Sensex Rise : सेंसेक्स 640 अंक चढ़कर 78,206 पर बंद, निफ्टी 24,262 पहुंचा, कच्चा तेल 9% सस्ता
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Sensex Rise : भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को जोरदार तेजी रही। सेंसेक्स 640 अंक चढ़कर 78,206 पर बंद हुआ और निफ्टी 24,262 पर पहुंच गया। वहीं ग्लोबल मार्केट में कच्चा तेल करीब 9% गिरकर 90 डॉलर के आसपास आ गया। ट्रम्प के युद्ध खत्म होने वाले बयान का असर बाजार में दिखा।
Sensex Rise : सेंसेक्स 640 अंक चढ़कर 78,206 पर बंद, निफ्टी 24,262 पहुंचा
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार 10 मार्च को शानदार तेजी देखने को मिली। दिनभर के कारोबार के बाद बीएसई सेंसेक्स 640 अंक यानी 0.82% की बढ़त के साथ 78,205 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 233 अंक यानी 0.97% चढ़कर 24,262 के स्तर पर बंद हुआ।
आज बाजार में बैंकिंग, ऑटो और FMCG सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ, जिसका असर बाजार पर सकारात्मक रूप से दिखाई दिया।
Sensex Rise : कच्चा तेल 9% सस्ता होकर 90 डॉलर के आसपास
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 9% गिरकर 92.50 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई।
वहीं अमेरिकी क्रूड ऑयल (WTI) भी करीब 9% टूटकर 88.60 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया है। इससे पहले कच्चे तेल की कीमतें 115 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई थीं।
हालांकि मौजूदा कीमतें अभी भी युद्ध शुरू होने से पहले के स्तर की तुलना में लगभग 30% ज्यादा बनी हुई हैं।
ट्रम्प के बयान का असर
कच्चे तेल की कीमतों में आई इस गिरावट के पीछे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का बयान एक बड़ा कारण माना जा रहा है। ट्रम्प ने कहा था कि मौजूदा युद्ध “बहुत जल्द” खत्म हो सकता है।
उनके इस बयान से वैश्विक सप्लाई चेन को लेकर बनी अनिश्चितता कुछ कम हुई है। इसके चलते निवेशकों में भरोसा बढ़ा और बाजार में सकारात्मक माहौल देखने को मिला।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युद्ध जल्द समाप्त होता है तो तेल की सप्लाई बेहतर हो सकती है और कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है।
एशियाई बाजारों में भी तेजी

मंगलवार को एशियाई शेयर बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली।
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साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 5.35% चढ़कर 5,532 पर बंद हुआ।
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जापान का निक्केई इंडेक्स 1,519 अंक यानी 2.88% बढ़कर 54,248 के स्तर पर बंद हुआ।
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हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 551 अंक यानी 2.17% चढ़कर 25,960 पर बंद हुआ।
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चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 27 अंक यानी 0.65% बढ़कर 4,123 पर बंद हुआ।
एशियाई बाजारों में आई तेजी ने भी भारतीय बाजार को समर्थन दिया।
अमेरिकी बाजार में रही गिरावट
हालांकि इससे पहले 9 मार्च को अमेरिकी शेयर बाजारों में गिरावट देखने को मिली थी।
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डाउ जोन्स इंडेक्स 239 अंक यानी 0.50% गिरकर 47,740 पर बंद हुआ।
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टेक बेस्ड नैस्डैक कंपोजिट 1.38% गिरकर 22,695 के स्तर पर बंद हुआ।
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S&P 500 इंडेक्स 55 अंक यानी 0.83% गिरकर 6,795 पर बंद हुआ।
विदेशी और घरेलू निवेशकों की गतिविधि

विदेशी और घरेलू निवेशकों के आंकड़े भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
एक दिन पहले विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने कैश सेगमेंट में लगभग ₹6,345 करोड़ के शेयर बेचे। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने करीब ₹9,014 करोड़ की नेट खरीदारी की।
मार्च महीने में अब तक विदेशी निवेशकों ने करीब ₹28,176 करोड़ के शेयर बेचे हैं। इसके विपरीत घरेलू निवेशकों ने ₹41,800 करोड़ की नेट खरीदारी की है।
फरवरी महीने में भी विदेशी निवेशकों ने ₹6,640 करोड़ के शेयर बेचे थे, जबकि घरेलू निवेशकों ने ₹38,423 करोड़ की नेट खरीदारी की थी।
एक दिन पहले बाजार में भारी गिरावट
इससे पहले 9 मार्च को शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली थी। उस दिन सेंसेक्स 1,353 अंक यानी 1.71% गिरकर 77,566 के स्तर पर बंद हुआ था।
वहीं निफ्टी भी 422 अंक यानी 1.73% की गिरावट के साथ 24,028 पर बंद हुआ था। उस दिन बैंक, ऑटो, मेटल, एनर्जी और FMCG सेक्टर के शेयरों में ज्यादा बिकवाली देखी गई थी।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक परिस्थितियों और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर आगे भी शेयर बाजार की दिशा तय करेगा।

