Weather Updates : राजस्थान में इस साल गर्मी कम, बारिश ज्यादा: हीटवेव के दिन कम और तापमान नियंत्रित
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Weather Updates : राजस्थान में इस साल गर्मी का असर सामान्य से कम रहेगा और बारिश ज्यादा होगी। मार्च में औसत से 30% अधिक वर्षा हुई। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और ओले गिरने से तापमान नियंत्रित रहेगा। हीटवेव के दिन कम होंगे और धूप भी परेशान नहीं करेगी।
Weather Updates : राजस्थान में गर्मी कम और बारिश ज्यादा: मौसम का नया पूर्वानुमान
नई दिल्ली मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार राजस्थान में इस साल भीषण गर्मी नहीं होगी। दिन का तापमान सामान्य से कम रहेगा और लू का असर भी सीमित होगा। मार्च में हुई औसत से ज्यादा बारिश ने इस बार गर्मी को नियंत्रित किया है।
मार्च में मौसम का हाल

मंगलवार (31 मार्च) को जारी पूर्वानुमान के अनुसार रात का तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका प्रमुख कारण है ज्यादा संख्या में आने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और लगातार हुई बारिश।
मार्च में करीब 20 दिन तक रुक-रुककर हुई बरसात और ओले गिरने से गर्मी पर नियंत्रण बना रहा।
हीटवेव से राहत
इस साल दिन का तापमान सामान्य से नीचे रहने के कारण हीटवेव के दिन भी कम रहेंगे। जयपुर, अजमेर, भरतपुर और कोटा संभाग में हीटवेव का असर सबसे कम रहेगा।
बाड़मेर, जैसलमेर और जोधपुर में सामान्य या थोड़े अधिक हीटवेव के दिन रहेंगे, लेकिन तापमान इस साल 47–49 डिग्री सेल्सियस के पार नहीं जाएगा।
हीटवेव कब चलती है?
मौसम विज्ञान केन्द्र के अनुसार सामान्य से 5 डिग्री अधिक तापमान और गर्म-सूखी हवा को हीटवेव की श्रेणी में रखा जाता है।
- 47 डिग्री के ऊपर अधिकतम तापमान होने पर गंभीर हीटवेव मानी जाती है।
- हीटवेव के मुख्य कारण हैं: ग्लोबल वार्मिंग, बारिश या बादलों का न होना और तेज धूप।
- मैदानी इलाकों में इसका असर सबसे ज्यादा होता है।
मार्च का तापमान रिकॉर्ड
मार्च के पहले 10 दिन तेज गर्मी देखी गई। इसके बाद लगातार आने वाले वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से बारिश, आंधी और ओलों ने तापमान नियंत्रित किया।
- पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 37–41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा।
- इस मार्च में सबसे अधिक तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस बाड़मेर में दर्ज हुआ।
- 11–12 मार्च के बाद तापमान धीरे-धीरे 32–38 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया और मार्च के अंत तक 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहा।
मार्च में बारिश सामान्य से 30% ज्यादा

लगातार वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आने से मार्च में सामान्य से 30% अधिक बारिश हुई।
- सामान्य औसत बारिश: 4.2MM
- मार्च 2026 में अब तक हुई औसत बारिश: 5.4MM
सबसे ज्यादा बारिश जिले: अजमेर, अलवर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बूंदी, दौसा, धौलपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, कोटा, राजसमंद, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही, टोंक, उदयपुर, बाड़मेर, चूरू, जैसलमेर, जोधपुर, नागौर और पाली।
पिछले 5 साल का मार्च बारिश रिकॉर्ड
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 2020 से 2025 तक मार्च में औसत बारिश 10–15 मिलीमीटर रही।
- सबसे कम: 2021 में 8MM
- सबसे ज्यादा: 2023 में 20MM
इस साल मार्च में औसत से अधिक बारिश होने से गर्मी पर नियंत्रण बना और हीटवेव के दिन कम हुए।
निष्कर्ष
राजस्थान में इस साल गर्मी कम रहेगी, बारिश ज्यादा होगी और हीटवेव के दिन कम रहेंगे। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और लगातार ओले गिरने से तापमान नियंत्रित रहेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, तापमान और मौसम की स्थिति सामान्य से बेहतर रहेगी।

