Sensex Nifty Fall : सेंसेक्स 1300 अंक गिरा, निफ्टी 400 अंक टूटा; जंग और तेल कीमतों से बाजार दबाव में
![]()
Sensex Nifty Fall : अमेरिका-इजराइल और ईरान तनाव के बीच भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 1300 अंक गिरकर 74,750 पर पहुंचा जबकि निफ्टी 400 अंक टूटकर 23,200 पर आ गया। मेटल और बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली रही, वहीं FMCG सेक्टर में हल्की तेजी देखने को मिली।
Sensex Nifty Fall : शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: सेंसेक्स 1300 अंक टूटा, निफ्टी 400 अंक नीचे
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध तनाव का असर अब वैश्विक वित्तीय बाजारों के साथ-साथ भारतीय शेयर बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
12 मार्च को लगातार तीसरे दिन शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स करीब 1300 अंक यानी लगभग 1.67% गिरकर 74,750 के स्तर पर कारोबार करता नजर आया।
वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 400 अंक यानी लगभग 1.80% की गिरावट के साथ 23,200 के स्तर पर पहुंच गया।
बाजार में आज सबसे ज्यादा दबाव मेटल और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में देखने को मिला, जबकि FMCG सेक्टर के कुछ शेयरों में हल्की तेजी दर्ज की गई।
Sensex Nifty Fall : मेटल और बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली
आज के कारोबार में निवेशकों की सबसे ज्यादा बिकवाली मेटल और बैंकिंग सेक्टर में देखने को मिली।
मेटल कंपनियों के शेयरों पर वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता का असर पड़ा है। युद्ध की स्थिति में वैश्विक मांग घटने और सप्लाई चेन बाधित होने की आशंका से निवेशकों ने मेटल स्टॉक्स में बिकवाली की।
बैंकिंग सेक्टर के शेयर भी दबाव में रहे क्योंकि बाजार में जोखिम बढ़ने के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया।
हालांकि FMCG सेक्टर के शेयरों में कुछ मजबूती देखने को मिली, क्योंकि ऐसे सेक्टर को आम तौर पर बाजार की अनिश्चितता के समय सुरक्षित माना जाता है।
बाजार गिरने की तीन बड़ी वजहें
विशेषज्ञों के अनुसार शेयर बाजार में गिरावट के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं।
1. अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध का असर
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है। इससे निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ गई है।
2. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा तेल आयात करता है। ऐसे में तेल की कीमत बढ़ने से देश का आयात बिल और महंगाई दोनों बढ़ सकती हैं।
3. वैश्विक बाजारों में गिरावट
अमेरिकी और एशियाई बाजारों में गिरावट का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ा है।
एशियाई बाजारों में भी गिरावट
भारत के साथ-साथ एशिया के अन्य प्रमुख शेयर बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली।
दक्षिण कोरिया
कोस्पी इंडेक्स लगभग 1.66% गिरकर 5,490 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
जापान
निक्केई इंडेक्स करीब 1.04% गिरकर 53,884 के स्तर पर आ गया।
हॉन्गकॉन्ग
हैंगसेंग इंडेक्स लगभग 0.48% गिरकर 25,593 पर कारोबार कर रहा है।
चीन
शंघाई कंपोजिट इंडेक्स भी 0.22% गिरकर 4,120 के स्तर पर पहुंच गया।
इन आंकड़ों से साफ है कि वैश्विक निवेशकों में जोखिम को लेकर चिंता बढ़ रही है।
Sensex Nifty Fall : अमेरिकी बाजारों में भी आई तेज गिरावट
12 मार्च को अमेरिकी शेयर बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए।
डाउ जोन्स इंडेक्स
739 अंक यानी 1.56% गिरकर 46,677 के स्तर पर बंद हुआ।
नैस्डैक कंपोजिट
टेक्नोलॉजी शेयरों पर आधारित यह इंडेक्स 1.78% गिरकर 22,311 पर बंद हुआ।
S&P 500 इंडेक्स
यह इंडेक्स 103 अंक यानी 1.52% गिरकर 6,672 के स्तर पर बंद हुआ।
अमेरिकी बाजारों में गिरावट का असर अगले दिन एशियाई और भारतीय बाजारों पर भी दिखाई देता है।
कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर के पार
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है।
ब्रेंट क्रूड लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। इससे पहले 9 मार्च को इसकी कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी।
तेल की कीमत बढ़ने से भारत जैसे आयातक देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। इससे महंगाई और व्यापार घाटा दोनों बढ़ने की आशंका रहती है।
लगातार तीसरे दिन गिरा शेयर बाजार
इससे पहले भी बाजार में लगातार गिरावट देखी गई थी।
11 मार्च को सेंसेक्स 829 अंक यानी 1.08% गिरकर 76,034 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी में भी लगभग 228 अंक की गिरावट दर्ज की गई थी।
लगातार तीन दिन की गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है और बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और तेल की कीमतों में तेजी के कारण बाजार में निकट भविष्य में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
निवेशकों को ऐसे समय में सावधानी के साथ निवेश करने और लंबी अवधि की रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।
Read More : राजस्थान में 14 मार्च को आंधी-बारिश का अलर्ट, वेस्टर्न डिस्टरबेंस से गर्मी में राहत

