Moradabad : एसआईआर नोटिस से मचा हड़कंप, घंटों लाइन में खड़े रहे ग्रामीण
भगतपुर टांडा ब्लॉक में अचानक बढ़ी भीड़
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद के ब्लॉक भगतपुर टांडा में एसआईआर (विशेष पुनरीक्षण) के नोटिस जारी होते ही मंगलवार को अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मतदाता सूची में नाम कटने या त्रुटि की आशंका से बड़ी संख्या में ग्रामीण आवश्यक दस्तावेज लेकर ब्लॉक कार्यालय पहुंच गए। सुबह दफ्तर खुलने से पहले ही परिसर में लंबी कतारें लग गईं।
ग्रामीणों में यह आशंका बनी रही कि यदि समय रहते सत्यापन नहीं कराया गया तो उनका नाम मतदाता सूची से हट सकता है। इसी डर के चलते लोग घर के कामकाज छोड़कर ब्लॉक कार्यालय पहुंच गए।
ताजपुर माफी, सेहल और कांकरखेड़ा से पहुंचे ग्रामीण

ब्लॉक परिसर में ताजपुर माफी, सेहल और कांकरखेड़ा सहित आसपास के गांवों से आए लोगों की भारी भीड़ देखी गई। लोग आधार कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेजों के साथ सत्यापन कराने पहुंचे थे।
कई ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें अचानक नोटिस मिला, जिससे वे घबरा गए। उनका कहना था कि पहले से स्पष्ट सूचना मिलती तो इतनी अफरा-तफरी की स्थिति नहीं बनती।
घंटों कतार में खड़े रहे लोग
दफ्तर खुलने से पहले ही ब्लॉक परिसर में लंबी लाइन लग गई थी। भीड़ अधिक होने और कर्मचारियों की संख्या सीमित होने के कारण कार्य की गति धीमी रही।
नाम जुड़वाने, संशोधन कराने और दस्तावेजों के सत्यापन में काफी समय लगा। कई लोगों को तीन से चार घंटे तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। धूप में खड़े रहने से महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मूलभूत सुविधाओं की कमी

ब्लॉक परिसर में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। पेयजल की कमी भी लोगों को खलती रही। ग्रामीणों का कहना था कि जब इतनी बड़ी संख्या में लोगों को बुलाया गया है, तो प्रशासन को व्यवस्था भी उसी अनुरूप करनी चाहिए थी।
महिलाओं और बुजुर्गों के लिए अलग से काउंटर या छाया की व्यवस्था न होने से असुविधा और बढ़ गई।
ग्रामीणों की मांग: बढ़ें काउंटर और कर्मचारी
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि सत्यापन प्रक्रिया को तेज करने के लिए अतिरिक्त काउंटर खोले जाएं और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए।
उनका कहना है कि कई लोगों को बार-बार ब्लॉक कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे समय और धन दोनों की हानि हो रही है। ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि भविष्य में इस प्रकार की प्रक्रिया के लिए पहले से जागरूकता अभियान चलाया जाए।
प्रशासन का पक्ष
संबंधित अधिकारियों के अनुसार सत्यापन प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी है। प्रशासन का कहना है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा।
अधिकारियों ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और निर्धारित तिथि पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर प्रक्रिया पूर्ण कराने की अपील की है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि यदि भीड़ अधिक रहती है तो व्यवस्था को और बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे।
क्या है एसआईआर (विशेष पुनरीक्षण) प्रक्रिया?
एसआईआर यानी विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची को अद्यतन किया जाता है। इसमें नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं, त्रुटियों को सुधारा जाता है और अपात्र नामों को हटाया जाता है।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव के समय मतदाता सूची पूरी तरह शुद्ध और अद्यतन रहे। हालांकि, जागरूकता की कमी के कारण कई बार ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रम की स्थिति बन जाती है।
निष्कर्ष
भगतपुर टांडा ब्लॉक में एसआईआर नोटिस जारी होने के बाद जो स्थिति बनी, उसने प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम नहीं हटेगा, फिर भी अचानक बढ़ी भीड़ और अव्यवस्था ने ग्रामीणों को परेशान कर दिया।
अब देखना होगा कि प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है, ताकि सत्यापन प्रक्रिया सुचारू और पारदर्शी ढंग से पूरी हो सके।