Budget 2026 : केंद्रीय बजट पूर्व बैठक में राजस्थान ने रखीं जल, ऊर्जा, सड़क और स्वास्थ्य प्राथमिकताएँ
Budget 2026 :केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले आयोजित बैठक में राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने जल, ऊर्जा, सड़क, स्वास्थ्य और पर्यटन से जुड़ी विकासात्मक व वित्तीय प्राथमिकताएँ रखीं। पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजना, यमुना जल संवहन, एम्स जयपुर और राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए विशेष बजटीय प्रावधान की मांग की गई।
Budget 2026 :बजट-पूर्व परामर्श बैठक में राजस्थान की मजबूत प्रस्तुति
नई दिल्ली में शनिवार को केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले आयोजित बजट-पूर्व परामर्श बैठक में राजस्थान सरकार ने राज्य की प्रमुख विकासात्मक और वित्तीय प्राथमिकताओं को केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से रखा। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने की, जिसमें राजस्थान की उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री श्रीमती दिया कुमारी ने राज्य की आवश्यकताओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
Budget 2026 :विकसित भारत-2047 के विजन के प्रति प्रतिबद्धता
बैठक को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि राजस्थान सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत-2047 के विजन और 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के लक्ष्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजस्थान इस राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति में सक्रिय भागीदारी निभा रहा है और आगे भी केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम करता रहेगा।
Budget 2026 :जल शक्ति क्षेत्र की परियोजनाओं को प्राथमिकता देने की मांग
उपमुख्यमंत्री ने जल शक्ति क्षेत्र को राजस्थान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कई प्रमुख परियोजनाओं को प्राथमिकता देने का अनुरोध किया। उन्होंने पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना को राष्ट्रीय महत्व की परियोजना घोषित करने और इसके लिए ₹5,000 करोड़ के विशेष प्रावधान की मांग रखी।
इसके साथ ही उन्होंने शेखावाटी क्षेत्र के लिए यमुना जल संवहन परियोजना को राष्ट्रीय परियोजनाओं में शामिल करने और इसके लिए ₹200 करोड़ के बजटीय प्रावधान का आग्रह किया। उनका कहना था कि इन परियोजनाओं से राज्य में जल संकट से निपटने में बड़ी मदद मिलेगी।
Budget 2026 :सूक्ष्म सिंचाई के लिए केंद्रीय सहायता की मांग
राजस्थान में सूक्ष्म सिंचाई की व्यापक संभावनाओं को देखते हुए श्रीमती दिया कुमारी ने ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ योजना के तहत ₹900 करोड़ की केंद्रीय सहायता की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।
Budget 2026 :ऊर्जा क्षेत्र में सुधार पर जोर
ऊर्जा क्षेत्र को लेकर उपमुख्यमंत्री ने पारेषण परियोजनाओं, ग्रिड स्थिरता, बैटरी ऊर्जा भंडारण और कुसुम योजना के अतिरिक्त लक्ष्यों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने राज्य की विद्युत उपयोगिताओं पर मौजूद उच्च ब्याज दर वाले ऋणों के पुनर्गठन की जरूरत को भी रेखांकित किया, ताकि ऊर्जा क्षेत्र को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाया जा सके।
Budget 2026 :सड़क अवसंरचना और एक्सप्रेसवे परियोजनाएं
सड़क अवसंरचना के क्षेत्र में श्रीमती दिया कुमारी ने वर्ष 2018 में घोषित 50 प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्गों को शीघ्र अधिसूचित करने का अनुरोध किया। इसके साथ ही उन्होंने ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए वीजीएफ (Viability Gap Funding) सहायता प्रदान करने की मांग भी रखी।
अमृत 2.0 मिशन की अवधि बढ़ाने की मांग
राज्य में शहरी विकास कार्यों को गति देने के लिए उपमुख्यमंत्री ने अमृत 2.0 मिशन की अवधि को मार्च 2028 तक बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इससे जलापूर्ति, सीवरेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं के कार्यों को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में एम्स जयपुर का प्रस्ताव
स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर उपमुख्यमंत्री ने जयपुर में एम्स (AIIMS) की स्थापना का प्रस्ताव रखा। इसके साथ ही उन्होंने पीएम-एबीएचआईएम योजना की अवधि बढ़ाने की भी मांग की, ताकि राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जा सके।
पर्यटन को आर्थिक विकास का आधार बताया
श्रीमती दिया कुमारी ने पर्यटन को राजस्थान की अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार बताते हुए हेरिटेज टूरिज्म सर्किट, अंतरराष्ट्रीय प्रचार-प्रसार और हवाई संपर्क विस्तार के लिए बजटीय सहयोग की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
संविदा कर्मचारियों के लिए निरंतर सहयोग की मांग
बैठक में यह भी आग्रह किया गया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत लंबे समय से कार्यरत संविदा कर्मचारियों की सेवाओं के नियमितीकरण के बाद भी केंद्र सरकार उनके वेतन और स्थापना व्यय में निरंतर सहयोग प्रदान करे।
पूंजीगत व्यय और वित्तीय साख से जुड़े सुझाव
उपमुख्यमंत्री ने एसएएससीआई योजना के अंतर्गत पूंजीगत व्यय बढ़ाने के लिए भाग-1 के अनटाइड फंड आवंटन को दोगुना करने और भाग-2 की परियोजनाओं की समय-सीमा बढ़ाने का अनुरोध किया। इसके साथ ही एसएनए-स्पर्श लागू होने के बाद तरलता प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए वित्तीय साख सीमाओं में वृद्धि की मांग भी रखी गई।
आगामी बजट से सकारात्मक उम्मीद
बैठक के अंत में श्रीमती दिया कुमारी ने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी केंद्रीय बजट देश के समावेशी आर्थिक विकास को नई गति देगा। उन्होंने दोहराया कि राजस्थान सरकार विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए केंद्र सरकार के साथ निरंतर सहयोग करती रहेगी।




