Heatwave Alert : राजस्थान में हीटवेव की चेतावनी, बाड़मेर में पारा 40 पार
राजस्थान में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राज्य के कई जिलों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में हीटवेव की चेतावनी भी जारी कर दी है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार 10 और 11 मार्च को जैसलमेर, बाड़मेर समेत चार जिलों में हीटवेव का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
सोमवार को बाड़मेर प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले एक सप्ताह में तापमान में 1 से 2 डिग्री तक और बढ़ोतरी हो सकती है।
Heatwave Alert : बाड़मेर बना सबसे गर्म जिला
पिछले 24 घंटों के मौसम पर नजर डालें तो राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में आसमान साफ रहा और दिनभर तेज धूप रही। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई।
बाड़मेर में सोमवार को अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा। इसके अलावा पिलानी में 39.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। अन्य शहरों में भी तापमान सामान्य से अधिक रिकॉर्ड किया गया।
हालांकि पिलानी और चिड़ावा क्षेत्र में दोपहर बाद आसमान में हल्के बादल छाने से तापमान में मामूली गिरावट देखी गई।
जयपुर में भी बढ़ रही गर्मी
राजधानी जयपुर में भी तापमान तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार को यहां अधिकतम तापमान 37.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मार्च के शुरुआती दिनों के हिसाब से काफी अधिक माना जा रहा है।
दिनभर तेज धूप और तपिश के कारण लोगों को गर्मी का सामना करना पड़ा। शाम के समय भी गर्मी का असर बना रहा। जयपुर में न्यूनतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
तेज गर्मी के कारण वातावरण में नमी का स्तर भी कम हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार जयपुर में ह्यूमिडिटी का स्तर करीब 30 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
अगले सप्ताह और बढ़ेगा तापमान
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में राजस्थान में गर्मी का असर और बढ़ सकता है। अगले एक सप्ताह में तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
विशेष रूप से पश्चिमी राजस्थान के जिलों में तेज गर्म हवाएं चल सकती हैं, जिससे हीटवेव की स्थिति बन सकती है। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है।
फरवरी में कम बारिश का असर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस साल फरवरी महीने में उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हुई है। इसके कारण जमीन की सतह जल्दी गर्म हो रही है।
सूर्य की तेज किरणें सीधे धरती की सतह तक पहुंच रही हैं, जिससे तापमान में तेजी से वृद्धि हो रही है। इसके अलावा पश्चिम और मध्य भारत के ऊपर एंटी साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है, जो गर्म और शुष्क मौसम को बढ़ावा दे रहा है।
Heatwave Alert : मानसून पर भी पड़ सकता है असर
अमेरिकी मौसम एजेंसी NOAA (नोआ) के अनुसार अगले तीन महीनों में ला-नीना और अलनीनो की स्थिति स्पष्ट नहीं है। हालांकि जून की शुरुआत में अलनीनो के सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है।
यदि ऐसा होता है तो इसका असर भारत के मानसून पर भी पड़ सकता है। जून के आसपास ही देश में मानसून की शुरुआत होती है, इसलिए अलनीनो की स्थिति बनने पर मानसून प्रभावित हो सकता है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों को बढ़ती गर्मी और संभावित हीटवेव को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने, पानी अधिक पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में राजस्थान में गर्मी का असर और बढ़ सकता है, इसलिए लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतना जरूरी है।
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