Weather Updates : राजस्थान में आज ओले और आंधी का कहर, 29 जिलों में बारिश व फसलें प्रभावित
Weather Updates : राजस्थान में 4 अप्रैल को वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर जारी, 29 जिलों में तेज बारिश और ओलावृष्टि। जयपुर में आंधी से दो मौतें, मंडियों और खेतों में रबी फसलों को नुकसान। तापमान 7 डिग्री तक गिरा, मौसम वैज्ञानिकों ने अगले दिनों और सिस्टम सक्रिय होने की चेतावनी दी।
Weather Updates : राजस्थान में मौसम का मिजाज बदल रहा है
राजस्थान में 4 अप्रैल 2026 को वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर लगातार महसूस किया जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर ने 25 से ज्यादा जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। बीकानेर, श्रीगंगानगर और जैसलमेर में ओलावृष्टि दर्ज की गई, जबकि जयपुर में देर शाम आए अंधड़ के कारण दो लोगों की मौत हुई।
मौसम में इस तरह का बदलाव किसानों और आम नागरिकों दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है। मार्च महीने से लगातार सक्रिय रहे पश्चिमी विक्षोभ ने राजस्थान में अब तक 6 सिस्टम सक्रिय कर दिए हैं।
जयपुर में आंधी-बारिश से मौतें और नुकसान
राजधानी जयपुर में शुक्रवार शाम करीब 5 बजे अचानक तेज आंधी-बारिश शुरू हुई, जो रात 11 बजे तक जारी रही। बरसात और तेज हवाओं के कारण शहर के कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ।
- जवाहर नगर: बिजली का पोल गिरने से रामजीलाल महावर (50) की मौत हुई। वह बिजली पोल से जुड़े काम में लगे हुए थे।
- जवाहर सर्किल थाना क्षेत्र: तेज हवा के कारण गिरा ग्रेनाइट का पत्थर एक बुजुर्ग व्यक्ति पर जा गिरा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
इस आंधी-बारिश के दौरान कई पेड़ और विद्युत पोल भी गिर गए, जिससे शहर में बिजली कटौती और यातायात अवरुद्ध रहा।
तापमान में गिरावट और दिन में हल्की ठंडक
मौसम विज्ञानियों के अनुसार तेज बारिश और ओलावृष्टि के कारण अधिकांश शहरों का अधिकतम तापमान गिरकर 7-8 डिग्री सेल्सियस तक हो गया। श्रीगंगानगर, बीकानेर, जयपुर और नागौर में दिन के समय हल्की ठंडक महसूस की गई।
- चित्तौड़गढ़ और अलवर में शुक्रवार का अधिकतम तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
- अन्य शहरों में तापमान में गिरावट और हवा की तेज़ी ने आम लोगों के लिए मौसम चुनौतीपूर्ण बना दिया।
मंडियों और खेतों में फसलें प्रभावित
बारिश और ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर कृषि पर पड़ा है। रबी की फसलें, खासकर गेहूं, सरसों और चना, कई जिलों में नुकसान झेल रही हैं।
- मंडियों में खुले में रखी फसलें भीग गई हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान हो सकता है।
- मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार सिस्टम सक्रिय होने से फसलों का संरक्षण चुनौतीपूर्ण हो गया है।
पिछले 24 घंटे में बारिश और ओलावृष्टि का आंकड़ा
राज्य के कई जिलों में 3 अप्रैल तक तेज बारिश और ओले गिरे। पिछले 24 घंटे में दर्ज आंकड़े निम्नलिखित हैं:
- अजमेर: 17.6 MM
- हनुमानगढ़: 11.5 MM
- झुंझुनूं: 12.2 MM
- नागौर: 4 MM
- श्रीगंगानगर: 1.4 MM
- जोधपुर: 1.5 MM
- सीकर: 3 MM
- पिलानी: 1.9 MM
बीकानेर, बाड़मेर, जालोर, टोंक और अलवर में भी तेज बारिश और ओले की सूचना मिली।
आगामी मौसम का पूर्वानुमान

मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि:
- 5-6 अप्रैल को आंधी-बारिश की गतिविधियों में कुछ कमी देखने को मिलेगी।
- 7 अप्रैल को एक नया मजबूत सिस्टम सक्रिय होगा, जिससे बारिश-आंधी की संभावना फिर से बन सकती है।
- उदयपुर, अजमेर, कोटा, जयपुर, भरतपुर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र के कुछ जिलों में तेज आंधी और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है।
लगातार सिस्टम सक्रिय होने का कृषि और जनजीवन पर असर
13 मार्च से लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण राजस्थान में मौसम का पैटर्न असामान्य हो गया है। इसके परिणामस्वरूप:
- रबी फसलों को नुकसान
- मंडियों में फसलों का भीगना
- तापमान में असामान्य गिरावट
- जनजीवन में अड़चनें, बिजली कटौती और सड़क यातायात प्रभावित
मौसम वैज्ञानिकों ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे सुरक्षित स्थान पर रहें और किसानों को अपनी फसलें सुरक्षित करने के लिए तात्कालिक कदम उठाने चाहिए।

