Jaipur | Conference : शिवराज बोले- राज्यों पर योजनाएं नहीं थोपेंगे, किसानों के लिए चयन की आजादी

Jaipur | Conference : जयपुर कृषि सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र राज्यों पर योजनाएं नहीं थोपेगा। किसानों के लिए 18 योजनाओं में से चुनने की स्वतंत्रता दी जाएगी। फार्मर आईडी, डिजिटल खेती और किसानों की आय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
Jaipur | Conference : जयपुर कृषि सम्मेलन: शिवराज सिंह चौहान बोले- राज्यों पर योजनाएं नहीं थोपेगी केंद्र सरकार
जयपुर में आयोजित पश्चिम क्षेत्रीय कृषि सम्मेलन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों और राज्यों के हित में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केंद्र सरकार किसी भी राज्य पर योजनाएं थोपना नहीं चाहती, क्योंकि हर राज्य की भौगोलिक और कृषि परिस्थितियां अलग होती हैं।
उन्होंने राज्यों को 18 अलग-अलग कृषि योजनाओं में से अपनी जरूरत के अनुसार योजना चुनने और बजट का उपयोग करने की पूरी स्वतंत्रता देने की बात कही।
किसानों को मिलेगी योजनाओं में चयन की आजादी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह नई व्यवस्था राज्यों को अधिक लचीलापन देगी। इससे राज्य अपनी स्थानीय जरूरतों और कृषि परिस्थितियों के अनुसार योजनाओं को लागू कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि “एक ही नीति सभी राज्यों पर लागू करना सही नहीं है, क्योंकि हर क्षेत्र की समस्याएं और जरूरतें अलग होती हैं।”
किसान देश की रीढ़, खाद्य सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को देश का “अन्नदाता” और “जीवनदाता” बताते हुए कहा कि 140 करोड़ लोगों की खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की आय बढ़ाना, कृषि क्षेत्र को तकनीकी रूप से मजबूत बनाना और उत्पादन बढ़ाना सरकार के मुख्य लक्ष्य हैं।
डिजिटल कृषि और आधुनिक तकनीक पर जोर

सम्मेलन में डिजिटल कृषि मिशन और आधुनिक तकनीकों को तेजी से अपनाने पर विशेष जोर दिया गया।
- स्मार्ट खेती
- डेटा आधारित निर्णय
- वैज्ञानिक पद्धतियों का उपयोग
- नई तकनीकों का विस्तार
इन सभी के माध्यम से कृषि उत्पादन और किसानों की आय बढ़ाने की योजना है।
फार्मर आईडी बनेगी भविष्य की पहचान
केंद्रीय मंत्री ने ‘फार्मर आईडी’ को किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा कि भविष्य में खाद, बीज और सरकारी सहायता इसी आईडी के जरिए वितरित की जाएगी।
उन्होंने राज्यों को निर्देश दिए कि वे जल्द से जल्द फार्मर आईडी बनाने का काम पूरा करें। राजस्थान में अभी करीब 10 लाख किसानों की आईडी बननी बाकी है।
उर्वरकों के बढ़ते उपयोग पर चिंता
शिवराज सिंह चौहान ने रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इससे जमीन की उपजाऊ क्षमता लगातार कम हो रही है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस विषय पर जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय गहन अध्ययन और चर्चा के बाद ठोस समाधान निकाला जाए।
किसानों को बाजार तक पहुंचाने की नई पहल

हाल ही में आलू और प्याज के दामों में गिरावट को लेकर भी केंद्रीय मंत्री ने चिंता जताई।
उन्होंने किसानों को राहत देते हुए कहा कि:
- अगर किसान अपनी उपज दूसरे बाजार में बेचना चाहते हैं
- तो ट्रांसपोर्टेशन का खर्च केंद्र सरकार उठाएगी
इससे किसानों को बेहतर दाम मिलने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बयान
सम्मेलन में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी किसानों को लेकर अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि देश का विकास गांवों से ही संभव है और किसानों को आधुनिक और रिसर्च आधारित खेती अपनानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने किसानों को:
- लागत कम करने
- पशुपालन और डेयरी को बढ़ावा देने
- फल-सब्जी की खेती अपनाने
की सलाह दी।
खेती बन रही तीसरी पसंद
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बदलते समय में खेती अब युवाओं की पहली पसंद नहीं रही।
उन्होंने कहा:
“पहले खेती पहली पसंद होती थी, अब नौकरी पहली और खेती तीसरी पसंद बन गई है।”
यह बयान कृषि क्षेत्र की मौजूदा चुनौतियों को दर्शाता है।
ईआरसीपी और सिंचाई पर जोर
मुख्यमंत्री ने ईआरसीपी योजना के जरिए 17 जिलों तक सिंचाई का पानी पहुंचाने की बात दोहराई।
साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि जहां फसल उत्पादन अधिक है, वहां प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित की जाएं, ताकि किसानों को बेहतर मूल्य मिल सके।
राज्यों के लिए कृषि रोडमैप तैयार होगा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हर राज्य को अपना कृषि रोडमैप तैयार करना चाहिए। इसके लिए केंद्र सरकार विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों की टीम राज्यों में भेजेगी।
राजस्थान ने इस दिशा में पहल शुरू कर दी है और जल्द ही इसके लिए एक विशेष टीम गठित की जाएगी।
सम्मेलन में कई राज्यों के मंत्री शामिल
इस सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के कृषि मंत्री और प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें:
- राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा
- मध्यप्रदेश के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना
- गोवा और महाराष्ट्र के मंत्री
भी मौजूद रहे।
निष्कर्ष
जयपुर में आयोजित यह कृषि सम्मेलन किसानों के लिए नई दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है। केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को दी गई स्वतंत्रता और तकनीक आधारित खेती पर जोर आने वाले समय में कृषि क्षेत्र को मजबूत बना सकता है।
अगर इन योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन होता है, तो किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

