Supreme Court Guidelines : पैरामेडिकल कॉलेजों को राहत, सुप्रीम कोर्ट से नए कोर्स और सीट बढ़ाने पर लगी रोक हटी

Supreme Court Guidelines : सुप्रीम कोर्ट ने पैरामेडिकल संस्थानों को बड़ी राहत देते हुए नए कोर्स और सीट बढ़ाने पर लगी रोक हटा दी है। NCAHP के नए दिशा-निर्देश लागू होंगे। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए संस्थानों को राहत मिली है, जिससे हेल्थकेयर शिक्षा क्षेत्र को बड़ा फायदा होगा।
Supreme Court Guidelines : सुप्रीम कोर्ट से पैरामेडिकल संस्थानों को बड़ी राहत
सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के अलाइड और हेल्थकेयर (पैरामेडिकल) संस्थानों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।
कोर्ट ने नए कोर्स शुरू करने और सीटें बढ़ाने पर लगी रोक से जुड़ी याचिकाओं का निस्तारण करते हुए संस्थानों को बड़ी राहत दी है।
NCAHP के नए दिशा-निर्देशों को दी मंजूरी
खंडपीठ जिसमें जस्टिस पमिदिघनतम नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे शामिल थे, ने
नेशनल कमीशन फॉर अलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशंस द्वारा 8 अप्रैल को जारी नए दिशा-निर्देशों को रिकॉर्ड पर लेते हुए अंतिम आदेश पारित किया।
हाईकोर्ट के फैसलों को दी गई थी चुनौती
यह मामला राजस्थान हाईकोर्ट के उन फैसलों से जुड़ा था, जिनमें नए कोर्स शुरू करने पर रोक को सही ठहराया गया था।
हाईकोर्ट की:
- एकल पीठ (3 सितंबर 2025)
- खंडपीठ (18 सितंबर 2025)
दोनों ने याचिकाओं को खारिज कर दिया था, जिसके बाद संस्थानों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
रोक का आदेश क्यों लगाया गया था?
NCAHP ने 9 दिसंबर 2024 को एक आदेश जारी कर दिया था, जिसमें कहा गया था कि जब तक नए रेगुलेशन तैयार नहीं हो जाते, तब तक:
- नए कोर्स शुरू नहीं किए जाएंगे
- सीटों में बढ़ोतरी नहीं होगी
इस फैसले से देशभर के पैरामेडिकल संस्थान प्रभावित हुए थे।
सुप्रीम कोर्ट ने मांगा था जवाब
7 अप्रैल की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने आयोग से पूछा था कि रेगुलेशन लागू करने में देरी क्यों हो रही है और इससे पूरी प्रक्रिया क्यों ठप पड़ी है।
इसके जवाब में सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के. रवींद्र कुमार ने आयोग द्वारा जारी नया पत्र कोर्ट के सामने रखा।
पुराना आदेश निरस्त, नया लागू
8 अप्रैल को जारी पत्र में आयोग ने पुराने रोक वाले आदेश को ‘supersede’ कर दिया।
इसका मतलब है कि अब नई अंतरिम व्यवस्था लागू होगी और पुराने प्रतिबंध प्रभावी नहीं रहेंगे।
2026-27 सत्र के लिए मिली राहत
नई व्यवस्था के तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए संस्थानों को चार बड़ी राहतें दी गई हैं:
1. मौजूदा कोर्स जारी रहेंगे
जिन संस्थानों के कोर्स पहले से अनुमोदित हैं, वे बिना किसी बाधा के जारी रहेंगे।
2. सीटों में बढ़ोतरी की अनुमति
मानकों को पूरा करने वाले संस्थान अपनी सीटें बढ़ा सकेंगे।
3. नए कोर्स शुरू करने की छूट
नए कोर्स शुरू किए जा सकते हैं, लेकिन इसके लिए राज्य सरकार से ‘आवश्यकता प्रमाण-पत्र’ लेना जरूरी होगा।
4. बिना अनुमोदन वाले कोर्स पर रोक जारी
जिन कोर्स की पाठ्यचर्या अभी तक मंजूर नहीं हुई है, उन पर रोक जारी रहेगी।
कोर्ट ने आयोग को दिए निर्देश
अंतिम सुनवाई के दौरान उमेश बलोंडा कोर्ट में उपस्थित रहे।
याचिकाकर्ताओं ने नए दिशा-निर्देशों पर संतोष जताया और याचिकाओं के निस्तारण की मांग की।
कोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया कि:
- सभी आवेदनों पर तेजी से विचार किया जाए
- प्रक्रिया में देरी न हो
- पूरी व्यवस्था की निगरानी आयोग स्वयं करे
शिक्षा क्षेत्र को मिलेगा बड़ा फायदा
इस फैसले से देशभर के पैरामेडिकल और हेल्थकेयर शिक्षा संस्थानों को बड़ा लाभ मिलेगा।
- नए कोर्स शुरू होंगे
- सीटें बढ़ेंगी
- छात्रों को अधिक अवसर मिलेंगे
यह फैसला स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन की कमी को दूर करने में भी मददगार साबित होगा।
निष्कर्ष
सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय पैरामेडिकल शिक्षा क्षेत्र के लिए राहत भरा है।
लंबे समय से जारी अनिश्चितता खत्म होने के बाद अब संस्थान नए कोर्स और सीट विस्तार के साथ आगे बढ़ सकेंगे।
इससे न केवल शिक्षा क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होने की उम्मीद है।

