Radiology Workers Issue : रेडियोलॉजी कर्मियों ने उठाए सुरक्षा पर सवाल, 50 रुपए रेडिएशन अलाउंस पर काम करने को मजबूर
Radiology Workers Issue : इंदौर में विकिरण सुरक्षा दिवस पर रेडियोलॉजी कर्मियों ने सुरक्षा संसाधनों की कमी और मात्र 50 रुपए मासिक रेडिएशन अलाउंस मिलने पर सवाल उठाए। विशेषज्ञों ने एक्स-रे के खतरों और सुरक्षा उपायों पर जोर देते हुए सरकार से सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने और कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने की मांग की।
Radiology Workers Issue : रेडियोलॉजी कर्मियों ने सुरक्षा पर उठाए सवाल
विकिरण सुरक्षा दिवस पर सुरक्षा और जोखिमों पर हुई चर्चा
इंदौर में चिकित्सा विज्ञान की महत्वपूर्ण विधा रेडियोलॉजी के जनक विल्हेम कॉनराड रोंजन की जयंती (27 मार्च) पर ‘विकिरण सुरक्षा दिवस’ मनाया गया। इस अवसर पर रेडियोलॉजी क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों और कर्मचारियों ने एक्स-रे तकनीक की उपयोगिता के साथ-साथ उससे जुड़े खतरों और सुरक्षा उपायों पर गंभीर चर्चा की।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा में एक्स-रे और रेडियोलॉजी की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ जुड़े जोखिमों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
विशेषज्ञों ने रोंजन के योगदान को किया याद
कार्यक्रम का आयोजन सोसाइटी ऑफ इंडियन रेडियोग्राफर और मध्यप्रदेश रेडियोग्राफर संघ के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
वक्ताओं ने बताया कि विल्हेम कॉनराड रोंजन ने एक्स-रे जैसी क्रांतिकारी खोज को मानव सेवा के लिए समर्पित कर दिया था। उन्होंने इस खोज का पेटेंट नहीं कराया और इससे कोई आर्थिक लाभ नहीं लिया। इतना ही नहीं, उन्हें मिला नोबेल पुरस्कार भी उन्होंने समाज सेवा के लिए दान कर दिया था।
“लाखों जिंदगियां बचीं, लेकिन जोखिम भी बड़ा”
कार्यक्रम में भारतीय विकिरण संरक्षण परिषद एवं भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, मुंबई के सदस्य शिवाकांत वाजपेयी ने कहा कि एक्स-रे तकनीक ने लाखों लोगों की जान बचाई है, लेकिन इसकी जरा सी लापरवाही गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है।
उन्होंने चेतावनी दी कि रेडिएशन का असर केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आने वाली पीढ़ियों पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है।
Radiology Workers Issue : सुरक्षा संसाधनों की कमी पर उठाए गए सवाल
कार्यक्रम के दौरान रेडियोग्राफर्स ने सरकार पर सुरक्षा संसाधनों की अनदेखी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में रेडियोग्राफी कर्मियों को मात्र 50 रुपए प्रतिमाह रेडिएशन अलाउंस दिया जा रहा है, जो देश में सबसे कम है।
कर्मचारियों का कहना है कि इतनी कम राशि में वे अपनी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकते और उन्हें रोजाना अपनी जान जोखिम में डालकर काम करना पड़ता है। उन्होंने सरकार से सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने और उचित भत्ते देने की मांग की।
1995 से मनाया जा रहा है ‘विकिरण सुरक्षा दिवस’
उल्लेखनीय है कि ‘विकिरण सुरक्षा दिवस’ मनाने की शुरुआत 27 मार्च 1995 को इंदौर में मध्यप्रदेश रेडियोग्राफर संघ द्वारा की गई थी।
इस पहल में शिवाकांत वाजपेयी, विनोद तिवारी, मानसिंह चौधरी, शरद जैन और डॉ. एम.एस. गुजराल की अहम भूमिका रही। तब से हर वर्ष यह दिवस रेडियोलॉजी क्षेत्र में सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है।
कार्यक्रम में कई विशेषज्ञ रहे मौजूद
इस कार्यक्रम में शासकीय कैंसर चिकित्सालय से शरद जैन, गगन मोदी, पवन अहीरवार, अंचल सिसोदिया, अजय सोनी सहित कई विशेषज्ञ और कर्मचारी शामिल हुए।
कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ रेडियोग्राफर मानसिंह चौधरी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन विनोद तिवारी द्वारा किया गया।
कर्मचारियों ने सरकार से की सुरक्षा बढ़ाने की मांग
कार्यक्रम के अंत में रेडियोलॉजी कर्मियों ने सरकार से मांग की कि उन्हें पर्याप्त सुरक्षा उपकरण, नियमित स्वास्थ्य जांच और उचित रेडिएशन अलाउंस उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

