Building Flourishing Futures : रिलायंस फाउंडेशन सम्मेलन में छात्रों के भविष्य पर चर्चा, ईशा अंबानी ने सुरक्षित शिक्षा पर दिया जोर
Building Flourishing Futures : रिलायंस फाउंडेशन के ‘बिल्डिंग फ्लोरिशिंग फ्यूचर्स’ सम्मेलन में शिक्षा विशेषज्ञों ने बच्चों के समग्र विकास, खेल आधारित पढ़ाई और एआई की भूमिका पर चर्चा की। ईशा अंबानी ने सुरक्षित और समावेशी शिक्षा प्रणाली पर जोर दिया।
Building Flourishing Futures : रिलायंस फाउंडेशन के ‘बिल्डिंग फ्लोरिशिंग फ्यूचर्स’ सम्मेलन में छात्रों के भविष्य पर फोकस
शिक्षा के शुरुआती वर्षों को बताया गया बच्चों के विकास का सबसे महत्वपूर्ण चरण
मुंबई में आयोजित रिलायंस फाउंडेशन के दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन ‘बिल्डिंग फ्लोरिशिंग फ्यूचर्स’ में बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा और उनके समग्र विकास को लेकर गहन चर्चा की गई। इस सम्मेलन में भारत और दुनिया भर से 250 से अधिक शिक्षा विशेषज्ञ, शिक्षाविद, नीति निर्माता और शोधकर्ता शामिल हुए।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा प्रणाली में नवाचार, खेल आधारित पढ़ाई और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका को समझना था।
“बच्चे तभी आगे बढ़ते हैं जब वे खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं”: ईशा अंबानी

सम्मेलन को संबोधित करते हुए रिलायंस फाउंडेशन की निदेशक ईशा अंबानी ने कहा कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि बच्चों की भावनात्मक और सामाजिक जरूरतों को भी समझना जरूरी है।
उन्होंने कहा,
“जब शिक्षा बच्चों को उनकी भावनात्मक, सामाजिक और बौद्धिक अवस्था के अनुसार मिलती है, तो सीखना सार्थक और आनंददायक बनता है। रिलायंस फाउंडेशन में हमारा विश्वास है कि बच्चे तभी आगे बढ़ते हैं, जब वे खुद को सुरक्षित, स्नेहपूर्ण और सम्मानित महसूस करते हैं।”
ईशा अंबानी ने यह भी कहा कि रिलायंस फाउंडेशन का उद्देश्य ऐसा समावेशी शिक्षा तंत्र तैयार करना है, जहां हर छात्र अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ सके और सीखने की प्रक्रिया में खुशी महसूस करे।
Building Flourishing Futures : भारत और विदेशों से 250 से अधिक शिक्षा विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
इस दो दिवसीय सम्मेलन में भारत, अमेरिका, यूरोप और एशिया के कई देशों से आए शिक्षा विशेषज्ञों ने अपने शोध और अनुभव साझा किए।
विशेषज्ञों ने बताया कि शुरुआती शिक्षा बच्चों के भविष्य की नींव होती है और इस चरण में सही मार्गदर्शन मिलने से बच्चे जीवनभर सीखने के लिए प्रेरित रहते हैं।
सम्मेलन में निम्न विषयों पर विशेष चर्चा हुई:
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प्रारंभिक और प्राथमिक शिक्षा में नवाचार
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खेल आधारित पढ़ाई (Play-Based Learning)
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बुनियादी साक्षरता और गणितीय कौशल
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शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका
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शिक्षकों के प्रशिक्षण और डिजिटल शिक्षा
