Silver Price Crash : चांदी ₹28 हजार लुढ़की, सोना ₹3 हजार सस्ता, MCX में भारी गिरावट से निवेशक सतर्क
Silver Price Crash : वायदा बाजार MCX में चांदी 28 हजार रुपए सस्ती होकर 2.40 लाख प्रति किलो पहुंच गई, जबकि सोना 3 हजार गिरकर 1.50 लाख पर आ गया। प्रॉफिट बुकिंग और मार्जिन बढ़ने से कीमतों पर दबाव बना है।
Silver Price Crash : चांदी आज ₹28 हजार सस्ती हुई
लगातार दो दिनों की तेज़ी के बाद आज सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में चांदी के दाम में करीब 28 हजार रुपए (11%) की बड़ी गिरावट देखने को मिली है। आज MCX पर 1 किलो चांदी का भाव 2.40 लाख रुपए पर आ गया है।
वहीं सोने की कीमत में भी कमजोरी देखने को मिली है। 10 ग्राम सोना करीब 3 हजार रुपए (2%) गिरकर 1.50 लाख रुपए के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक यह गिरावट मुनाफावसूली और मार्जिन मनी बढ़ने के कारण आई है।
लगातार दो दिन की तेजी के बाद आई बड़ी गिरावट
सोने-चांदी में यह गिरावट ऐसे समय आई है जब पिछले दो कारोबारी सत्रों में इनकी कीमतों में तेज उछाल देखा गया था। हाल के दिनों में सोना और चांदी रिकॉर्ड स्तरों के करीब पहुंच गए थे, जिसके बाद निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू कर दिया।
इससे पहले 29 जनवरी से 2 फरवरी के बीच भी बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी—
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चांदी करीब ₹1.60 लाख प्रति किलो तक टूटी थी
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सोना करीब ₹26 हजार प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ था
अब एक बार फिर कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है।
सर्राफा बाजार के दाम दोपहर में होंगे जारी
फिलहाल यह गिरावट वायदा बाजार (MCX) में दर्ज की गई है। सर्राफा बाजार यानी फिजिकल गोल्ड और सिल्वर के दाम दोपहर 12 बजे के बाद जारी किए जाएंगे। अक्सर देखा जाता है कि MCX और सर्राफा बाजार के दामों में अंतर बना रहता है।
MCX और सर्राफा बाजार के दाम अलग क्यों होते हैं?
MCX (वायदा बाजार)
MCX एक ऑनलाइन कमोडिटी एक्सचेंज है, जहां सोने-चांदी की फ्यूचर्स ट्रेडिंग होती है।
यहां दाम सेकेंड-दर-सेकेंड बदलते हैं, क्योंकि—
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ट्रेडिंग पूरी तरह डिजिटल होती है
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निवेशक सट्टा और हेजिंग दोनों करते हैं
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वैश्विक संकेतों का तुरंत असर पड़ता है
सर्राफा बाजार (फिजिकल मार्केट)
यह वह बाजार है जहां ग्राहक फिजिकल सोना-चांदी खरीदते हैं।
इसमें शामिल होता है—
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ट्रांसपोर्ट का खर्च
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स्टोरेज और इंश्योरेंस
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ज्वेलर्स का मार्जिन
इसी वजह से MCX और सर्राफा बाजार के दाम अलग-अलग होते हैं।
सोने-चांदी में गिरावट की 2 बड़ी वजह

प्रॉफिट बुकिंग
हाल के दिनों में सोने-चांदी ने ऑल-टाइम हाई के आसपास के स्तर छुए थे।
ऐसे में बड़े निवेशकों और ट्रेडर्स ने मुनाफा कमाने के लिए जमकर बिक्री की, जिससे दामों पर दबाव बना।
फिजिकल डिमांड में कमी
रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद—
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आम ग्राहकों की खरीदारी घटी
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ज्वेलरी डिमांड कमजोर हुई
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चांदी के औद्योगिक उपयोग को लेकर भी चिंताएं बढ़ीं
इससे बाजार में कमजोरी और गहराई।
मार्जिन बढ़ने से बढ़ा दबाव
सेबी रजिस्टर्ड कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के मुताबिक,
शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज (CME) ने कॉपर के बाद अब—
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सोने पर मार्जिन 6% से बढ़ाकर 8%
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चांदी पर मार्जिन 11% से बढ़ाकर 15% कर दिया है
मार्जिन बढ़ने का असर क्या होता है?
कमोडिटी ट्रेडिंग में ट्रेडर्स को पूरी रकम नहीं, बल्कि एक हिस्सा मार्जिन मनी के तौर पर जमा करना होता है।
मार्जिन बढ़ने पर—
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ट्रेडर्स को ज्यादा पैसा जमा करना पड़ता है
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जिनके पास फंड नहीं होता, वे अपनी होल्डिंग बेचते हैं
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जब एक साथ ज्यादा बिक्री होती है, तो कीमतें गिरने लगती हैं
यही वजह है कि सोने-चांदी पर फिलहाल दबाव बना हुआ है।
ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान
BIS हॉलमार्क जरूर देखें
हमेशा Bureau of Indian Standards (BIS) का हॉलमार्क लगा सोना ही खरीदें।
यह अल्फान्यूमेरिक कोड में होता है, जैसे — AZ4524, जो शुद्धता की गारंटी देता है।
कीमत क्रॉस चेक करें
खरीदारी से पहले सोने का भाव IBJA वेबसाइट या अन्य भरोसेमंद स्रोतों से जरूर मिलान करें।
24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के दाम अलग-अलग होते हैं।
असली चांदी पहचानने के 4 आसान तरीके

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मैग्नेट टेस्ट: असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती
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आइस टेस्ट: असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है
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स्मेल टेस्ट: असली चांदी में कोई गंध नहीं होती
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क्लॉथ टेस्ट: सफेद कपड़े से रगड़ने पर काला निशान आए तो चांदी असली है
आगे क्या करें निवेशक?
बाजार विशेषज्ञों की सलाह है कि—
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भारी उतार-चढ़ाव के दौर में जल्दबाजी से निवेश न करें
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धीरे-धीरे और चरणबद्ध निवेश बेहतर रणनीति है
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लंबी अवधि के निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं
सोने-चांदी में आगे भी अस्थिरता बनी रह सकती है।

