Summer Special Trains : गर्मी की छुट्टियों में रेलवे की बड़ी तैयारी, लंबी वेटिंग से यात्रियों को मिलेगी राहत
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Summer Special Train : गर्मी की छुट्टियों को देखते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे ने राजस्थान से उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात और महाराष्ट्र रूट पर स्पेशल ट्रेनों का संचालन बढ़ाया है। अप्रैल से जून के बीच कई ट्रेनों की अवधि बढ़ाई गई है, जिससे लंबी वेटिंग से जूझ रहे यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने में राहत मिलेगी।
Summer Special Train : गर्मी की छुट्टियों में यात्रियों की भीड़ बढ़ी, रेलवे ने बढ़ाई स्पेशल ट्रेनें
गर्मी की छुट्टियों की शुरुआत के साथ ही ट्रेनों में यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी है। खासकर राजस्थान से उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात और महाराष्ट्र जाने वाले रूट पर लंबी वेटिंग लिस्ट देखने को मिल रही है, जिससे यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने में परेशानी हो रही है।
इस स्थिति को देखते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे ने ज्यादा डिमांड वाले रूट पर स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू करने और कई ट्रेनों की अवधि बढ़ाने का फैसला लिया है। रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को राहत देना और भीड़ को नियंत्रित करना है, ताकि सफर सुरक्षित और सुगम हो सके।
अप्रैल से जून के बीच चलेगी स्पेशल ट्रेनें, कनेक्टिविटी होगी मजबूत
रेलवे अधिकारियों के अनुसार अप्रैल से जून के बीच इन स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा। यह निर्णय यात्रियों की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
इन स्पेशल ट्रेनों के संचालन से राजस्थान से बाहर जाने वाले यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा। खासतौर पर गर्मी की छुट्टियों में घर जाने वाले लोगों, छात्रों और पर्यटकों को कन्फर्म टिकट मिलने में आसानी होगी।
रेलवे का मानना है कि अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन से भीड़ का दबाव कम होगा और यात्रियों की यात्रा अधिक आरामदायक बनेगी।
श्रीगंगानगर-समस्तीपुर स्पेशल ट्रेन के संचालन में विस्तार
गर्मी की छुट्टियों के दौरान श्रीगंगानगर-समस्तीपुर साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन (04731/04732) के संचालन में भी विस्तार किया गया है।
यह ट्रेन श्रीगंगानगर से 5 अप्रैल से 12 अप्रैल तक 2 ट्रिप और 19 अप्रैल से 28 जून तक 11 ट्रिप संचालित होगी। वहीं समस्तीपुर से यह ट्रेन 7 अप्रैल से 14 अप्रैल तक 2 ट्रिप और 21 अप्रैल से 30 जून तक 11 ट्रिप चलाई जाएगी।
इस रूट पर सोनपुर, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर स्टेशनों पर ट्रेन के समय में आंशिक बदलाव भी किया गया है, ताकि संचालन को अधिक सुचारु बनाया जा सके।
10 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों की अवधि बढ़ाई गई
यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रेलवे ने 10 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों की अवधि भी बढ़ा दी है। इन ट्रेनों को अप्रैल से जुलाई के बीच अलग-अलग तारीखों पर 2 से 14 ट्रिप तक संचालित किया जाएगा।
इनमें प्रमुख रूट शामिल हैं:
- हिसार–खडकी
- अजमेर–बांद्रा टर्मिनस
- अजमेर–दौंड
- बीकानेर–साईनगर शिर्डी
- हिसार–वलसाड
- भगत की कोठी–बांद्रा टर्मिनस
- अजमेर–सोलापुर
- जयपुर–बांद्रा टर्मिनस
- मदार–रोहतक
- उदयपुर सिटी–योगनगरी ऋषिकेश
रेलवे के अनुसार इन सभी ट्रेनों का ठहराव और संचालन समय पहले जैसा ही रहेगा, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा मिलेगी।
लालकुआं-राजकोट स्पेशल ट्रेन भी चलेगी, जयपुर समेत कई स्टेशनों पर ठहराव
गर्मी की छुट्टियों को ध्यान में रखते हुए लालकुआं-राजकोट साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन (05045) भी चलाई जा रही है, जो कुल 4 ट्रिप करेगी।
यह ट्रेन 5 अप्रैल से 26 अप्रैल तक हर रविवार को लालकुआं से दोपहर 12:35 बजे रवाना होगी और सोमवार को रात 12:35 बजे जयपुर पहुंचेगी। इसके बाद यह ट्रेन 00:45 बजे रवाना होकर शाम 6:10 बजे राजकोट पहुंचेगी।
वापसी में यह ट्रेन 6 अप्रैल से 27 अप्रैल तक हर सोमवार को रात 10:30 बजे राजकोट से रवाना होगी और बुधवार सुबह 5:15 बजे लालकुआं पहुंचेगी।
कई प्रमुख स्टेशनों पर होगा ठहराव, यात्रियों को मिलेगी सुविधा
इस स्पेशल ट्रेन का ठहराव रास्ते में कई प्रमुख स्टेशनों पर होगा, जिससे अधिक से अधिक यात्रियों को सुविधा मिल सके।
इन स्टेशनों में किच्छा, बहेड़ी, इज्जतनगर, बरेली सिटी, बरेली जंक्शन, बदायूं, कासगंज, हाथरस सिटी, मथुरा, भरतपुर, दौसा, जयपुर, फुलेरा, मकराना, जोधपुर, जालौर, पाटन, महेसाना और सुरेंद्रनगर जैसे स्टेशन शामिल हैं।
रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन में कुल 20 कोच लगाए हैं, जिनमें 1 सेकंड एसी, 2 थर्ड एसी, 11 स्लीपर, 4 जनरल और 2 गार्ड कोच शामिल हैं।
स्पेशल ट्रेनों से यात्रियों को सीधा फायदा, वेटिंग लिस्ट का दबाव होगा कम
रेलवे द्वारा स्पेशल ट्रेनों के संचालन और अवधि बढ़ाने का सबसे बड़ा फायदा यात्रियों को मिलेगा। गर्मी की छुट्टियों में अक्सर ट्रेनों में भीड़ बढ़ जाती है और वेटिंग लिस्ट लंबी हो जाती है।
अब अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन से यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी और यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी। इसके साथ ही रेलवे स्टेशनों पर भीड़ का दबाव कम होगा और यात्रा का अनुभव बेहतर बनेगा।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में यात्रियों की मांग के अनुसार और भी स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा सकता है।

