Pakistani Spy Arrested : 5 हजार में पाकिस्तान भेज रहा था सेना की खुफिया जानकारी, जैसलमेर का युवक गिरफ्तार
Pakistani Spy Arrested : जैसलमेर से पकड़े गए पाकिस्तानी जासूस ने 19 महीनों तक ISI को भारतीय सेना की गुप्त जानकारी भेजी। मोबाइल में चैट सबूत मिले हैं। टास्क के बदले 5 से 10 हजार रुपए का भुगतान होता था। आरोपी 5 दिन की रिमांड पर है।
Pakistani Spy Arrested : 5 हजार में पाकिस्तान भेज रहा था सेना की खुफिया जानकारी
राजस्थान के जैसलमेर से पकड़े गए एक पाकिस्तानी जासूस ने देश की सुरक्षा एजेंसियों को चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी युवक पिछले 19 महीनों से भारतीय सेना की गुप्त जानकारियां पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI को भेज रहा था। बदले में उसे हर टास्क के अनुसार 5 से 10 हजार रुपए का भुगतान किया जाता था।
राजस्थान इंटेलिजेंस की कार्रवाई के बाद यह मामला अब राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बन गया है।
Pakistani Spy Arrested : मोबाइल में ISI हैंडलर्स से चैट और सबूत मिले
जांच एजेंसियों को आरोपी के मोबाइल फोन से ISI हैंडलर्स के साथ हुई चैट, फोटो और अन्य डिजिटल सबूत मिले हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के संपर्क में आया था।
हनीट्रैप और पैसों के लालच में आकर उसने लगातार संवेदनशील सूचनाएं साझा कीं।
Pakistani Spy Arrested : 30 जनवरी को जैसलमेर से किया गया था गिरफ्तार

एडीजी (इंटेलिजेंस) प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि
पोकरण के सांकड़ा निवासी झबराराम (28) को 30 जनवरी को जैसलमेर से गिरफ्तार किया गया था।
जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहा था और सोशल मीडिया के जरिए लगातार ISI हैंडलर्स के संपर्क में बना हुआ था।
Pakistani Spy Arrested : कोर्ट में पेश, 5 दिन की रिमांड पर भेजा गया
शनिवार दोपहर करीब 12:30 बजे राजस्थान इंटेलिजेंस की टीम आरोपी को कोर्ट में पेश कर लाई।
कोर्ट ने आरोपी झबराराम को 5 दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है।
इस दौरान उससे कई अहम जानकारियां निकलने की उम्मीद जताई जा रही है, खासकर यह कि वह कितने ISI हैंडलर्स से जुड़ा हुआ था और किन-किन सूचनाओं को साझा कर चुका है।
टास्क देकर मांगी जाती थी इंडियन आर्मी की जानकारी
जांच में सामने आया है कि ISI हैंडलर्स आरोपी को अलग-अलग टास्क देते थे।
इन टास्क के तहत उससे—
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सेना की गतिविधियों की जानकारी
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फोटो और लोकेशन
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सीमावर्ती इलाकों की रिपोर्ट
मांगी जाती थी।
टास्क पूरा होने पर उसके बैंक अकाउंट में छोटे-छोटे अमाउंट (5 से 10 हजार रुपए) ट्रांसफर किए जाते थे। उसके खाते में कई बार पेमेंट आने के सबूत मिले हैं।
OTP देकर पाकिस्तान में एक्टिव कराया WhatsApp
जांच एजेंसियों के मुताबिक आरोपी ने अपने नाम से जारी सिम कार्ड का OTP ISI हैंडलर्स को दे दिया था, जिससे पाकिस्तान में बैठकर उसका WhatsApp अकाउंट एक्टिव कराया गया।
इसी WhatsApp के जरिए देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था और संवेदनशील सूचनाएं साझा की जा रही थीं।
19 महीने से लगातार कर रहा था जासूसी
इंटेलिजेंस जांच में खुलासा हुआ है कि झबराराम पिछले करीब 19 महीनों से पाकिस्तान के लिए जासूसी कर रहा था।
हनीट्रैप और पैसों के लालच में आकर वह लगातार इंडियन आर्मी से जुड़ी जानकारियां साझा करता रहा।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ में और भी बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
पाकिस्तानी जासूस किन सूचनाओं की डिमांड करते हैं?
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, युद्ध या तनाव के समय हर छोटी जानकारी दुश्मन देश के लिए बेहद अहम होती है। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां जासूसों से खास तौर पर ये जानकारियां मांगती हैं—
1. सेना की मूवमेंट
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सेना के आने-जाने का समय
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तैनाती स्थल
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BOP (Border Out Post)
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फेंसिंग की स्थिति
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सैन्य स्ट्रक्चर की फोटो और लोकेशन
2. ब्रिज और सैन्य सड़कें
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अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े पुल
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अंडरब्रिज, ओवरब्रिज
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सैन्य सड़कों का नेटवर्क
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नए निर्माण कार्यों की डिटेल
3. स्कूल, हॉस्टल और प्रशासनिक इमारतें
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आर्मी एरिया में स्थित स्कूल
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हॉस्टल और एडमिनिस्ट्रेटिव बिल्डिंग
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मोबाइल टावर की लोकेशन और फोटो
ऐसी कई सूचनाएं साझा करने के मामलों में पहले भी जासूसों को पकड़ा जा चुका है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस तरह की जासूसी गतिविधियां राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा हैं। सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए फंसाया जाता है और धीरे-धीरे उन्हें देश विरोधी गतिविधियों में शामिल कर लिया जाता है।
राजस्थान इंटेलिजेंस और अन्य केंद्रीय एजेंसियां अब इस नेटवर्क के हर लिंक की गहराई से जांच कर रही हैं।

