Weather : राजस्थान में मौसम का मिजाज बदलने वाला है
राजस्थान में पिछले कई दिनों से जारी कड़ाके की ठंड और सर्द हवाओं से अब आमजन को राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में 17 जनवरी से उत्तरी हवाओं का प्रभाव कमजोर पड़ने लगेगा। इसके साथ ही न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। हालांकि, कुछ जिलों में अभी सुबह और शाम की सर्दी लोगों को परेशान करती रहेगी।
हनुमानगढ़ में ठंड का सबसे ज्यादा असर
उत्तरी राजस्थान के हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिले इस समय भीषण ठंड की चपेट में हैं। बीते 24 घंटों के दौरान इन क्षेत्रों में सुबह के समय हल्का कोहरा छाया रहा और दिनभर सर्द हवाएं चलती रहीं। इसके कारण दिन में भी ठंड का अहसास बना रहा।
हनुमानगढ़ प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां गुरुवार को अधिकतम तापमान मात्र 16.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ठंड के इसी प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों के लिए बड़ा फैसला लिया है।
Weather : हनुमानगढ़ में 5वीं तक के स्कूल बंद
सर्दी और घने कोहरे के कारण हनुमानगढ़ जिला कलेक्टर ने कक्षा 5वीं तक के विद्यार्थियों के लिए छुट्टियों को 16 और 17 जनवरी तक बढ़ा दिया है। इस फैसले से छोटे बच्चों और अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है। जिला प्रशासन ने साफ किया है कि मौसम की स्थिति के अनुसार आगे भी निर्णय लिया जा सकता है।
पश्चिमी राजस्थान में दिन का तापमान बढ़ा
जहां उत्तरी राजस्थान में ठंड का असर बना हुआ है, वहीं पश्चिमी राजस्थान के जिलों में स्थिति कुछ अलग रही। जैसलमेर, बाड़मेर, जोधपुर, जालौर और आसपास के इलाकों में उत्तरी हवाओं का असर कम होने और तेज धूप निकलने से दिन के तापमान में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
जैसलमेर में अधिकतम तापमान 29.3 डिग्री, बाड़मेर में 29.7 डिग्री और जोधपुर में 28.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इससे दिन के समय लोगों को ठंड से कुछ राहत मिली।
सुबह-शाम अब भी सताएगी सर्दी
हालांकि दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली है, लेकिन सुबह और शाम के समय सर्दी का असर बरकरार है। फलौदी और प्रतापगढ़ को छोड़कर राज्य के लगभग सभी शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया।
सीकर के पास फतेहपुर में एक बार फिर तापमान जमाव बिंदु के करीब 0.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। अलवर और सीकर में न्यूनतम तापमान 1 डिग्री, नागौर में 2.3 और पाली में 2.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
किसानों और आमजन के लिए जरूरी चेतावनी
मौसम में इस उतार-चढ़ाव का सीधा असर किसानों पर भी पड़ रहा है। रात के समय पाला पड़ने की संभावना के कारण फसलों को नुकसान का खतरा बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञों ने किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने की सलाह दी है। वहीं, आमजन को भी सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनने और कोहरे में सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
आगे कैसा रहेगा मौसम?
जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, 16 जनवरी को भी गंगानगर, हनुमानगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में सर्द हवा और कोहरे का असर बना रहेगा। लेकिन 17 जनवरी से उत्तरी हवाएं कमजोर होंगी और तापमान में बढ़ोतरी शुरू हो जाएगी।
इसके साथ ही 17 और 18 जनवरी को एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ राजस्थान के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में सक्रिय हो सकता है। इसके प्रभाव से कहीं-कहीं आंशिक बादल छाने की संभावना है।
22 से 24 जनवरी के बीच फिर बदलेगा मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक, 22 से 24 जनवरी के बीच एक और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना जताई गई है। इसके असर से प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छा सकते हैं और तापमान में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी संभव है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, राजस्थान में ठंड का सबसे कठिन दौर अब धीरे-धीरे खत्म होने की ओर है। जहां उत्तरी जिलों में अभी सतर्कता जरूरी है, वहीं आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम सुहावना होने की उम्मीद है। विद्यार्थियों, किसानों और आमजन के लिए यह मौसम बदलाव राहत के साथ-साथ सतर्कता का संकेत भी लेकर आ रहा है