माटीकला को अंतरराष्ट्रीय पहचान: प्रहलाद राय टाक एशिया कॉन्टिनेंट अवार्ड-2025 से सम्मानित
राजस्थान श्री यादे माटी कला बोर्ड के चेयरमैन प्रहलाद राय टाक को माटीकला आर्ट में उत्कृष्ट कार्यों के लिए एशिया कॉन्टिनेंट अवार्ड-2025 मिला। काठमांडू में नेपाल के उपराष्ट्रपति परमानंद झा ने उन्हें सम्मानित किया। यह सम्मान कारीगरों के सशक्तिकरण और माटीकला संरक्षण के लिए दिया गया।
माटीकला को अंतरराष्ट्रीय पहचान: प्रहलाद राय टाक एशिया कॉन्टिनेंट अवार्ड-2025 से सम्मानित
राजस्थान की पारंपरिक माटीकला को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाले श्री यादे माटी कला बोर्ड, राजस्थान के चेयरमैन श्री प्रहलाद राय टाक को एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि हासिल हुई है। माटीकला आर्ट के क्षेत्र में लगातार दो वर्षों से किए जा रहे उत्कृष्ट, नवाचारपूर्ण और कारीगर-केंद्रित कार्यों के लिए उन्हें एशिया कॉन्टिनेंट अवार्ड-2025 से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान नेपाल की राजधानी काठमांडू में आयोजित एक भव्य अंतरराष्ट्रीय समारोह में प्रदान किया गया, जिसने राजस्थान की पारंपरिक कला को वैश्विक मंच पर गौरवान्वित किया।
काठमांडू में हुआ अंतरराष्ट्रीय सम्मान समारोह
एशिया कॉन्टिनेंट अवार्ड-2025 का यह भव्य आयोजन नेपाल के काठमांडू स्थित रशियन कल्चर सेंटर में किया गया। समारोह का आयोजन समरसता मंच द्वारा वैश्विक शांति और सांस्कृतिक समरसता के उद्देश्य से किया गया था।
कार्यक्रम में विभिन्न देशों की सांस्कृतिक, सामाजिक और शैक्षणिक हस्तियों की उपस्थिति रही, जिससे यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय महत्व का बन गया।
नेपाल के उपराष्ट्रपति ने किया सम्मान प्रदान
इस गरिमामय समारोह में नेपाल के उपराष्ट्रपति परमानंद झा ने स्वयं श्री प्रहलाद राय टाक को एशिया कॉन्टिनेंट अवार्ड-2025 से सम्मानित किया। सम्मान प्रदान करते हुए उन्हें—
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शॉल ओढ़ाकर
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पारंपरिक नेपाली टोपी पहनाकर
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प्रशस्ति पत्र
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मेडल
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तथा मोमेंटो
भेंट किए गए। यह सम्मान 25 राष्ट्रों के ध्वजों की उपस्थिति में प्रदान किया गया, जो इसकी अंतरराष्ट्रीय गरिमा को दर्शाता है।
माटीकला कारीगरों के उत्थान के लिए मिला अवार्ड
श्री प्रहलाद राय टाक को यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान उनके निर्देशन में माटी कला बोर्ड द्वारा पिछले दो वर्षों में किए गए प्रभावशाली कार्यों के लिए दिया गया। उनके नेतृत्व में बोर्ड ने माटीकला से जुड़े कारीगरों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए कई व्यावहारिक और दूरदर्शी कदम उठाए।
इनमें प्रमुख रूप से—
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माटीकला कारीगरों को इलेक्ट्रिक मशीनें उपलब्ध कराना
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उन्हें आधुनिक तकनीक का व्यावसायिक प्रशिक्षण देना
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राजस्थान सरकार की योजनाओं को कारीगरों तक प्रभावी रूप से पहुंचाना
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कारीगरों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करना
शामिल रहा। इन प्रयासों से माटीकला से जुड़े हजारों परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिला।
समरसता मंच की चयन समिति की अनुशंसा
एशिया कॉन्टिनेंट अवार्ड-2025, समरसता मंच की चयन समिति की अनुशंसा पर प्रदान किया गया। समिति ने श्री टाक के योगदान को पारंपरिक माटीकला संरक्षण, कारीगर सशक्तिकरण और कला को रोजगार से जोड़ने की दिशा में अनुकरणीय बताया।
समिति के अनुसार, श्री टाक का कार्य केवल कला तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक बदलाव का माध्यम भी बन चुका है।
वैश्विक शांति समरसता सम्मेलन का हिस्सा रहा आयोजन
यह सम्मान समारोह वैश्विक शांति समरसता सम्मेलन के अंतर्गत आयोजित किया गया। सम्मेलन का आयोजन राजनायिक सम्बन्ध वियना अभिशरण अधिनियम 1972 और विचार प्रेजेंटेशन के तहत किया गया।
सम्मेलन का उद्देश्य विभिन्न देशों के बीच सांस्कृतिक संवाद, शांति, आपसी सहयोग और वैश्विक एकता को मजबूत करना रहा।
समारोह में मौजूद रहीं कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियां
इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में नेपाल, भारत और अन्य देशों की कई प्रतिष्ठित हस्तियां मौजूद रहीं। प्रमुख अतिथियों में—
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नेपाल के उपराष्ट्रपति परमानंद झा
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दिव्य पुरुष परमपूज्य जगदगुरू शिवशक्ति महाराज
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नेपाल सरकार के पूर्व उप प्रधानमंत्री राजेंद्र महतो
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नेपाल की पूर्व लोकसभा स्पीकर श्रीमती इंदिरा राणा मगर
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रोमा यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली के चांसलर डॉ. हुकमचंद गणेशिया
शामिल रहे।
जगदगुरू शक्ति बाबा को मिला जम्बूद्वीप पद्मश्री अलंकरण
इसी कार्यक्रम के दौरान जगदगुरू शक्ति बाबा को जम्बूद्वीप पद्मश्री वर्ष-2025 अलंकरण से विभूषित किया गया। यह सम्मान उनके आध्यात्मिक और सामाजिक योगदान के लिए प्रदान किया गया।
बड़ी संख्या में प्रतिभाओं को मिला सम्मान
सम्मान समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं को भी सम्मानित किया गया। आयोजन के दौरान—
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31 प्रतिभाओं को एशिया कॉन्टिनेंट अलंकरण
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11 प्रतिभाओं को अटल गौरव अलंकरण
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31 प्रतिभाओं को वैश्विक एकता अलंकरण
से सम्मानित किया गया। यह आयोजन वैश्विक सहयोग और प्रतिभा सम्मान का प्रतीक बना।
मंच संचालन
कार्यक्रम का मंच संचालन जम्बूद्वीप पद्मश्री इंजी. नरेन्द्र कुमार पाण्डेय (एडवोकेट) द्वारा किया गया। उनके कुशल संचालन से कार्यक्रम अनुशासित, प्रभावशाली और गरिमामय रहा।
राजस्थान की माटीकला के लिए गौरव का क्षण
श्री प्रहलाद राय टाक को मिला एशिया कॉन्टिनेंट अवार्ड-2025 न केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान है, बल्कि यह राजस्थान की माटीकला, कारीगरों और पारंपरिक हस्तशिल्प के लिए भी गौरव का विषय है। यह सम्मान माटीकला को वैश्विक मंच पर नई पहचान देने वाला साबित हो रहा है।



