Basti Updates : मोहन भागवत के बयान पर मंत्री राजभर का समर्थन, बोले भारत रोक सकता है मिडिल ईस्ट युद्ध
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Basti Updates : संघ प्रमुख मोहन भागवत के मिडिल ईस्ट युद्ध पर दिए बयान का मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समर्थन किया। बस्ती में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि भारत चाहे तो युद्ध समाप्त कर सकता है। साथ ही उन्होंने कई अन्य राजनीतिक मुद्दों पर भी प्रतिक्रिया दी।
Basti Updates : बस्ती में गरमाई सियासत, मोहन भागवत के बयान पर मंत्री राजभर का समर्थन
बस्ती जिले में इन दिनों अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर जहां मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा है, वहीं भारत में इस मुद्दे पर नेताओं के बयान सुर्खियों में हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत द्वारा दिया गया बयान—कि भारत चाहे तो युद्ध समाप्त कर सकता है—अब राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बन गया है।
इसी क्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज विभाग के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी इस बयान का समर्थन करते हुए कहा कि भारत की वैश्विक स्थिति इतनी मजबूत है कि वह शांति स्थापित करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

Basti Updates : संतकबीरनगर दौरे के दौरान दिया बयान

मंत्री ओम प्रकाश राजभर संतकबीरनगर जिले के दौरे पर पहुंचे थे। इस दौरान बड़ेंबन चौराहे पर कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ाते हुए संगठन को मजबूत करने की बात कही।
मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। खासकर मोहन भागवत के बयान पर उन्होंने स्पष्ट कहा:
“भारत चाहे तो मिडिल ईस्ट में चल रहा युद्ध समाप्त कर सकता है।”
Basti Updates : मिडिल ईस्ट युद्ध पर भारत की भूमिका
राजभर ने कहा कि आज भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत राष्ट्र के रूप में उभरा है। भारत की कूटनीतिक ताकत और वैश्विक संबंधों को देखते हुए वह किसी भी बड़े संघर्ष में मध्यस्थता कर सकता है।
उन्होंने संकेत दिया कि यदि भारत सक्रिय पहल करे, तो शांति वार्ता संभव हो सकती है और युद्ध को रोका जा सकता है।
फिल्म ‘धुरंधर 2’ विवाद पर प्रतिक्रिया
मंत्री ने हाल ही में चर्चा में आई फिल्म धुरंधर 2 को लेकर भी बयान दिया। फिल्म में समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद अतीक अहमद को आईएसआई एजेंट बताए जाने पर उन्होंने कहा:
“सरकार फिल्म नहीं बनवा रही है, फिल्म निर्देशक बना रहे हैं। अगर सेंसर बोर्ड को लगेगा कि समाज में विसंगति फैल सकती है, तो वह जरूरी कट लगाएगा।”
बनारस में गंगा किनारे इफ्तार पर उठाए सवाल
वाराणसी में गंगा नदी पर नाव में बैठकर मुस्लिम समुदाय द्वारा इफ्तार किए जाने पर भी राजभर ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा:
“पूजा-पाठ घर, मंदिर, मस्जिद या गिरजाघर में होना चाहिए। इस तरह सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक आयोजन करना उचित नहीं है।”
उन्होंने इसे गलत निर्णय बताते हुए कहा कि इस तरह की गतिविधियों से सामाजिक संतुलन प्रभावित हो सकता है।
पंचायत चुनाव को लेकर क्या बोले मंत्री

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर भी मंत्री ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि मामला फिलहाल हाई कोर्ट में है और 25 तारीख को सुनवाई निर्धारित है।
“25 तारीख को जो निर्णय होगा, उसी के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय होगी।”
राजनीतिक बयानबाजी तेज
मोहन भागवत के बयान के बाद एनडीए के सहयोगी दलों का समर्थन सामने आना यह दर्शाता है कि यह मुद्दा अब केवल अंतरराष्ट्रीय नहीं बल्कि घरेलू राजनीति का भी हिस्सा बन चुका है।
राजभर के बयान से यह साफ है कि सरकार और उसके सहयोगी दल भारत की वैश्विक भूमिका को लेकर आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं।
निष्कर्ष
बस्ती में दिए गए इस बयान ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत की विदेश नीति और वैश्विक भूमिका अब घरेलू राजनीति में भी प्रमुख मुद्दा बनती जा रही है।
जहां एक ओर मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीदें बनी हुई हैं, वहीं भारत के नेताओं के ऐसे बयान देश की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय ताकत को दर्शाते हैं। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या भारत वास्तव में किसी बड़े वैश्विक संघर्ष में मध्यस्थता की भूमिका निभाता है या नहीं।

