जयपुर के शिवदासपुरा स्थित नए सैटेलाइट अस्पताल में चिकित्सा सेवाएं शुरू होने से पहले ही चार स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की नियुक्ति किए जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इस मामले में जन स्वास्थ्य निदेशक Dr. Ravi Prakash को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्हें तीन दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है।
भवन तैयार, लेकिन सेवाएं शुरू नहीं
मेडिकल हेल्थ डिपार्टमेंट द्वारा शिवदासपुरा में सैटेलाइट अस्पताल का भवन तैयार कर लिया गया है। हालांकि, अभी तक यहां ओपीडी या अन्य चिकित्सा सेवाएं शुरू नहीं हुई हैं।
इसके बावजूद 28 जनवरी को जन स्वास्थ्य निदेशक ने आदेश जारी कर चार डॉक्टरों की पोस्टिंग कर दी। यह निर्णय सामने आने के बाद विभाग में सवाल उठने लगे।
प्रमुख शासन सचिव ने जताई नाराजगी

हाल ही में प्रमुख शासन सचिव Gayatri Rathore ने अस्पताल भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि यहां चार स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की पोस्टिंग हो चुकी है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब अस्पताल में अभी चिकित्सा सेवाएं शुरू ही नहीं हुईं, तो स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की नियुक्ति क्यों की गई? खासतौर पर एक ही अस्पताल में दो मनोरोग विशेषज्ञों की तैनाती पर उन्होंने नाराजगी जाहिर की।
इन डॉक्टरों की हुई पोस्टिंग
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डॉ. अशोक कुमार दादरवाल (सीनियर स्पेशलिस्ट, मेडिसिन)
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डॉ. चित्रा सिंह (मेडिकल ऑफिसर, मनोरोग)
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डॉ. संदीप छीपा (मेडिकल ऑफिसर, निश्चेतना)
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डॉ. चकित शर्मा (मेडिकल ऑफिसर, मनोरोग)
एक ही संस्थान में दो-दो मनोरोग विशेषज्ञों की पोस्टिंग को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
वित्तीय नुकसान और सेवाओं का अभाव
प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि जहां इन विशेषज्ञ डॉक्टरों की आवश्यकता है, वहां उनकी सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं, जबकि यहां अस्पताल चालू ही नहीं हुआ।
उन्होंने इसे राजकोष पर अनावश्यक वित्तीय बोझ बताया। उनका कहना है कि इससे न तो मरीजों को लाभ मिल रहा है और न ही संसाधनों का सही उपयोग हो पा रहा है।
तीन दिन में देना होगा जवाब
स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस में जन स्वास्थ्य निदेशक से तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
अब यह देखना होगा कि विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और शिवदासपुरा सैटेलाइट अस्पताल में चिकित्सा सेवाएं कब तक शुरू हो पाती हैं।
यह मामला प्रशासनिक निर्णयों और संसाधन प्रबंधन पर भी सवाल खड़े कर रहा है।