Monsoon 2025: राजस्थान में मानसून सीजन में अब तक रिकॉर्ड बारिश: 63% बांध फुल: क्लाइमेट चेंज का असर बता रहे एक्सपर्ट
जयपुर राजस्थान में इस साल का मानसून ऐतिहासिक साबित हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 जून से 9 सितंबर तक राज्य में कुल 701.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। यह बीते कई वर्षों के मुकाबले काफी ज्यादा है। विशेषज्ञ इसे क्लाइमेट चेंज का असर मान रहे हैं।

गौर करने वाली बात यह है कि मानसून अभी विदा नहीं हुआ है और बारिश का आंकड़ा पहले ही 700 मिमी पार कर चुका है। हालांकि, आगामी 7 दिनों तक बारिश की संभावना नहीं है।
25 साल बाद नदी में आया पानी, ग्रामीणों ने मनाया जश्न
मंगलवार को दौसा जिले में एक सुखी पड़ी नदी में 25 साल बाद पानी आया, तो स्थानीय ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया। वहीं, श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ में घग्गर नदी पार करते समय तीन युवक फंस गए। इनमें से दो युवक तो खुद ही निकल आए, लेकिन तीसरा दलदल में फंस गया, जिसे स्थानीय लोगों ने ट्यूब की मदद से रेस्क्यू कर बाहर निकाला।
ज्यादातर जिलों में मौसम साफ रहा पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के उत्तर-पश्चिमी जिलों को छोड़कर शेष सभी जगह मौसम साफ रहा। हनुमानगढ़, जैसलमेर में मंगलवार को दिन में हल्के बादल छाने के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश हुई।जयपुर, अजमेर, उदयपुर, कोटा, भरतपुर संभाग के सभी जिलों और जोधपुर संभाग के अधिकांश जिलों में दिनभर धूप रही। शाम को हल्की सुहावनी हवाएं चली
कुल 701.6MM बरसात हो चुकी मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक पिछले 20 साल में क्लाइमेट चेंज का असर ही है कि राजस्थान जैसे सूखे प्रांत में अब बारिश औसत से ज्यादा होने लगी है। मौसम केंद्र जयपुर की रिपोर्ट देखें तो इस सीजन में 1 जून से अब तक (9 सितंबर तक) कुल 701.6MM बरसात हो चुकी है, जबकि मानसून अभी विदा नहीं हुआ है। साल 1917 के मानसून सीजन में राजस्थान में कुल 844.2MM बरसात दर्ज हुई थी, जो राजस्थान अब तक की सर्वाधिक बरसात होने का रिकॉर्ड है।
इस बार जुलाई में सबसे ज्यादा बरसात मानसून के इस सीजन में पिछले तीन माह में सबसे ज्यादा बरसात जुलाई में हुई। जून में 125.3, जुलाई में 290 और अगस्त में 184MM बरसात दर्ज हुई। जबकि 1 से 8 सितंबर तक 94MM बरसात हो चुकी है।

