New Gas Rule 2026 : घर के पास पाइपलाइन आने पर PNG कनेक्शन अनिवार्य, नहीं लिया तो 90 दिन बाद LPG बंद
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New Gas Rule 2026 : सरकार ने नेचुरल गैस और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026 लागू किया है। अब घर के पास पाइपलाइन होने पर PNG कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा। नोटिस मिलने के 90 दिन बाद भी कनेक्शन नहीं लेने पर LPG सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी जाएगी। जानें नए नियम, फायदे और प्रक्रिया।
New Gas Rule 2026 : घर के पास PNG पाइपलाइन, तो कनेक्शन लेना ही होगा: नहीं लिया तो बंद होगी LPG सप्लाई
सरकार का बड़ा फैसला: 3 महीने का नोटिस, फिर बंद हो जाएगा सिलेंडर
केंद्र सरकार ने गैस आपूर्ति को लेकर बड़ा फैसला लिया है। नए नियम के तहत यदि आपके घर के पास पाइपलाइन पहुंच चुकी है और आपने पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का कनेक्शन नहीं लिया है, तो आने वाले समय में आपकी LPG सिलेंडर सप्लाई बंद की जा सकती है।
सरकार ने यह व्यवस्था नेचुरल गैस और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026 के तहत लागू की है। इसका उद्देश्य गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करना और आपूर्ति व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना बताया गया है।
सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस संकट और मिडिल-ईस्ट में चल रहे युद्ध जैसे हालात को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में घरेलू गैस की कमी न हो।
कैसे लागू होगा नया नियम: पहले नोटिस, फिर 90 दिन का समय

नए नियम के अनुसार, गैस कंपनी सबसे पहले उस घर या सोसाइटी को आधिकारिक नोटिस देगी, जहां पाइपलाइन पहुंच चुकी है।
- नोटिस मिलने के बाद 90 दिन (3 महीने) का समय दिया जाएगा
- इस अवधि में PNG कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा
- यदि तय समय में कनेक्शन नहीं लिया गया, तो उस पते पर LPG सिलेंडर की सप्लाई बंद कर दी जाएगी
यह नियम व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पते (Address) पर लागू होगा। यानी अगर किसी घर तक पाइपलाइन संभव है, तो उस पते पर सिलेंडर की आपूर्ति बंद की जा सकती है, चाहे वहां मालिक रहे या किराएदार।
नए नियम की 4 बड़ी बातें, जो हर उपभोक्ता को जानना जरूरी
1. सोसाइटी को 3 दिन में पाइपलाइन की मंजूरी देनी होगी

पहले कई हाउसिंग सोसाइटी या RWA (Resident Welfare Association) पाइपलाइन बिछाने की अनुमति देने में देरी करती थीं, जिससे परियोजनाएं अटक जाती थीं।
अब नए नियम के तहत:
- कंपनी द्वारा अनुमति मांगने पर 3 दिन के अंदर मंजूरी देना अनिवार्य होगा
- यदि सोसाइटी मना करती है या देरी करती है
- तो वहां रहने वाले सभी घरों की LPG सप्लाई रोकी जा सकती है
इस कदम का उद्देश्य गैस नेटवर्क का तेजी से विस्तार करना है।
2. सरकारी विभागों को तय समय में मंजूरी देनी होगी
पाइपलाइन परियोजनाओं में अक्सर फाइलें लंबे समय तक अटकी रहती थीं। अब सरकार ने इसके लिए समय सीमा तय कर दी है।
- छोटे नेटवर्क के लिए 10 दिन में मंजूरी
- बड़ी पाइपलाइन के लिए 60 दिन में मंजूरी
- तय समय में जवाब नहीं मिलने पर डीम्ड क्लियरेंस (ऑटोमैटिक मंजूरी) मान ली जाएगी
इससे परियोजनाओं में देरी कम होगी और गैस आपूर्ति नेटवर्क तेजी से बढ़ेगा।
3. जमीन मालिक को मिलेगा दोगुना मुआवजा
यदि पाइपलाइन किसी निजी जमीन से गुजरती है, तो जमीन मालिक को मुआवजा देने का स्पष्ट नियम बनाया गया है।
- जमीन के कमर्शियल सर्किल रेट का 30% मुआवजा
- 24 घंटे में मंजूरी देने पर 60% यानी दोगुना मुआवजा
- विवाद होने पर अंतिम निर्णय डेजिग्नेटेड अथॉरिटी (जैसे कलेक्टर) लेगी
इससे जमीन अधिग्रहण से जुड़े विवादों को जल्दी सुलझाने में मदद मिलेगी।
4. सुरक्षा और बचत को ध्यान में रखकर बनाया गया नियम

