Railway News : बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस में एलएचबी कोच, यात्रियों को ज्यादा सीटें और सुविधा मिलेगी
Railway News : दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस में एलएचबी कोच लगाने का फैसला किया। 30 मार्च से बिलासपुर और 31 मार्च से इंदौर से शुरू होने वाले इन कोचों में यात्रियों को अधिक आराम, सुरक्षा और बढ़ी हुई सीट सुविधा मिलेगी।
Railway News : एलएचबी कोच से यात्रियों को आरामदायक सफर
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर जोन, ने घोषणा की है कि बिलासपुर-इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 18234/18233) में अब एलएचबी (Linke Hofmann Busch) कोच लगाए जाएंगे।
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बिलासपुर से यह सुविधा 30 मार्च 2026 से लागू होगी।
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इंदौर से इसके संचालन की शुरुआत 31 मार्च 2026 से होगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन नए कोचों से यात्रियों को सुरक्षित, आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिलेगा।
एलएचबी कोच क्या हैं और क्यों बेहतर हैं
एलएचबी कोच पारंपरिक कोचों की तुलना में कई मायनों में बेहतर हैं:
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सुरक्षा: एलएचबी कोच में रैखिक टक्कर अवशोषण प्रणाली होती है, जिससे दुर्घटना के समय जोखिम कम होता है।
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आराम: इन कोचों में सीटें अधिक आरामदायक हैं और इंटीरियर यात्रियों के लिए विस्तृत है।
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सेटिंग और क्षमता: एलएचबी कोच में पारंपरिक कोचों की तुलना में अधिक सीटें और कंफर्म बर्थ उपलब्ध होती हैं।
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गति: एलएचबी कोच उच्च गति में स्थिर रहते हैं, जिससे लंबी दूरी की यात्रा सहज होती है।
सेटों की संख्या में वृद्धि
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रेलवे प्रशासन ने बताया कि एलएचबी कोच लगने से ट्रेन में सीटों की संख्या बढ़ जाएगी। इसका सीधा फायदा यह होगा कि अधिक यात्री कंफर्म बर्थ पा सकेंगे।
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यह बदलाव यात्रियों के बढ़ते मांग और भीड़भाड़ के मद्देनजर किया गया है।
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पारंपरिक कोचों की तुलना में एलएचबी कोच ज्यादा यात्री समायोजित कर सकते हैं, जिससे यात्रा के दौरान भीड़ कम होगी।
रेलवे का उद्देश्य और योजना
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर जोन, के अधिकारियों के अनुसार:
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सभी ट्रेनों में पुराने पारंपरिक कोचों को हटाकर चरणबद्ध तरीके से एलएचबी कोच लगाए जा रहे हैं।
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यह पहल यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने और सुरक्षा मानकों को बढ़ाने के लिए की जा रही है।
रेलवे ने बताया कि आने वाले महीनों में अन्य मुख्य ट्रेन रूटों में भी इस परिवर्तन की योजना है।
यात्रियों के लिए लाभ
एलएचबी कोच लगने से यात्रियों को कई लाभ मिलेंगे:
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बेहतर सीट सुविधा – अधिक सीटें और आरामदायक बर्थ।
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सुरक्षा में सुधार – बेहतर संरचना और दुर्घटना सुरक्षा।
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सफर का अनुभव – कम कंपन, शांत और व्यवस्थित कोच में यात्रा।
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बढ़ी हुई क्षमता – अधिक यात्री यात्रा कर सकेंगे, विशेषकर त्योहार और छुट्टियों के समय।
रेलवे अधिकारी ने कहा कि इस बदलाव से यात्रियों की संतुष्टि और यात्रा की गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।
रेलवे का भविष्य का रोडमैप
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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने एलएचबी कोच लगाने की योजना को सभी प्रमुख जोन और रूटों में विस्तारित करने की घोषणा की है।
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इसका उद्देश्य सुरक्षा, आराम और समय पर संचालन सुनिश्चित करना है।
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यात्रियों को पूर्व बुकिंग और सीट कंफर्मेशन में आसानी भी होगी।
निष्कर्ष
बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस में एलएचबी कोच लगने से यह ट्रैन यात्रियों के लिए और अधिक सुविधाजनक, आरामदायक और सुरक्षित बन जाएगी।
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यह पहल रेलवे की यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने की लगातार कोशिश का हिस्सा है।
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आने वाले समय में अन्य रूटों में भी एलएचबी कोच का विस्तार होगा।
इस बदलाव से यात्रा सुरक्षित, आरामदायक और संतोषजनक होगी, साथ ही सीटों की उपलब्धता भी बढ़ेगी।

