राजस्थान के 20 जिलों में घना कोहरा अलर्ट, शीतलहर से तापमान 6 डिग्री तक गिरेगा
राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से कड़ाके की ठंड बढ़ गई है। मौसम विभाग ने 20 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। श्रीगंगानगर में आंगनबाड़ी केंद्र बंद, 4 जनवरी से शीतलहर और तापमान में 6 डिग्री तक गिरावट की संभावना।
राजस्थान में सर्दी का कहर: 20 जिलों में घना कोहरा, शीतलहर से जनजीवन प्रभावित
राजस्थान में नए साल की शुरुआत के साथ ही सर्दी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में दिन और रात दोनों समय कड़ाके की ठंड पड़ रही है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने शुक्रवार को प्रदेश के 20 जिलों में घने कोहरे को लेकर ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। कोहरे और शीतलहर के चलते आम जनजीवन, यातायात और स्कूल-आंगनबाड़ी व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं।
20 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट, विजिबिलिटी 50 मीटर तक गिरी
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार सुबह जयपुर, भरतपुर, सीकर, दौसा सहित कई जिलों में घने कोहरे के कारण दृश्यता (विजिबिलिटी) घटकर मात्र 50 मीटर के आसपास रह गई। कोहरे की वजह से सड़क और रेल यातायात पर भी असर देखने को मिला।
विशेष रूप से उत्तरी और पूर्वी राजस्थान के जिलों में देर शाम से ही कोहरा छाना शुरू हो जाता है, जो सुबह तक बना रहता है। कोहरे के साथ-साथ कई क्षेत्रों में बादल भी छाए हुए हैं, जिससे दिन के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है।
श्रीगंगानगर में आंगनबाड़ी केंद्र 10 जनवरी तक बंद
प्रदेश में सबसे ज्यादा ठंड की मार श्रीगंगानगर जिले में देखने को मिल रही है। यहां शीतलहर और तेज ठंड के चलते जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिला कलेक्टर के आदेश के अनुसार 2 जनवरी से 10 जनवरी तक सभी आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे।
यह निर्णय छोटे बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, क्योंकि लगातार गिरते तापमान और ठंडी हवाओं से बच्चों के बीमार होने का खतरा बढ़ गया है।
सीकर, जयपुर सहित कई जिलों में छाए बादल, दिन में भी सर्दी

सीकर, जयपुर, अलवर, दौसा और आसपास के जिलों में शुक्रवार को भी आसमान में बादल छाए रहे। बादलों की मौजूदगी के कारण सूरज की गर्मी जमीन तक नहीं पहुंच पाई, जिससे दिन में भी ठंड का अहसास बना रहा।
जयपुर में सुबह से ही शीतलहर चलती रही और तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई। लोगों को दिन में भी गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा।
4 जनवरी से और तेज होगी सर्दी, 6 डिग्री तक गिर सकता है तापमान
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार प्रदेश में 4 जनवरी से शीतलहर का असर और तेज होगा। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में न्यूनतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट होने की संभावना है।
विशेषकर रात के तापमान में भारी गिरावट देखने को मिलेगी, जिससे ठंड और ज्यादा बढ़ जाएगी। उत्तरी राजस्थान के कई जिलों में तापमान एकल अंक में पहुंच सकता है।
कई शहरों में दिन और रात का तापमान लगभग समान
गुरुवार को प्रदेश के कुछ शहरों में एक अनोखी स्थिति देखने को मिली, जहां दिन और रात का तापमान लगभग एक समान दर्ज किया गया। ठंडी हवाओं और बादलों के कारण दिन में भी अधिकतम तापमान नहीं बढ़ सका।
श्रीगंगानगर में सीजन का सबसे कम अधिकतम तापमान
गुरुवार को श्रीगंगानगर में इस सीजन का सबसे कम अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा जयपुर, अलवर, बीकानेर और चूरू में भी अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया।
यह स्थिति दर्शाती है कि प्रदेश में ठंड का असर अब केवल रात तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दिन में भी सर्दी लोगों को परेशान कर रही है।
उत्तरी जिलों में शाम ढलते ही कोहरा, बढ़ी परेशानी
गुरुवार देर शाम होते ही उत्तरी राजस्थान के जिलों में कोहरा गिरना शुरू हो गया। कोहरे के कारण हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
विशेषज्ञों ने वाहन चालकों को कोहरे में सावधानी बरतने, धीमी गति से वाहन चलाने और फॉग लाइट्स का उपयोग करने की सलाह दी है।
नए साल की शुरुआत से ही सर्दी और कोहरे का डबल अटैक
नए साल 2026 की शुरुआत से ही राजस्थान में सर्दी और कोहरे का डबल अटैक देखने को मिल रहा है। लगातार बदलते मौसम और वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण ठंड का असर लंबे समय तक बने रहने की संभावना जताई जा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक प्रदेशवासियों को ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं।
प्रशासन और आमजन के लिए अलर्ट रहने की सलाह
मौसम विभाग ने प्रशासन और आम नागरिकों को कोहरे और शीतलहर को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की जरूरत है।
निष्कर्ष
राजस्थान में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। घना कोहरा, शीतलहर और गिरता तापमान आने वाले दिनों में और मुश्किलें बढ़ा सकता है। ऐसे में सावधानी, सतर्कता और प्रशासनिक तैयारियां बेहद जरूरी हैं।

