Moradabad Latest Updates : खाकी पर लगा दाग, सर्विलांस टीम ने मेडिकल स्टोर स्वामी को बनाया निशाना
फर्जी ड्रग टीम बनकर की छापेमारी
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद में पुलिस विभाग की छवि को धूमिल करने वाला मामला सामने आया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय से संचालित सर्विलांस टीम के पांच सदस्यों पर एक मेडिकल स्टोर संचालक को डरा-धमकाकर अवैध वसूली करने का गंभीर आरोप लगा है।
आरोप है कि सर्विलांस प्रभारी वीर बोस अपने चार साथियों—शिवम चिकारा, विपिन शर्मा, यश दहिया और मनोज यादव के साथ कोतवाली क्षेत्र के एक मेडिकल स्टोर पर पहुंचे। उन्होंने खुद को ड्रग विभाग और शासन की विशेष उड़नदस्ता टीम बताकर छापेमारी शुरू कर दी।
Moradabad Latest Updates : तोड़फोड़ और सीसीटीवी उखाड़ने का आरोप
पीड़ित के भाई अधिवक्ता जमशेद कुरैशी के अनुसार, करीब एक माह पहले पुलिसकर्मी उनके भाई को जबरन हिरासत में ले गए और जेल भेजने की धमकी देकर एक लाख रुपये की मांग की। परिजनों ने डर के चलते 40 हजार रुपये की व्यवस्था कर उन्हें दे दिए, जिसके बाद उवैद को छोड़ा गया।
एसएसपी ने कराई गोपनीय जांच

मामला जब सतपाल अंतिल के संज्ञान में आया, तो उन्होंने सीओ कटघर वरुण कुमार को गोपनीय जांच सौंपी। आसपास लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर पांचों पुलिसकर्मी पीड़ित को साथ ले जाते हुए दिखाई दिए।
साक्ष्य सामने आने के बाद आरोपी पुलिसकर्मी संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके। प्राथमिक जांच रिपोर्ट के आधार पर एसएसपी ने सर्विलांस प्रभारी वीर बोस समेत पांचों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए।
महकमे में मचा हड़कंप
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति है।
प्रशासन का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
कानून के रक्षक पर सवाल
यह मामला पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है। खाकी पर लगे इस दाग ने आम जनता के बीच भरोसे को झटका दिया है। हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों की त्वरित कार्रवाई से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा।
अब विभागीय जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।