सरकार का दावा है कि PNG कनेक्शन LPG सिलेंडर की तुलना में अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक है।
फायदे:
- सिलेंडर खत्म होने की चिंता नहीं
- केवल इस्तेमाल की गई गैस का भुगतान
- रिसाव का खतरा कम
- घर में स्टोरेज की जरूरत नहीं
संभावित नुकसान:
- उपभोक्ता के विकल्प सीमित हो सकते हैं
- पाइपलाइन उपलब्ध होने पर सिलेंडर का विकल्प खत्म हो जाएगा
PNG कनेक्शन लेने पर LPG सिलेंडर करना होगा सरेंडर
सरकार ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी घर में PNG कनेक्शन लग जाता है, तो वहां LPG सिलेंडर रखना संभव नहीं होगा।
नए नियम के अनुसार:
- PNG कनेक्शन लेने के बाद
- पुराना LPG सिलेंडर सरेंडर करना अनिवार्य होगा
- भविष्य में उस पते पर नया LPG कनेक्शन भी नहीं मिलेगा
सरकार इससे पहले भी LPG सप्लाई को लेकर कई बार नियमों में बदलाव कर चुकी है, लेकिन यह सबसे सख्त व्यवस्था मानी जा रही है।
किराएदार के लिए क्या होगा नियम और प्रक्रिया
यदि आप किराए के घर में रहते हैं, तो भी PNG कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं।
प्रक्रिया इस प्रकार है:
मकान मालिक के जरिए:
- मालिक के नाम पर कनेक्शन लगवाना सबसे आसान तरीका
- पाइपलाइन स्थायी संपत्ति का हिस्सा बन जाती है
किराएदार के नाम पर:
- रेंट एग्रीमेंट की कॉपी
- मकान मालिक की NOC (अनापत्ति प्रमाणपत्र)
- पहचान और पता प्रमाण
यदि किराएदार के नाम पर पहले से LPG कनेक्शन है, तो उसे भी सरेंडर करना होगा।
मकान मालिक मना करे, तब भी बंद हो सकती है LPG सप्लाई
नए नियम के अनुसार, यदि मकान मालिक पाइपलाइन लगाने से मना करता है, तब भी उस पते पर LPG सप्लाई बंद की जा सकती है।
सरकार का नियम स्पष्ट है:
- यदि किसी पते तक पाइपलाइन पहुंचना संभव है
- तो तेल कंपनियां वहां सिलेंडर देना बंद कर देंगी
- यह निर्णय व्यक्ति नहीं, लोकेशन के आधार पर लिया जाएगा
इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी उपभोक्ता धीरे-धीरे पाइप्ड गैस प्रणाली में शामिल हो जाएं।
घर बदलने पर क्या करना होगा: जानें आसान प्रक्रिया
यदि आप घर बदलते हैं, तो PNG कनेक्शन उसी पते पर रहेगा।
आपको केवल:
- गैस कंपनी को घर छोड़ने की सूचना देनी होगी
- कंपनी आपका अकाउंट बंद करेगी
- सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस कर दिया जाएगा
नए घर में यदि पाइपलाइन सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो आप फिर से LPG सिलेंडर ले सकते हैं।
उपभोक्ताओं के लिए 3 सबसे महत्वपूर्ण सवाल और उनके जवाब
सवाल 1: क्या मुझे अभी सिलेंडर लौटाना होगा?
जवाब: नहीं। पहले कंपनी नोटिस देगी और 3 महीने का समय मिलेगा।
सवाल 2: क्या PNG, LPG से सस्ती है?
जवाब: हां, आमतौर पर PNG में केवल उपयोग की गई गैस का भुगतान करना होता है, इसलिए यह सस्ती पड़ सकती है।
सवाल 3: अगर मेरे घर तक पाइपलाइन तकनीकी रूप से संभव नहीं हो तो?
जवाब: ऐसी स्थिति में आपकी LPG सप्लाई बंद नहीं की जाएगी। यह नियम केवल उन घरों पर लागू होगा जहां पाइपलाइन पहुंचना संभव है।
भविष्य में गैस आपूर्ति का नया मॉडल बन सकता है PNG नेटवर्क
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत में गैस आपूर्ति का स्वरूप तेजी से बदल सकता है। पाइप्ड गैस नेटवर्क के विस्तार से शहरों और कस्बों में ऊर्जा आपूर्ति अधिक सुरक्षित, सस्ती और व्यवस्थित हो सकती है।
सरकार का यह कदम उसी दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जो घरेलू गैस व्यवस्था को आधुनिक और स्थायी बनाने की कोशिश है।

