी और सांस्कृतिक ऊर्जा ने एल्बम के संदेश को और गहराई दी।
सूफी संगीत प्रेमियों के लिए खास तोहफा
‘रूहानियत’ उन श्रोताओं के लिए एक खास तोहफा है, जो संगीत को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि आत्मिक शांति और साधना का माध्यम मानते हैं। यह एल्बम लंबे समय तक सूफी संगीत प्रेमियों के दिलों में अपनी जगह बनाए रखने की क्षमता रखता है।




