राजस्थान में नए साल पर बारिश की संभावना, कोहरे से ट्रेन और फ्लाइट प्रभावित, मौसम अलर्ट
राजस्थान में नए साल 2026 पर बारिश और कोहरे की संभावना जताई गई है। राज्य में कड़ाके की सर्दी जारी है। कोहरे के कारण 8 ट्रेन लेट और 4 फ्लाइट जयपुर डायवर्ट हुईं। मौसम विभाग ने 12 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है।
राजस्थान में नए साल पर बारिश की संभावना, कड़ाके की सर्दी जारी
कोहरे के कारण 8 ट्रेनें लेट, चंडीगढ़ की फ्लाइट रद्द, 4 विमान जयपुर डायवर्ट
राजस्थान में नए साल 2026 की शुरुआत ठंड, कोहरे और संभावित बारिश के साथ होने के आसार हैं। प्रदेश में इन दिनों कड़ाके की सर्दी का दौर जारी है। उत्तर भारत और उत्तर-पूर्वी राज्यों में घना कोहरा छाने का सीधा असर हवाई और रेल यातायात पर देखने को मिला है। कोहरे की वजह से कई फ्लाइट्स प्रभावित हुईं, जबकि राजस्थान से होकर गुजरने वाली कई ट्रेनें भी देरी से चल रही हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से 31 दिसंबर और 1 जनवरी को प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाने के साथ हल्की बारिश या मावठ होने की संभावना है। इससे जहां एक ओर ठंड और बढ़ सकती है, वहीं किसानों के लिए यह बारिश फसलों के लिहाज से लाभकारी मानी जा रही है।
कोहरे से हवाई सेवाएं प्रभावित
सोमवार को घने कोहरे के कारण दूसरे शहरों से दिल्ली और चंडीगढ़ जाने वाली चार फ्लाइट्स को जयपुर एयरपोर्ट पर डायवर्ट करना पड़ा। वहीं, जयपुर से चंडीगढ़ जाने वाली एक फ्लाइट को रद्द कर दिया गया। इससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जयपुर से चंडीगढ़ जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6E-7742, जो सुबह 5:50 बजे उड़ान भरती है, चंडीगढ़ में घने कोहरे के कारण रद्द कर दी गई। इसके अलावा इंडिगो की जयपुर-गुवाहाटी फ्लाइट संख्या 6E-748 ने अपने निर्धारित समय सुबह 6:40 बजे के बजाय सुबह 8:26 बजे उड़ान भरी। बताया जा रहा है कि यह फ्लाइट पिछले एक सप्ताह से लगातार देरी से संचालित हो रही है।
कोहरे के कारण हवाई अड्डों पर दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे उड़ानों के संचालन में बाधा आ रही है। एयरलाइंस द्वारा यात्रियों को यात्रा से पहले फ्लाइट स्टेटस चेक करने की सलाह दी गई है।
8 ट्रेनें देरी से चलीं
कोहरे का असर रेल सेवाओं पर भी साफ नजर आया। राजस्थान से होकर गुजरने वाली और राजस्थान से रवाना होने वाली कुल 8 ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से चलीं। उत्तर भारत की ओर जाने वाली ट्रेनों पर इसका सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से सतर्क रहने और समय की जानकारी लेकर ही यात्रा करने की अपील की है।
अधिकांश जिलों में न्यूनतम तापमान सिंगल डिजिट
रविवार को बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर और फलोदी को छोड़कर प्रदेश के लगभग सभी जिलों में न्यूनतम तापमान सिंगल डिजिट में दर्ज किया गया। सर्दी का असर इतना ज्यादा रहा कि कई इलाकों में पाला पड़ने की स्थिति बन गई।
मौसम विभाग ने 1 जनवरी को 12 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट भी जारी किया है। इससे वाहन चालकों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
शनिवार को कई शहरों में सीजन का सबसे कम तापमान
शनिवार को जयपुर, दौसा, उदयपुर, करौली सहित 6 शहरों में इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया। वहीं जोधपुर, बीकानेर और अजमेर संभाग के कुछ हिस्सों में दिन के समय हल्के बादल भी छाए रहे, लेकिन सर्द हवाओं के चलते ठंड से राहत नहीं मिली।
नए साल पर बादल और बारिश की संभावना
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि एक नया और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है। इसके प्रभाव से 31 दिसंबर और 1 जनवरी को बीकानेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र के कुछ जिलों में बादल छा सकते हैं।
31 दिसंबर को बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं और सीकर जिलों में बादल छाए रहने की संभावना है। वहीं 1 जनवरी को श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं और अलवर जिलों में बादल छाने के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।

फतेहपुर और करौली सबसे ठंडे
प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान जयपुर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा और अजमेर संभाग में कड़ाके की सर्दी रही। सबसे ठंडे इलाके सीकर का फतेहपुर और करौली रहे। फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 2.1 डिग्री सेल्सियस जबकि करौली में 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
इसके अलावा पाली में 3.6 डिग्री, सीकर में 3.5, दौसा में 3.9, लूणकरणसर में 4.6, अलवर में 5, पिलानी में 5.8, बारां में 5.1, सिरोही में 5.5, चूरू में 5.4, जालोर में 5.9, झुंझुनूं और उदयपुर में 6.8, चित्तौड़गढ़ में 6.2, भीलवाड़ा में 6.4, अजमेर में 6.8, कोटा में 7.6, श्रीगंगानगर में 7.5, जयपुर में 8.5, जोधपुर में 9.2, प्रतापगढ़ में 9.5 और बीकानेर में 10.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज हुआ।
ओस जमने से पाला पड़ने की शुरुआत
हनुमानगढ़, फतेहपुर (सीकर) और सीकर के आसपास के इलाकों में कड़ाके की सर्दी के कारण ओस की बूंदें जम गईं। इन क्षेत्रों में पाला पड़ने की शुरुआत हो गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि मावठ की बारिश से कुछ फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
बादल रहे, लेकिन सर्द हवाएं तेज
रविवार को पश्चिमी विक्षोभ के असर से जैसलमेर, जोधपुर, नागौर, बीकानेर, बाड़मेर, हनुमानगढ़ और चूरू समेत कई इलाकों में हल्के बादल छाए रहे। बावजूद इसके सर्द हवाओं का प्रभाव तेज रहा। इसके चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से नीचे ही दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में ठंड से राहत की संभावना से इनकार किया है और लोगों को सतर्क रहने, गर्म कपड़ों का उपयोग करने और कोहरे में वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है।