Building Flourishing Futures : खेल आधारित पढ़ाई और AI की भूमिका पर विशेष जोर
सम्मेलन में विशेषज्ञों ने बताया कि खेल आधारित पढ़ाई बच्चों के मानसिक विकास के लिए बेहद प्रभावी तरीका है। इससे बच्चों की रचनात्मक सोच, समस्या समाधान क्षमता और सामाजिक कौशल बेहतर होते हैं।
इसके साथ ही, शिक्षा में AI के उपयोग पर भी चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि AI तकनीक बच्चों की व्यक्तिगत सीखने की क्षमता के अनुसार पाठ्यक्रम को अनुकूलित कर सकती है, जिससे हर छात्र को उसकी जरूरत के अनुसार शिक्षा मिल सके।
‘पेडागॉजीज़ ऑफ प्ले’ प्रकाशन का हुआ विमोचन
इस मौके पर ‘पेडागॉजीज़ ऑफ प्ले’ नामक एक विशेष प्रकाशन भी जारी किया गया। इस प्रकाशन में बच्चों के लिए सीखने के नए और प्रभावी तरीकों को प्रस्तुत किया गया है।
यह पुस्तक शिक्षकों, स्कूलों और नीति निर्माताओं के लिए एक मार्गदर्शिका के रूप में काम करेगी और बच्चों के लिए आनंददायक तथा प्रभावी शिक्षा प्रणाली विकसित करने में मदद करेगी।
Building Flourishing Futures : समावेशी शिक्षा प्रणाली पर रिलायंस फाउंडेशन का फोकस
ईशा अंबानी ने कहा कि रिलायंस फाउंडेशन का लक्ष्य केवल शैक्षणिक प्रदर्शन सुधारना नहीं है, बल्कि एक ऐसा वातावरण तैयार करना है, जहां हर बच्चा सुरक्षित महसूस करे और बिना किसी भेदभाव के शिक्षा प्राप्त कर सके।
उन्होंने बताया कि फाउंडेशन ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शिक्षा से जुड़े कई कार्यक्रम चला रहा है, जिनका उद्देश्य डिजिटल डिवाइड को कम करना और बच्चों को आधुनिक शिक्षा संसाधन उपलब्ध कराना है।
शिक्षा विशेषज्ञों की राय: शुरुआती शिक्षा से बनता है भविष्य
सम्मेलन में मौजूद विशेषज्ञों ने कहा कि जीवन के शुरुआती पांच साल बच्चों के मस्तिष्क विकास के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इस समय दी गई शिक्षा और अनुभव बच्चों के व्यक्तित्व और सीखने की क्षमता को जीवनभर प्रभावित करते हैं।
विशेषज्ञों ने सरकार और निजी संस्थानों से अपील की कि वे प्रारंभिक शिक्षा पर अधिक निवेश करें और शिक्षकों को बेहतर प्रशिक्षण दें।
Building Flourishing Futures : भारत में शिक्षा के भविष्य पर सकारात्मक प्रभाव की उम्मीद
‘बिल्डिंग फ्लोरिशिंग फ्यूचर्स’ सम्मेलन को भारत में शिक्षा सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मंच शिक्षा नीति, शिक्षकों और छात्रों के लिए नए अवसर और दिशा प्रदान करते हैं।
रिलायंस फाउंडेशन की इस पहल से उम्मीद जताई जा रही है कि भारत में शिक्षा प्रणाली अधिक समावेशी, तकनीकी रूप से सक्षम और बच्चों के अनुकूल बनेगी।
निष्कर्ष
रिलायंस फाउंडेशन के इस सम्मेलन ने यह स्पष्ट किया कि बच्चों का भविष्य केवल किताबों से नहीं, बल्कि सुरक्षित, भावनात्मक रूप से सहयोगी और तकनीकी रूप से सक्षम शिक्षा प्रणाली से बनता है। ईशा अंबानी का यह संदेश कि “बच्चे तभी आगे बढ़ते हैं जब वे खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं”, आधुनिक शिक्षा दर्शन का एक महत्वपूर्ण आधार बन सकता है।
सम्मेलन में खेल आधारित पढ़ाई और AI जैसी आधुनिक तकनीकों पर जोर देकर यह संकेत दिया गया कि भविष्य की शिक्षा प्रणाली में नवाचार और तकनीक की बड़ी भूमिका होगी।



