Weather : राजस्थान में घना कोहरा बना मौत का कारण, भीलवाड़ा हाईवे हादसे में 3 की मौत, मौसम अलर्ट जारी
Weather : राजस्थान में घने कोहरे ने कहर बरपाया। भीलवाड़ा में नेशनल हाईवे पर भीषण सड़क हादसे में 3 लोगों की मौत और 6 से अधिक घायल हुए। प्रदेश में फिर बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है।
Weather : राजस्थान में घना कोहरा बना मौत का कारण
राजस्थान इन दिनों भीषण सर्दी और घने कोहरे की चपेट में है। शुक्रवार सुबह कोहरे ने एक बार फिर जानलेवा रूप ले लिया। भीलवाड़ा जिले में नेशनल हाईवे-58 पर घने कोहरे के कारण 5 से 6 गाड़ियों की आपस में जबरदस्त टक्कर हो गई। इस दर्दनाक हादसे में 3 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 6 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और लंबा जाम लग गया। हालात ऐसे हो गए कि घायलों को लेने पहुंची एम्बुलेंस तक जाम में फंस गई।
Weather :कम विजिबिलिटी बनी हादसे की वजह
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शुक्रवार सुबह भीलवाड़ा क्षेत्र में विजिबिलिटी बेहद कम थी। कोहरे के कारण सामने से आ रही गाड़ियां दिखाई नहीं दे रही थीं। इसी दौरान नेशनल हाईवे-58 पर एक वाहन अचानक ब्रेक लगाने पर पीछे से आ रही गाड़ियां एक-एक कर टकराती चली गईं।
कुछ ही पलों में हाईवे पर चीख-पुकार मच गई। कई लोग गाड़ियों में बुरी तरह फंस गए, जिन्हें स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से बाहर निकाला गया।
Weather :हाईवे पर जाम, एम्बुलेंस भी फंसी

हादसे के कारण भीलवाड़ा-उदयपुर हाईवे पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए भेजी गई एम्बुलेंस भी जाम में फंस गई, जिससे इलाज में देरी हुई।
पुलिस और प्रशासन को भारी मशक्कत के बाद क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात बहाल करना पड़ा।
Weather :कोहरे की चपेट में पूरा प्रदेश
मौसम विभाग पहले ही राजस्थान के 12 जिलों में घने कोहरे की चेतावनी जारी कर चुका था। 27 जनवरी को हुई मावठ (हल्की बारिश) के बाद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सुबह-सुबह घना कोहरा छाया हुआ है।
शुक्रवार सुबह जयपुर-दिल्ली नेशनल हाईवे पर विजिबिलिटी महज 10 मीटर तक सिमट गई।
इसके अलावा सीकर, चूरू, अलवर, कोटा और भरतपुर समेत कई जिलों में हालात बेहद खराब रहे।
कोहरे में डंपर ने गायों को मारी टक्कर
कोहरे का असर केवल वाहनों तक ही सीमित नहीं रहा। भीलवाड़ा जिले के आसींद उपखंड के करेड़ा थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-148D पर घने कोहरे के बीच एक तेज रफ्तार डंपर ने तीन गायों को टक्कर मार दी।
इस हादसे में दो गायों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना से नाराज ग्रामीणों ने हाईवे पर कांटेदार झाड़ियां डालकर रास्ता जाम कर दिया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और समझाइश के बाद जाम खुलवाया गया।
31 जनवरी से सक्रिय होगा मजबूत पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, राजस्थान में मौसम का मिजाज अभी और बिगड़ सकता है।
31 जनवरी से एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों पर ज्यादा देखने को मिलेगा।
जयपुर, भरतपुर, बीकानेर और कोटा संभाग के जिलों में बादल छाने के साथ-साथ हल्की बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
इस सिस्टम का असर 2 फरवरी तक बना रह सकता है।
सुबह-शाम गलनभरी सर्दी, पारा 10 डिग्री से नीचे

गुरुवार को भी प्रदेश में सुबह और शाम गलनभरी सर्दी का असर देखने को मिला। हल्की ठंडी हवाओं के चलते कोटा, बाड़मेर, जोधपुर, फलोदी और प्रतापगढ़ को छोड़कर लगभग सभी जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया।
प्रदेश में सबसे ज्यादा सर्दी पाली में रही, जहां न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
प्रशासन की अपील – सावधानी से करें यात्रा
लगातार हो रहे सड़क हादसों को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कोहरे के दौरान यात्रा से बचें। यदि यात्रा आवश्यक हो तो वाहन की गति कम रखें, फॉग लाइट का इस्तेमाल करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों तक सुबह-सुबह कोहरे और ठंड को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।
निष्कर्ष
राजस्थान में घना कोहरा अब जानलेवा साबित हो रहा है। हाईवे पर लगातार हो रहे हादसे चिंता का विषय हैं। आने वाले दिनों में बारिश और ओलावृष्टि के साथ मौसम और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

