डीपफेक रोकने को AI कंटेंट पर लेबल जरूरी: PM मोदी
उन्होंने कहा कि जिस तरह खाने के पैकेट पर ‘न्यूट्रिशन लेबल’ होता है, उसी तरह डिजिटल कंटेंट पर भी ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ होना चाहिए, ताकि डीपफेक और असली सामग्री में फर्क किया जा सके।
पीएम मोदी के भाषण की 5 बड़ी बातें
1. एआई में ‘भय’ नहीं, ‘भाग्य’
पीएम ने कहा कि भारत एआई को डर नहीं, बल्कि विकास और उज्ज्वल भविष्य के अवसर के रूप में देखता है।
2. M.A.N.A.V विजन
उन्होंने एआई के लिए वैश्विक फ्रेमवर्क प्रस्तावित किया—
Moral, Accountable, National Sovereignty, Accessible, Valid।
यानि एआई नैतिक, जवाबदेह, संप्रभु, सुलभ और वैध होना चाहिए।
3. ‘ब्लैक बॉक्स’ नहीं, ‘ग्लास बॉक्स’
एआई प्लेटफॉर्म्स पारदर्शी हों, ताकि उनके सेफ्टी रूल्स जांचे और परखे जा सकें।
4. डेटा के लिए ग्लोबल ट्रस्ट
‘गार्बेज इन, गार्बेज आउट’ सिद्धांत का जिक्र करते हुए उन्होंने भरोसेमंद डेटा फ्रेमवर्क की जरूरत बताई।
5. एआई सेवा का माध्यम
पीएम ने कहा कि एआई सत्ता का हथियार नहीं, बल्कि मानवता की सेवा का जरिया होना चाहिए। यूपीआई और कोविन जैसे प्लेटफॉर्म्स का उदाहरण देते हुए उन्होंने तकनीक के लोकतंत्रीकरण पर जोर दिया।
अंबानी का ₹10 लाख करोड़ निवेश, AI से नौकरियां बढ़ेंगी
समिट में मुकेश अंबानी ने ऐलान किया कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड अगले सात वर्षों में ₹10 लाख करोड़ से अधिक का निवेश करेगी।
उन्होंने कहा कि भारत को “इंटेलिजेंस युग” में ले जाने के लिए जामनगर में मल्टी-गीगावॉट एआई डेटा सेंटर बनाया जा रहा है। 2026 के दूसरे हिस्से तक 120 मेगावॉट क्षमता शुरू करने का लक्ष्य है।
अंबानी ने एआई की तुलना ‘अक्षय पात्र’ से करते हुए कहा कि यह नौकरियां नहीं छीनेगा, बल्कि हाई-स्किल अवसर पैदा करेगा।
टाटा और गूगल की बड़ी घोषणाएं
एन चंद्रशेखरन ने बताया कि टाटा ग्रुप देश का पहला ‘नेक्स्ट जनरेशन’ AI-ऑप्टिमाइज्ड डेटा सेंटर बना रहा है, जिसकी शुरुआती 100 मेगावॉट क्षमता ओपनएआई के साथ साझेदारी में विकसित होगी।
वहीं सुंदर पिचाई ने कहा कि गूगल भारत में 15 बिलियन डॉलर के निवेश के तहत फुल-स्टैक AI हब स्थापित कर रहा है, जो अरबों लोगों की जिंदगी बदल सकता है।
वैश्विक भागीदारी और भारत का मिशन
समिट में 110 से अधिक देश, 20 राष्ट्राध्यक्ष और करीब 100 CEOs शामिल हुए।
पीएम ने बताया कि भारत के पास 38,000 GPUs हैं और अगले छह महीनों में 24,000 और जोड़े जाएंगे।
उन्होंने कहा कि एआई का भविष्य कुछ देशों तक सीमित नहीं होना चाहिए। भारत का लक्ष्य है—AI को ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत पर मानवता के कल्याण के लिए इस्तेमाल करना।
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 से साफ संकेत है कि भारत अब एआई को केवल तकनीकी क्रांति नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और वैश्विक परिवर्तन के औजार के रूप में देख रहा है।