
Weather : राजस्थान में शीतलहर का दौर जारी, माउंट आबू में तापमान -3°C रिकॉर्ड। सीकर, अलवर सहित कई जिलों में पाला पड़ा और फसलें प्रभावित। मौसम विभाग ने 2 दिन बारिश की चेतावनी दी, 19 जनवरी से हल्की बारिश और मौसम में बदलाव की संभावना।
Weather : राजस्थान में शीतलहर और पाला: तापमान -3°C, 2 दिन बारिश की चेतावनी
राजस्थान में बर्फ जमा देने वाली सर्दी का दौर लगातार जारी है। प्रदेश के कई इलाकों में पाला और जमाव ने फसलों और आम जनजीवन को प्रभावित किया है। गुरुवार सुबह सीकर और अलवर में खेतों और गाड़ियों पर बर्फ जमी नजर आई। माउंट आबू में न्यूनतम तापमान -3°C रिकॉर्ड हुआ, जबकि कई शहरों का तापमान 5°C से नीचे दर्ज किया गया।
मौसम विभाग ने छह जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी की है। वहीं, 16 जनवरी से शीतलहर में थोड़ी राहत मिलने की संभावना है और 19 जनवरी से हल्की बारिश या बूंदाबांदी के संकेत मिल रहे हैं।
सुबह की कड़ाके की ठंड और पाला
हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर के ग्रामीण इलाकों में बुधवार को तेज सर्दी और पाले के कारण खेतों में बर्फ जम गई। शेखावाटी और एनसीआर क्षेत्रों में भी बर्फीली हवाओं के चलते लोगों को परेशानी हो रही है।
प्रदेश के 15 शहरों का न्यूनतम तापमान 5°C से नीचे रिकॉर्ड किया गया। इनमें सीकर, अलवर, पिलानी, जैसलमेर, चूरू, गंगानगर, नागौर, सिरोही, फतेहपुर, करौली, दौसा, लूणकरणसर, झुंझुनूं और पाली शामिल हैं।
अचानक गिरा तापमान और फसलें प्रभावित
राजस्थान में पिछले दो दिनों के अपेक्षाकृत हल्के मौसम के बाद अचानक तापमान गिरा। सीकर के फतेहपुर और अलवर में रात का तापमान जमाव बिंदु के करीब दर्ज हुआ।
इस कारण खेतों में पाला और बर्फ जमा रही, जिससे फसलों के लिए खतरा बढ़ गया। शेखावाटी और एनसीआर वाले क्षेत्रों में भी बर्फीली हवाओं ने आम जीवन को प्रभावित किया। किसानों को अलर्ट किया गया है कि वे अपने संवेदनशील फसलों की सुरक्षा के उपाय करें।
न्यूनतम और अधिकतम तापमान का हाल
शेखावाटी सहित कई जिलों में रात में तापमान 5°C से नीचे रहा। वहीं, दिन में धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत मिली। कल दिन का अधिकतम तापमान बाड़मेर में 26.6°C और जवाई (पाली) में 26.4°C दर्ज हुआ। राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान 23.8°C रहा।
अलवर के ग्रामीण इलाकों में रात का तापमान जमाव बिंदु के करीब पहुंच गया। वहीं, सीकर के फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 0.2°C रिकॉर्ड हुआ। खेतों और गाड़ियों पर बर्फ जम गई, जिससे फसलें प्रभावित हुईं।
शीतलहर का प्रभाव: जानिए कहां-कहां हुआ पाला
शीतलहर के चलते पूरे प्रदेश में कई जगह पाला पड़ा। सीकर, फतेहपुर, अलवर, गंगानगर और हनुमानगढ़ जैसे जिलों में बर्फ और पाले ने फसलों को नुकसान पहुंचाया। किसानों को चेतावनी दी गई कि वे रात के समय संवेदनशील फसलों की सुरक्षा करें।
इसके अलावा, ठंड और बर्फ के कारण छोटे पशु-पक्षियों और सड़क यातायात पर भी असर पड़ा। एनसीआर क्षेत्रों में बर्फीली हवाओं और तेज सर्दी ने लोगों के जीवन को चुनौतीपूर्ण बना दिया।
मौसम विभाग की चेतावनी और भविष्यवाणी
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, राजस्थान में 16 जनवरी से शीतलहर में थोड़ी राहत मिलने की संभावना है। वहीं, 19 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है।
इस सिस्टम का असर जयपुर, भरतपुर और बीकानेर संभाग के जिलों में देखने को मिल सकता है। 19-20 जनवरी को इन इलाकों में कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है।
किसानों और आम जनता के लिए सलाह
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पाले और बर्फ से बचाव के लिए रात में ताड़ या आग का प्रबंध करें।
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संवेदनशील फसलों को ढककर रखें।
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सड़क और वाहन पर बर्फ जमने की संभावना को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतें।
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बुजुर्ग और बच्चों को ठंड से बचाने के लिए गर्म कपड़े पहनाएं।
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पशुपालकों को अपने पशुओं के लिए गर्म पानी और सुरक्षित आश्रय सुनिश्चित करना चाहिए।
मौसम से जुड़ी रोचक जानकारी
माउंट आबू जैसे हिल स्टेशन में तापमान लगातार -3°C पर बना हुआ है। सीकर, अलवर और फतेहपुर जैसे मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान जमाव बिंदु के करीब पहुंच गया।
पाला और बर्फ के कारण खेतों और गाड़ियों पर सफेद परत जम गई। इस दृश्य ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया। मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आगामी दो दिनों में मौसम में हल्की बारिश के साथ बदलाव देखने को मिल सकता है
राजस्थान में फिलहाल शीतलहर और पाले के कारण मौसम चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। किसानों और आम लोगों को सुरक्षा उपाय अपनाने की आवश्यकता है। मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार, 19 जनवरी से हल्की बारिश और तापमान में बदलाव के बाद लोगों को राहत मिल सकती है।