Weather Updates : राजस्थान मौसम अलर्ट, आज बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवा का खतरा, 12 जिलों में बदलेगा मौसम
Weather Updates : राजस्थान में मौसम ने करवट ली है। मौसम विभाग ने आज 12 जिलों में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का ऑरेंज-येलो अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से फरवरी तक ठंड, कोहरा और मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
Weather Updates : राजस्थान में मौसम का बदला मिजाज
राजस्थान में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने शनिवार को प्रदेश के 12 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के सक्रिय होने से पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के कई हिस्सों में बादल छाने, तेज हवा चलने और कहीं-कहीं ओले गिरने की संभावना जताई गई है।
सुबह से ही जयपुर, कोटा सहित कई जिलों में आसमान में बादल छाए हुए हैं, जिससे तापमान में हल्की गिरावट और मौसम में बदलाव महसूस किया जा रहा है।
Weather Updates : शुक्रवार को सर्दी से मिली थी राहत
शुक्रवार को प्रदेश में कड़ाके की सर्दी और सर्द हवाओं से लोगों को थोड़ी राहत मिली थी। उत्तरी हवाएं कमजोर पड़ने और दिन में तेज धूप निकलने के कारण न्यूनतम और अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
जोधपुर, जालौर, पाली और बाड़मेर में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। वहीं पाली में दिन का सबसे अधिक तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
Weather Updates : दोपहर बाद बदला मौसम, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर

शुक्रवार दोपहर बाद उदयपुर और कोटा संभाग के कुछ इलाकों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। पश्चिमी विक्षोभ के असर से आसमान में हल्के बादल छा गए। हालांकि जयपुर, भरतपुर, अजमेर, बीकानेर और जोधपुर संभाग के अधिकांश हिस्सों में पूरे दिन मौसम साफ रहा और तेज धूप खिली रही।
Weather Updates : न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी, सर्द हवाओं से राहत
उत्तर भारत से आने वाली सर्द हवाओं के कमजोर पड़ने से राजस्थान के कई जिलों में न्यूनतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई। बीकानेर, गंगानगर, जयपुर, पिलानी, फतेहपुर और दौसा सहित कई जिलों में सुबह-शाम की कड़ाके की ठंड से मामूली राहत मिली।
हालांकि प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान सिरोही में 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
आज से सक्रिय होगा नया पश्चिमी विक्षोभ

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, आज से राजस्थान पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसका प्रभाव 31 जनवरी और 1 फरवरी को पूर्वी और दक्षिणी राजस्थान के कई जिलों में देखने को मिलेगा।
इस दौरान उदयपुर, कोटा, जयपुर, भरतपुर और अजमेर संभाग में बादल छाए रहेंगे। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए मौसम विभाग ने कुछ जिलों के लिए ऑरेंज और कुछ के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।
फरवरी में भी जारी रहेगा पश्चिमी विक्षोभ का सिलसिला\

मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी के तीसरे सप्ताह से शुरू हुआ सर्दी का यह दौर फरवरी में भी जारी रह सकता है। 31 जनवरी से 3 फरवरी के बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे बारिश, ओलावृष्टि और हवा में नमी बढ़ेगी।
इसके बाद 6–7 फरवरी, 9–10 फरवरी और 11–15 फरवरी के बीच अलग-अलग चरणों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहने की संभावना है। इससे फरवरी के दूसरे सप्ताह तक सर्दी का असर बना रह सकता है।
कोहरा बढ़ेगा, पाला पड़ने की संभावना कम
बारिश के कारण वातावरण में नमी बढ़ेगी, जिससे पाला जमने की स्थिति कम बनेगी। हालांकि कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, कोहरा रबी फसलों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
दुर्गापुरा कृषि अनुसंधान केंद्र के प्रोफेसर केसी गुप्ता का कहना है कि जनवरी में हुई ओलावृष्टि से कुछ फसलों को नुकसान जरूर हुआ है, लेकिन बारिश रबी फसलों के लिए वरदान साबित हुई है।
फरवरी में ओलावृष्टि का खतरा, किसानों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि फरवरी में भी पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि हो सकती है। जो फसलें पककर तैयार हो रही हैं, उनके लिए यह नुकसानदायक साबित हो सकती है।
इसके अलावा जालोर, पाली, जोधपुर, बाड़मेर और जैसलमेर में उगाई जाने वाली जीरा, धनिया, ईसबगोल और हल्दी जैसी मसाला फसलें भी मौसम के प्रति काफी संवेदनशील हैं। इन फसलों के लिए 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तापमान अनुकूल माना जाता है। यदि तापमान 6 से 7 डिग्री तक गिरता है तो जोखिम बढ़ सकता है।
फरवरी का पहला पखवाड़ा किसानों के लिए निर्णायक
मौसम विभाग के अनुसार, फरवरी का पहला पखवाड़ा किसानों के लिए बेहद अहम रहेगा। एक ओर मावठ की बारिश रबी फसलों की पैदावार बढ़ा सकती है, वहीं ओलावृष्टि और अचानक तापमान गिरने से नुकसान का खतरा भी बना रहेगा।
आमतौर पर 15 से 20 जनवरी के बाद दिन का तापमान बढ़ने लगता है, लेकिन इस बार सर्दी ने प्रदेश में कई उलटफेर दिखाए हैं। इसके बावजूद किसानों के लिए यह मौसम उम्मीद की किरण भी लेकर आया है। यदि फरवरी में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहा तो रबी की फसल के लिए यह मौसम अनुकूल साबित हो सकता है।

