Price Fall : चांदी तीन दिन में ₹1.60 लाख गिरी, सोना ₹1.40 लाख पर आया, मुनाफा वसूली से बाजार दबाव में
Price Fall : तीन दिन में चांदी ₹1.60 लाख और सोना ₹30 हजार सस्ता हुआ। MCX पर मुनाफा वसूली, कमजोर फिजिकल डिमांड और मार्जिन बढ़ने से गोल्ड-सिल्वर की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। जानिए गिरावट की वजहें और आगे का रुझान।
Price Fall : चांदी तीन दिन में ₹1.60 लाख गिरी, ₹2.41 लाख प्रति किलो हुई
सोना भी फिसलकर ₹1.40 लाख पर आया, मुनाफा वसूली से दबाव**
Price Fall : लगातार तीसरे दिन गिरावट, निवेशकों में सतर्कता
गोल्ड और सिल्वर मार्केट में लगातार तीसरे दिन भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। शनिवार 2 फरवरी को वायदा बाजार (MCX) में चांदी की कीमतों में करीब 23 हजार रुपए (लगभग 9%) की तेज गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही चांदी का भाव गिरकर ₹2.41 लाख प्रति किलो पर आ गया।
वहीं सोने की कीमतों में भी कमजोरी जारी रही। 10 ग्राम सोना करीब ₹7 हजार (6%) सस्ता होकर ₹1.40 लाख के स्तर पर ट्रेड करता नजर आया। जानकारों के मुताबिक रिकॉर्ड स्तरों के बाद निवेशकों की मुनाफा वसूली ने बाजार पर दबाव बना दिया है।
Price Fall : तीन दिन में ऐतिहासिक गिरावट, निवेशकों को झटका
बीते तीन दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने निवेशकों को चौंका दिया है।
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चांदी:
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29 जनवरी: ₹4.01 लाख प्रति किलो
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2 फरवरी: ₹2.41 लाख प्रति किलो
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कुल गिरावट: ₹1.60 लाख
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सोना:
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29 जनवरी: ₹1.69 लाख (10 ग्राम)
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2 फरवरी: ₹1.40 लाख (10 ग्राम)
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कुल गिरावट: करीब ₹30 हजार
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कमोडिटी बाजार में इतनी तेज गिरावट लंबे समय बाद देखने को मिली है।
30 जनवरी को सर्राफा बाजार में भी भारी गिरावट

इससे पहले 30 जनवरी को सर्राफा बाजार में भी सोने-चांदी के दाम बुरी तरह टूटे थे।
इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार—
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चांदी ₹40,638 सस्ती होकर ₹3,39,350 प्रति किलो पर आ गई थी
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24 कैरेट सोना ₹9,545 गिरकर ₹1,65,795 प्रति 10 ग्राम रह गया था
इसके बाद MCX पर गिरावट और तेज हो गई।
गिरावट की मुख्य वजहें क्या हैं?
1. मुनाफा वसूली (Profit Booking)

हाल के दिनों में सोना और चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे थे।
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चांदी ₹4 लाख
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सोना ₹1.70 लाख के करीब
इतने ऊंचे स्तरों पर पहुंचने के बाद बड़े निवेशकों और ट्रेडर्स ने भारी मुनाफा वसूली शुरू कर दी, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ा।
2. फिजिकल डिमांड में कमी
ऑल-टाइम हाई के बाद बाजार में फिजिकल डिमांड कमजोर हो गई।
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ज्वेलरी सेक्टर में खरीदारी घटी
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इंडस्ट्रियल यूज़ को लेकर भी चिंताएं बढ़ीं
इससे कीमतों को सपोर्ट नहीं मिल पाया।
मार्जिन बढ़ने से और दबाव
SEBI रजिस्टर्ड कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के अनुसार—
शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज (CME) ने—
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सोने पर मार्जिन: 6% से बढ़ाकर 8%
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चांदी पर मार्जिन: 11% से बढ़ाकर 15%
मार्जिन बढ़ने का सीधा मतलब है कि ट्रेडर्स को अब ज्यादा पूंजी लगानी होगी।
मार्जिन बढ़ने से दाम क्यों गिरते हैं?
कमोडिटी मार्केट में किसी सौदे की पूरी रकम तुरंत नहीं देनी होती।
ट्रेडर एक तय हिस्सा मार्जिन मनी के रूप में जमा करता है।
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जब मार्जिन बढ़ता है
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एक्सचेंज ट्रेडर्स से अतिरिक्त पैसे मांगता है
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जिनके पास कैश नहीं होता, वे मजबूरी में पोजीशन बेचते हैं
जब एक साथ बड़े पैमाने पर बिकवाली होती है, तो कीमतें तेजी से गिरती हैं।
निवेशकों के लिए आगे क्या संकेत?
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि—
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शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है
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मुनाफा वसूली का दबाव अभी खत्म नहीं हुआ है
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ग्लोबल संकेत और डॉलर इंडेक्स भी कीमतों को प्रभावित करेंगे
हालांकि, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए गिरावट मौका भी बन सकती है, लेकिन सोच-समझकर कदम उठाने की सलाह दी जा रही है।
निष्कर्ष
तीन दिन में सोने-चांदी की कीमतों में आई ऐतिहासिक गिरावट ने बाजार की चाल पूरी तरह बदल दी है।
मुनाफा वसूली, कमजोर डिमांड और मार्जिन बढ़ने जैसे फैक्टर्स ने गोल्ड-सिल्वर को दबाव में ला दिया है। आने वाले दिनों में निवेशकों की नजर अब ग्लोबल ट्रेंड्स और आगे की पॉलिसी अपडेट्स पर रहेगी।

