Rajasthan News Updates : बम धमाके की साजिश नाकाम, पाकिस्तान से भेजा IED, हनुमानगढ़ समेत तीन टारगेट
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Rajasthan News Updates : राजस्थान और हरियाणा में बड़े आतंकी हमले की साजिश का खुलासा हुआ है। पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजे गए आरडीएक्स और IED से हनुमानगढ़ समेत कई जगहों पर धमाके की योजना थी। अंबाला में तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहन जांच कर रही हैं।
Rajasthan News Updates : राजस्थान में बम धमाके की साजिश का खुलासा
राजस्थान में बड़े बम धमाके की साजिश का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान के आतंकी शहजाद भट्टी ने इस साजिश को रचा था और बॉर्डर एरिया वाले जिले हनुमानगढ़ में विस्फोट करने की योजना बनाई गई थी।
आतंकी नेटवर्क की ओर से इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) भी भेजी गई थी। हालांकि आरडीएक्स समय पर नहीं पहुंचने के कारण यह साजिश फिलहाल नाकाम हो गई।
इस पूरे मामले का खुलासा हरियाणा के अंबाला में करीब 2 किलो आरडीएक्स, IED और अन्य विस्फोटक सामग्री के साथ पकड़े गए तीन आरोपियों से पूछताछ के दौरान हुआ है। गिरफ्तार आरोपियों में एक आरोपी राजस्थान के अजमेर का रहने वाला बताया जा रहा है।
पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजा गया विस्फोटक
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जांच एजेंसियों के अनुसार पाकिस्तान से विस्फोटक सामग्री ड्रोन के जरिए भारत भेजी गई थी। फरवरी 2026 में यह खेप पंजाब के एक अज्ञात स्थान पर गिराई गई थी।
इसके बाद यह विस्फोटक अमृतसर के बड़ी नाग इलाके में रहने वाले मखनदीप के पास पहुंचा। वहां उसने बैटरी, डेटोनेटर और टाइमर की मदद से टिफिन बम तैयार किया।
बम तैयार होने के बाद इसे जंगबीर सिंह को सौंप दिया गया, जिसके जरिए आगे इस साजिश को अंजाम देने की योजना बनाई जा रही थी।
पहला धमाका हनुमानगढ़ में करने की योजना
सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि पहला बम धमाका राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में किया जाना था।
IED करीब चार दिनों तक हनुमानगढ़ में ही मौजूद रही, लेकिन आरडीएक्स समय पर नहीं पहुंच पाया। इसके कारण विस्फोट की योजना को फिलहाल टालना पड़ा और बाद में IED को वापस बुला लिया गया।
इसके बाद आरोपियों ने हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और चंडीगढ़ के कई इलाकों की रेकी की और उनके वीडियो आतंकी शहजाद भट्टी को भेजे।
तीन नए टारगेट तय किए गए
जांच में यह भी सामने आया कि आतंकी शहजाद भट्टी ने बाद में तीन नए टारगेट तय किए। आरोपियों को अंबाला में इन स्थानों में से किसी एक जगह विस्फोट करने का निर्देश दिया गया।
संभावित टारगेट थे:
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मुलाना का माता बाला सुंदरी मंदिर – जहां चैत्र नवरात्र के दौरान हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
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अंबाला के एक बड़े नेता का घर
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तोपखाना क्षेत्र का सैन्य ठिकाना
इन स्थानों पर हमला करने का उद्देश्य अधिकतम नुकसान पहुंचाना था।
ब्लास्ट करने निकले, रास्ते में पकड़े गए
आरोपी पैशन प्रो मोटरसाइकिल पर विस्फोटक सामग्री, IED, बैटरी, टाइमर और डेटोनेटर लेकर अंबाला कैंट की ओर निकले थे।
लेकिन लंबे समय से आतंकी शहजाद भट्टी को रडार पर रखे हुए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को इस साजिश की जानकारी मिल गई।
टीम ने रास्ते में नाका लगाकर तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। गिरफ्तारी के समय IED पूरी तरह एक्टिव था और उसे प्रेशर रिलीज स्विच से जोड़ा गया था, जिससे वह कभी भी फट सकता था।
बाद में बम निरोधक दस्ते ने मौके पर पहुंचकर टिफिन में फिट इस बम को सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया।
अजमेर का आरोपी भी शामिल
गिरफ्तार आरोपियों में अजमेर का रहने वाला अली अकबर उर्फ बाबू, जो मोहम्मद रमजान का पुत्र है, भी शामिल है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। इन मोबाइल फोन के जरिए आतंकी नेटवर्क से संपर्क और लोकेशन की जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा रही है।
एनआईए कर सकती है जांच
अंबाला में आरडीएक्स बरामद होने के बाद मामला बेहद गंभीर माना जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस मामले में हरियाणा पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
इसके साथ ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भी इस केस से संबंधित जानकारी मांगी है। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही इस मामले की जांच एनआईए को सौंपी जा सकती है।
आरडीएक्स से हो सकती थी बड़ी तबाही
विशेषज्ञों के अनुसार आरडीएक्स अत्यंत शक्तिशाली विस्फोटक होता है और इसका इस्तेमाल अक्सर आतंकवादी हमलों में किया जाता है।
करीब 2 किलो आरडीएक्स से यदि किसी भी भीड़भाड़ वाले स्थान पर विस्फोट होता, तो लगभग 100 से 200 मीटर के दायरे में भारी तबाही हो सकती थी और सैकड़ों लोगों की जान जा सकती थी।
इसी कारण सुरक्षा एजेंसियां इस मामले को बेहद गंभीरता से लेकर गहराई से जांच कर रही हैं।
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