Passengers Upset With SpiceJet Airlines’ Delay: पुणे से जयपुर जाने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट छह घंटे देरी से रवाना: यात्रियों ने एयरपोर्ट पर किया हंगामा
पुणे स्पाइसजेट एयरलाइंस की फ्लाइट SG-1080, जो गुरुवार शाम को पुणे से जयपुर के लिए रवाना होनी थी, निर्धारित समय से 7 घंटे की देरी से टेक ऑफ कर पाई।

इस दौरान यात्रियों को कई बार अलग-अलग उड़ान समय की जानकारी दी गई, लेकिन हर बार उड़ान में देरी होती रही, जिससे यात्रियों में नाराज़गी फैल गई।
फ्लाइट को शाम 7:30 बजे पुणे एयरपोर्ट से उड़ान भरनी थी। लेकिन तकनीकी खराबी का हवाला देकर एयरलाइन ने उड़ान को टाल दिया। यात्रियों को पहले रात 9:30 बजे, फिर 12:30 बजे और अंततः 1:23 बजे टेक ऑफ का समय दिया गया। तीनों बार वादे के बावजूद देरी होती रही, जिससे यात्रियों का धैर्य जवाब दे गया।
खाने-पीने की व्यवस्था नहीं, यात्रियों में रोष
इस दौरान यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पर खाने-पीने या आराम की कोई व्यवस्था नहीं की गई। कई यात्रियों ने आरोप लगाया कि एयरलाइन स्टाफ ने उनके सवालों का सही जवाब नहीं दिया और बदसलूकी की।
स्टाफ पर सही से जवाब नहीं देने का आरोप लगाया
पुणे से जयपुर आने वाली पैसेंजर सुमित्रा माथुर ने कहा- स्पाइसजेट एयरलाइंस कंपनी की लचर कार्यशैली की वजह से पैसेंजर को बेवजह परेशान होना पड़ रहा है। पुणे एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट एयरलाइन स्टाफ न तो हमें सही से जवाब दे रहा है। न ही हमारे लिए पीने के पानी तक की व्यवस्था की गई। इससे सैकड़ों पैसेंजर को बेवजह परेशान होना पड़ा। ऐसे में केंद्र सरकार को इस तरह पैसेंजर के साथ दुर्व्यवहार करने वाली एयरलाइन कंपनी के खिलाफ सख्त एक्शन लेना चाहिए।
यात्रियों ने एयरलाइन स्टाफ से की बहस, बाद में टेक ऑफ
फ्लाइट में सवार एक अन्य यात्री अमिताभ अग्निहोत्री ने बताया, हम शाम 6:30 बजे से एयरपोर्ट पर इंतजार कर रहे थे। बार-बार टेक ऑफ का समय बदलते गए, लेकिन कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। स्टाफ से जब हमने जानकारी मांगी तो बदतमीज़ी से बात की गई।
जब नाराज़गी बढ़ी और यात्री हंगामे पर उतर आए तो आखिरकार देर रात 1:23 बजे फ्लाइट को जयपुर के लिए रवाना किया गया। जयपुर एयरपोर्ट पर यात्री करीब 3:30 बजे पहुंचे।
यात्रियों की मांग – एयरलाइन के खिलाफ कार्रवाई हो
यात्रियों ने केंद्र सरकार और एविएशन मंत्रालय से मांग की है कि यात्रियों के साथ इस तरह के व्यवहार पर स्पाइसजेट जैसी एयरलाइनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। यात्रियों ने कहा कि बार-बार तकनीकी खराबी और असुविधाओं का हवाला देकर जिम्मेदारी से बचना उचित नहीं है।

